शक्तिपीठों के उद्भव की कथा विभिन्न पुराणों व ग्रंथों में मिलती है। कहा जाता है कि जिन-जिन स्थानों पर मां सती के शरीर के अंग गिरे, वे स्थान शक्तिपीठों के रूप में प्रसिद्ध हुए। कहां-कहां गिरे सती के अंगभाग लेख में पढ़ें।
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अथ देवी कवच
ॐ चण्डिका देवी को नमस्कार है। र्कण्डेयजी ने कहा- पितामह! जो इस संसार में परम गोपनीय तथा मनुष्यों की सब प्रकार से रक्षा करने वाला है और जो अब तक आपने दूसरे किसी के सामने प्रकट नहीं किया हो, ऐसा कोई साधन मुझे बताइए॥1॥
मां अम्बे को प्रसन्न करता है- गरबा
गरबा गुजरात का लोकनृत्य ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का प्रमुख हिस्सा है। गुजरात में सभी शुभ अवसरों पर खासकर नवरात्र में गरबा किया जाता है। गरबा नवरात्र में उत्साह व उमंग का संचार करता है।
मां दुर्गा के अस्त्र-शस्त्र
दुर्गा विभिन्न देवी-देवताओं के शक्ति समर्थन से महान बनी हैं।
इस आद्याशक्ति को शिव ने त्रिशूल, विष्णु ने चक, वरुण ने शंख, अग्नि ने शक्ति, वायु ने धजुष बाण, इन्द्र जे वज्र और यमराज ने गदा देकर अजेय बनाया। दूसरे देवताओं ने मां दुर्गा को उपहार स्वरूप हर चूडामणि, कूंडल, कंगन, नुपूर, कण्ठहार आदि तमाम आभूषण दिए।
दुर्गा मा की 108 नामावली
सती- जिसे जिंद जला दिया गया साध्वी- आशावादी, भवप्रिता- जो ब्रह्मांड को प्रेम करती हो, भवानी- ब्रह्मांड की निवासी, भावमोचनी- ब्रह्मांड की मुक्तिदाता आर्या- देवी दूर्गा- अजेय जया- विजयी आद्या- प्रारंभिक वास्तविकता त्रिनेत्र- जिसके तीन नेत्र हों शूलधारिणी- शूल धारण किए हुए पिनाकाधारिणी- त्रिशुल धारण किए हुए चित्रा- सुरम्य अंद्रघंटा- जिसके पास आकर्षक घड़ियाल (घंटा) हो महातप- गंभीर तपस्या के साथ मनाह- मस्तिष्क (दिमाग) बुद्धि- ज्ञान अहंकारा- गर्व के आगे चित्तापुरा- जो सोच एवं समझ में […]
देवी एवं दिन अनुसार स्तुति तथा मंत्र जाप
नौ दिनों तक चलने वाला नवरात्रि का पर्व पूरे भारत में बड़े हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यूं तो इस पर्व में मां भगवती की पूजा-अर्चना एवं व्रत आदि करने का प्रचलन है परंतु इन नौ दिनों में मात्र भगवती की ही नहीं बल्कि उनके नौ रूपों की विधिवत पूजा ही इस व्रत को सार्थक बनाती है। मां के कौन से रूप का, किस दिन पूजन किया जाना चाहिए।
नवरात्र व्रत की पूजन विधि
मां भगवती भक्तों परअसीम कृपा करने वालीहैं। नवरात्र व्रत में विधि-विधान से पूजन करउनका आशीर्वाद प्राप्तकिया जा सकता है। क्याहैं नियम? क्या? वर्जनाएंतथा कैसे करेंनियमानुसार मां का पूजनजानिए।
मोक्ष द्वार
अनंत है जीवन का रहस्य, सीमा से परे है इसका ज्ञान धर्म क्या है, क्या है कर्म? क्या है भाग्य, क्या है मोक्ष? ईएसआई उधेड़-बुन में जीवन बीत जाता है पर उत्तर नहीं मिलत। जीवन के इन्हीं पर्श्नों का समाधान है साधना-पथ।
नौ कन्याओं का पूजन
हमारे यहां नारि को देवी का रूप माना जाता है, इसका साक्षरता प्रमाण है नवरात्र का त्योहार। नवरात्र पूजा के आठवें व नौवें दिन नौ कुंवारी कन्याआं का पूजन कर उन्हें भोजन कराने व यथोचित उपहार देने की परंपरा रही है। विस्तार से जानिए लेख में।
