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आशीष-सुमन-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: मैं एक शादी पर गया और शगुन की रस्म अदा करने के बाद वहां भोजन हाल में भोजन शुरू करने के लिए प्लेट उठाने लगा तो एक बालक ने नमस्कार करते हुए मेरे पांव छुए। मैंने उसे आशीर्वाद तो दिया परन्तु उसे पहचान न सका। सोचा, कोई परिचित होगा, कोई जान-पहचान वाला होगा। […]

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