Wide view of Ken River flowing over rocky gorge and waterfall
Rare gemstone phenomenon found uniquely in Ken River

Summary: इस नदी की सबसे ख़ास बात

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर बहने वाली केन नदी ऐसी ही एक अद्भुत नदी है जो अपने पानी के साथ एक दुर्लभ और बेशकीमती पत्थर भी बहाकर लाती है

Ken River Shazar Stone: भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि अपने भीतर प्रकृति के अनोखे रहस्य भी समेटे हुए हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर बहने वाली केन नदी ऐसी ही एक अद्भुत नदी है जो अपने पानी के साथ एक दुर्लभ और बेशकीमती पत्थर भी बहाकर लाती है, जिसे ‘शजर पत्थर’ कहा जाता है। यह पत्थर दुनिया में केवल केन नदी क्षेत्र में ही मिलता है, इसी कारण इसका विशेष महत्व है। प्राकृतिक सौंदर्य, भूगर्भीय अनोखापन और स्थानीय जीवन से जुड़ी मान्यताओं ने इसे और भी खास बना दिया है।

What Shazar Stone is and why it is special
What Shazar Stone is and why it is special

शजर पत्थर एक विशेष प्रकार का अर्ध-कीमती रत्न है जिसके भीतर पेड़-पौधों जैसी प्राकृतिक आकृतियाँ दिखाई देती हैं। अरबी भाषा में ‘शजर’ का अर्थ पेड़ होता है और यही कारण है कि इस पत्थर को यह नाम मिला। यह दिखने में साधारण पत्थर जैसा लगता है लेकिन काटने और पॉलिश करने पर इसके अंदर उभरी आकृतियाँ इसे बेहद आकर्षक बना देती हैं। आभूषण और सजावटी वस्तुओं में इसका उपयोग किया जाता है।

भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार केन नदी का प्रवाह क्षेत्र लाखों साल पुराने चट्टानी और खनिज बहुल इलाके से गुजरता है। नदी के तेज बहाव और तल में मौजूद खनिजों के कारण शजर पत्थर का निर्माण होता है। यही कारण है कि दुनिया की किसी और नदी में यह पत्थर नहीं मिलता। केन नदी की यही विशिष्टता इसे वैश्विक स्तर पर अलग पहचान देती है।

Local communities’ lives closely linked with Shazar Stone
Local communities’ lives closely linked with Shazar Stone

केन नदी के किनारे बसे कई गांवों में शजर पत्थर स्थानीय आजीविका का साधन भी है। बरसात के बाद नदी के किनारों और तलहटी में ये पत्थर मिल जाते हैं। ग्रामीण इन्हें चुनकर इकट्ठा करते हैं और स्थानीय बाजारों में बेचते हैं। कुछ लोग इससे छोटे आभूषण और स्मृति-चिह्न भी बनाते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय होती है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार शजर पत्थर सौभाग्य और शांति का प्रतीक माना जाता है। कई लोग इसे घर में रखने या पहनने से सकारात्मक ऊर्जा मिलने की बात कहते हैं। कुछ क्षेत्रों में यह भी विश्वास है कि यह पत्थर मानसिक स्थिरता और धैर्य बढ़ाता है। इसी कारण इसका उपयोग केवल सजावटी नहीं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी किया जाता है।

Conservation needs and future of Shazar Stone
Conservation needs and future of Shazar Stone

शजर पत्थर की बढ़ती मांग के कारण इसके अंधाधुंध संग्रह से केन नदी के पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि नियंत्रित और संतुलित संग्रह ही इसका समाधान है। यदि नदी और उसके आसपास के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखा गया, तभी यह दुर्लभ रत्न आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सकेगा। केन नदी और शजर पत्थर हमें यह सिखाते हैं कि प्रकृति के अनमोल उपहार केवल उपयोग की वस्तु नहीं, बल्कि संरक्षण की जिम्मेदारी भी हैं। यही संतुलन इस अनोखे रत्न को सच में बेशकीमती बनाता है।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...