Is Air Fryer Healthy: एयर फ्रायर आजकल हर किचन का ट्रेंड बन गया है। बिना तेल के पकने वाले स्नैक्स से लेकर कुरकुरे समोसे तक- ये डिवाइस वाकई में कितना काम का है? जानिए क्या ये आपकी रसोई में जगह पाने लायक है, या सिर्फ एक चलन बनकर रह जाएगा।
फ्रायिंग का मतलब ज्यादातर लोगों के लिए होता है- तेल में डूबा कुरकुरा खाना, जो स्वादिष्ट तो होता है, लेकिन सेहत के लिहाज से खतरे की घंटी भी। ऐसे में एयर फ्रायर जैसे स्मार्ट किचन गैजेट्स का आना एक सेहत की क्रांति की तरह देखा जा रहा है। ये वादा करते हैं वही स्वाद, लेकिन बिना तेल के। भारतीय रसोई में समोसे, टिक्की, पकोड़े, कचौड़ी जैसी चीजें सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि भावनाएं हैं। और जब यही स्वाद एयर फ्रायर में बिना तेल के बन जाएं, तो क्या ये डिवाइस वाकई कमाल का नहीं? बाजार में फिलिप्स, हॉवेल्स, प्रेस्टीज और इनाल्सा जैसे ब्रांड्स के मॉडल्स खूब बिक रहे हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या एयर फ्रायर सच में उतना उपयोगी है जितना लोग कह रहे हैं? क्या ये हर रोज के किचन काम में फिट होता है? क्या इसमें बना खाना उतना ही स्वादिष्ट होता है? और सबसे बड़ी बात, क्या ये वाकई हेल्दी है? आइए इन सब सवालों का जवाब विस्तार से जानते हैं।
एयर फ्रायर कैसे करता है काम
एयर फ्रायर एक छोटा-सा किचन अपलायंस है जो गर्म हवा के जरिए खाने को पकाता है। इसमें फैन लगे होते हैं जो 200 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हवा को चारों ओर घुमाकर खाना क्रिस्पी बनाते हैं- वो भी बिना या बेहद कम तेल के। यानी आपको मिलता है फ्राइड जैसा स्वाद, लेकिन बेकिंग
जैसा हेल्थी फॉर्म।
सच में स्वादिष्ट बनता है
यह सवाल हर भारतीय के मन में जरूर आता है। एयर फ्रायर में पकोड़े, समोसे, टिक्की जैसी चीजें बिना तेल में तले भी कुरकुरी बनती हैं। हालांकि पारंपरिक फ्राइंग जैसा डीप स्वाद न हो, लेकिन हल्का और सेहतमंद खाना पसंद करने वालों के लिए यह बेहतर विकल्प साबित होता है। खासकर बच्चों और डाइट पर रहने वालों के लिए।
कितना फायदेमंद एयर फ्रायर
एयर फ्रायर में पकाया गया खाना कम कैलोरी, कम फैट और कम कोलेस्ट्रॉल वाला होता है, क्योंकि इसमें तेल की मात्रा न के बराबर होती है। यह दिल के मरीज, वजन घटा रहे लोगों और डायबिटीज वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। साथ ही, इसमें ट्रांस फैट भी नहीं बनता।
क्या यह वाकई रोजमर्रा की किचन में इस्तेमाल हो सकता है
बहुत लोग सोचते हैं कि एयर फ्रायर सिर्फ स्नैक्स के लिए है। लेकिन सच्चाई ये है कि आप इसमें आलू टिक्की, रोस्टेड वेज, बेक्ड चीज, फ्रेंच फ्राइज, मछली और चिकन जैसी चीजें भी बना सकते हैं। यहां तक कि कुछ लोग रोटी भी क्रिस्पी करने के लिए इसका उपयोग करते हैं। यानि यह सिर्फ
स्नैक नहीं, डेली किचन टूल बन सकता है।
कौन से ब्रांड और मॉडल हैं भरोसेमंद
फिलिप्स HD९२००, हॉवेल्स प्रोलाइफ डिजी, प्रेस्टीज क्क्रस्न ६.० और इनाल्सा फ्राइलाइट जैसे मॉडल्स भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। ये 4-6 लीटर कैपेसिटी, डिजिटल टाइमर, ऑटो कट-ऑफ और टच पैनल जैसी खूबियों से लैस होते हैं। बजट के अनुसार 3,000 से 10,000 रुपये तक की रेंज मिल जाती है।
बिजली की खपत और रखरखाव
एयर फ्रायर लगभग 1200 से 2000 वॉट बिजली खपत करता है, जो माइक्रोवेव या ओवन से कुछ कम है। चूंकि खाना जल्दी बनता है (15-20 मिनट में), तो ओवरऑल बिजली की बचत भी हो जाती
है। इसके पार्ट्स डिटैचेबल होते हैं, जो साफ करना आसान बनाते हैं। ज्यादातर मॉडल में नॉन-स्टिक बास्केट होती है।
क्या-क्या बना सकते हैं
एयर फ्रायर में आलू से बनी कोई भी चीज, जैसे- फ्राइज, आलू बोंडा, वेज पट्टी, बहुत बढ़िया बनती है। इसके अलावा मछली, चिकन नगेट्स, ब्रेड रोल, चीज बॉल्स और रोस्टेड मूंगफली जैसे हेल्दी स्नैक्स भी इसमें बखूबी तैयार होते हैं। यहां तक कि आप उसमें कुकीज और केक भी बना सकते हैं।
क्या नहीं बना सकते
हालांकि एयर फ्रायर काफी कुछ बना सकता है, परंतु रेसिपीज जिनमें लिक्विड बैटर होता है, जैसे- डोसा या बेसन के चीले- उन्हें इसमें बनाना मुश्किल होता है। दाल या ग्रेवी वाली सब्जी जैसे आइटम्स भी इसमें संभव नहीं। इसलिए इसे मिक्सी या कुकर जैसे हर काम के टूल की तरह न
समझें।
बजट या सुविधा
शुरुआत में एयर फ्रायर थोड़ा महंगा लग सकता है, लेकिन जब आप देखें कि इसमें तेल की खपत कम हो रही है, स्नैक्स पौष्टिक बन रहे हैं और साफ-सफाई आसान है- तो यह एक स्मार्ट निवेश साबित होता है। खासकर अगर घर में बच्चे हैं या फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोग हैं।
क्या एयर फ्रायर केवल ट्रेंड है
कई लोग सोचते हैं कि एयर फ्रायर एक फैशन है जो कुछ समय बाद गायब हो जाएगा। लेकिन जिन घरों में इसे रोज इस्तेमाल किया जाता है, वहां यह एक भरोसेमंद सहायक बन गया है। बदलती जीवनशैली और सेहत के प्रति जागरूकता को देखते हुए, एयर फ्रायर अब सिर्फ ट्रेंड नहीं, भविष्य की जरूरत है।
