Overview: महंगे खिलौनों के बिना बच्चों को खुश रखने के तरीके
बच्चों को खुश रखने के लिए हर बार महंगे खिलौने खरीदना जरूरी नहीं है। आप कुछ अन्य तरीके भी आजमा सकते हैं।
Middle Class Parenting Tips: एक पैरेंट अपने बच्चे की हर खुशी हर जिद को पूरा करना चाहता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि उनके पास पर्याप्त पैसे हों। शायद यही वजह है कि एक मिडिल-क्लास पैरेंट होना किसी इमोशनल रोलर कोस्टर से कम नहीं है। जहां एक पल आप अपने बच्चे को अच्छी बातें सिखाने पर गर्व महसूस करते हैं, वहीं दूसरी तरफ दुख होता है कि हम बच्चों को वो महंगे खिलौने नहीं दिलवा पाए, जो शायद उसके दोस्तों के पास हैं। इसलिए, पैरेंट्स अक्सर ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने की जद्दोजहद में लगे रहते हैं।
लेकिन क्या आपको पता है कि बच्चों को खुश रखने के लिए हर बार महंगे खिलौने खरीदने की जरूरत नहीं होती है। आप खुद एक पल रुककर सोचें कि क्या बचपन में आप सिर्फ इसलिए दुखी थे क्योंकि आपके पैरेंट्स महंगे खिलौने नहीं खरीद सकते थे। हम भी तो बचपन में भी बिल्कुल साधारण सी चीजों से खुश हो जाया करते थे। हमें खिलौनों की कीमत याद नहीं रहती, बल्कि परिवार के साथ बिताया गया समय, खेलने की आज़ादी और प्यार मिलने का एहसास याद रहता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि महंगे खिलौनों के बिना भी एक मिडिल क्लास पैरेंट अपने बच्चों को किस तरह खुश रख सकते हैं-
समय ही है सबसे अच्छा तोहफा

सिर्फ महंगे खिलौने बच्चों को खुश नहीं करते हैं। वास्तव में, बच्चे अपने पैरेंट्स के साथ बिताए गए खूबसूरत पलों को याद रखते हैं। इसलिए, उन्हें थोड़ा समय देने की कोशिश करें। उनके साथ मिलकर लूडो, कैरम, लुका-छिपी जैसे गेम खेलें या सोने से पहले बस बातें करना भी बच्चों को सुरक्षित और प्यार महसूस कराता है।
पैसे की कीमत करना सिखाएं

अक्सर पैरेंट्स अपनी फाइनेंशियल सच्चाई बच्चों से छिपाते हैं, जिसकी वजह से बच्चे अपनी जिद पूरी ना होने पर उदास हो जाते हैं। इसलिए बच्चों से अपनी फाइनेंशियल सच्चाई ना छिपाएं। उन्हें यह प्यार से समझाएं कि जो कुछ भी हम देखते हैं, वह सब खरीदना जरूरी नहीं होता। कोशिश करें कि आप उन्हें पॉकेट मनी दें, उन्हें छोटी-छोटी चीज़ों के लिए पैसे बचाने दें। इससे वे पैसे बचाना और उन्हें सही तरह से इस्तेमाल करना सीखते हैं। ऐसे में वे बेवजह महंगे खिलौनों की जिद नहीं करते हैं।
कल्पनाओं से बनाएं खिलौने

जरूरी नहीं है कि हर बार बच्चे को महंगे खिलौने ही खरीदकर दिए जाएं। अगर आप चाहें तो अपनी व बच्चों की कल्पनाओं की मदद से नए तरीके के खिलौने बनाएं। जैसे एक कार्डबोर्ड का डिब्बा कार, घर या स्पेसशिप बन सकता है। इसी तरह, पुराने दुपट्टे बच्चों के लिए सुपरहीरो केप बन जाते हैं। इस तरह हर बार बच्चे नए खिलौनों से खेलता है और उसे इसमें काफी मजा भी आता है। साथ ही साथ,यह क्रिएटिविटी, कॉन्फिडेंस और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स को बढ़ाता है, जो महंगी चीजें कभी भी नहीं सिखा सकतीं।
