Summary: वास्तु अनुसार घड़ी लगाने के सही नियम और घर की पॉजिटिविटी बढ़ाने के उपाय
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में घड़ी लगाने से न केवल समय का पता चलता है, बल्कि यह घर की ऊर्जा और वातावरण को भी प्रभावित करती है। सही दिशा और स्थिति में घड़ी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जबकि गलत दिशा में घड़ी लगाने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Vastu Tips for Clock: हमारे जीवन में वास्तु शास्त्र का बहुत ज्यादा महत्व होता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर हम इसमें बताए गए नियमों का अच्छे से पालन करते हैं तो इससे हमारा जीवन सुख और समृद्धि से भर जाता है वहीं, जब इसमें बताए नियमों को नजरअंदाज करते हैं तो हमें परेशानियों से भी जूझना पड़ता है। वहीं कई लोग अपने घरों में लोग तरह-तरह की घड़ी लगाना पसंद करते हैं जो टाइम तो बताती ही है साथ ही घर की घर शोभा बढ़ाने का भी काम करती है। वास्तु शास्त्र में घर में रखी घड़ी को लेकर भी कुछ खास नियम बताए गए हैं। घर में रखी घड़ी सिर्फ समय बताने वाला जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारी डेली रूटीन, एनर्जी और जीवन की रफ्तार को भी अफेक्ट करती है।
गलत दिशा में लगी घड़ी ला सकती है परेशानी

दरअसल, घड़ी की सही जगह और उसकी संख्या घर के माहौल और समृद्धि पर गहरा असर डाल सकती है। अक्सर लोग घर के हर कमरे में अलग-अलग घड़ियां लगाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घड़ी लगाने के लिए सबसे उत्तम दिशा पूर्व मानी जाती है। पूर्व दिशा को ऊर्जा और नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है। इस दिशा को तरक्की और धन से जोड़कर देखा जाता है। इसके साथ ही पूर्व और पश्चिम दिशा में भी घड़ी लगाना शुभ माना गया है, लेकिन घर की दक्षिण दिशा में घड़ी लगाने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे नकारात्मकता का प्रभाव बढ़ सकता है।
क्या घर में एक से ज्यादा घड़ी लगाना सही है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में एक से ज्यादा घड़ियां रखना गलत नहीं है, लेकिन उनकी दिशा, स्थिति और समय का सही होना बहुत जरूरी होता है। अगर घर में लगी घड़ियां बंद पड़ी हों, खराब हालत में हों या सभी घड़ियों में अलग-अलग समय दिख रहा हो, तो यह घर की सकारात्मक ऊर्जा पर बुरा असर डाल सकता है। ऐसी स्थिति में परिवार के सदस्यों की तरक्की रुक सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि सभी घड़ियां ठीक से काम कर रही हों और सही समय दिखा रही हों। वास्तु के अनुसार घड़ियों को उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है और घर के लोग खुश और शांत रहते हैं।
इस रंग की घड़ी न लगाएं

वास्तु के अनुसार घर में बेहद डार्क रंग जैसे काला, नीला आदि रंग की घड़ियां लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसे रंग नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होते हैं। वास्तु के अनुसार सत्व ऊर्जा का प्रवाह पूर्व और उत्तर दिशा में अधिक होता है इसलिए घर में घड़ी हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में ही लगानी चाहिए। घड़ी का रंग भी वास्तु के अनुसार महत्वपूर्ण है। हल्के रंग की घड़ियां जैसे कि सफेद, क्रीम या हल्का पीला, शुभ माना जाता है। गहरे रंगों से बचना चाहिए।
घर होनी चाहिए इस तरह की घड़ी
घर के ड्राइंग रूम में पेंडुलम वाली घड़ी रखनी चाहिए। इसी तरह घर में घड़ी लगाते समय उसके आकार पर भी ध्यान देना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गोल, चौकोर, अंडाकार या आठ या छह भुजाओं वाली घड़ी लगानी चाहिए। इससे वहां सकारात्मकता बढ़ती है। वहीं घर में नुकीले आकार की घड़ी लगाने से बचना चाहिए
इन बातों का जरूर रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर में कभी भी खराब, रुकी हुई या टूटी-फूटी घड़ी को नहीं रखना चाहिए। इससे आपके दुर्भाग्य में वृद्धि हो सकती है।इसके साथ ही अगर आपके घर में एक से ज्यादा घड़ियां हैं और यह अलग-अलग टाइम दिखा रही हैं, तो इसे भी ठीक नहीं माना जाता। इससे तनाव की स्थिति बढ़ सकती है। मुख्य दरवाजे के ठीक सामने भी घड़ी लगाना शुभ नहीं माना गया। वहीं घर में गोल आकार की घड़ी लगाना सबसे उत्तम माना गया है। बेडरूम में बेड के ठीक सामने घड़ी नहीं लगानी चाहिए।
