Short Story in Hindi: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना पूजा की दिनचर्या में शामिल था।
पूजा घर के छोटे-बड़े सभी सदस्यों की पसंद-नापसंद का पूरा ध्यान रखती थी।
परिवार के सदस्यों के प्रति पूजा के व्यवहार से उसका पति प्रदीप बहुत खुश था। प्रदीप की लाडली भतीजी परी तो पूजा से इस तरह घुल मिल गई थी कि उसके बिना एक पल भी रह नहीं सकती थी। परी दिनभर चाची-चाची की रट लगाए पूजा के आगे-पीछे बनी रहती थी। पूजा भी परी को बहुत प्यार करती थी।
परिवार के सभी लोग पूजा को बहू नहीं बल्कि अपनी बेटी की तरह मानते थे। एक अनजान से घर में अजनबी लोगों के बीच इतनी जल्दी सबके दिलों में जगह बना लेना कोई आसान काम नहीं था, पर ये पूजा के संस्कार ही थे जो उसे सबका प्रिय बनाए थे।
पूजा का इस तरह दिन भर चहकना और परिवार के लोगों से प्यार से बातें करना पड़ोस की जानकी चाची को बहुत अखरता था। वह हमेशा पूजा के हंसते-खेलते परिवार में फूट के बीज बोने का मौका ढूंढती थी।
एक दिन दोपहर के समय जब पूजा के सास-ससुर और परिवार के अन्य सभी लोग कहीं बाहर गए हुए थे, तभी जानकी चाची पूजा से मिलने के बहाने उसके घर जा पहुंची। जानकी चाची को देखते ही पूजा ने उनके पैर छुए और उन्हें सम्मान पूर्वक घर के अंदर ले गई।
जानकी चाची को सोफे पर बैठाकर पूजा चाय-नाश्ते का इंतजाम करने लगी। थोड़ी देर बाद जब पूजा चाय-नाश्ता लेकर वापस आई तो जानकी चाची बोली, “अरे बेटी तुम बेकार में परेशान हो रही हो, मैं तो बस तुमसे मिलने आई हूं।”
काफी देर इधर-उधर की बातें करने के बाद जानकी चाची बोली, “अरे बेटी तूने बताया नहीं तेरे सास-ससुर ने तुझे मुंह दिखाई में क्या दिया।” जानकी चाची की बातें सुनकर पूजा बोली, “अरे चाची मेरे सास-ससुर ने तो मुझे अपना सब कुछ दे दिया।”
जानकी चाची चौंक कर बोली, “अरे क्या दे दिया तेरे सास-ससुर ने, जरा मुझे भी तो पता चले।” चेहरे पर एक सहज मुस्कान लिए पूजा बोली, “चाची मां-बाप के लिए उसकी औलाद से बढ़कर क्या कुछ होता है, जब उन्होंने मुझे अपना बेटा ही सौंप दिया तो अब मैं उनसे और किस चीज की लालसा करूं। पति के रूप में अपना बेटा देकर उन्होंने मुझे अपना सब कुछ तो दे दिया।”
पूजा के मुंह से ऐसी बातें सुनकर जानकी चाची का मुंह बंद हो गया। पूजा की बातों ने जानकी चाची को उनकी नकारात्मक सोच का एहसास करा दिया।
