Overview: मिमी चक्रवर्ती और उर्वशी रौतेला को ईडी ने भेजा समन
प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती और बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला को ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है।
ED Summons Mimi Chakraborty and Urvashi Rautela: प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती और बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला को ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। रविवार को मिली जानकारी के अनुसार, मिमी चक्रवर्ती को सोमवार और उर्वशी रौतेला को मंगलवार को पेश होने के लिए कहा गया है। इन दोनों ही एक्ट्रेसेस को सट्टेबाजी ऐप के मामले में ईडी ने पूछताछ के लिए समन भेजा है।
सेलिब्रिटीज पर क्यों गिर रही है गाज?
ईडी का मानना है कि इन एक्ट्रेसेस ने अवैध सट्टेबाजी ऐप्स का प्रचार किया है। इससे पहले, इस मामले में पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना से भी पूछताछ की जा चुकी है। ईडी का मकसद यह जानना है कि सट्टेबाजी ऐप्स के साथ इन सेलिब्रिटीज के क्या संबंध थे, उन्होंने विज्ञापन के बदले में कितनी फीस ली और उनका आपस में कम्युनिकेशन किस तरह होता था। जांच एजेंसी उन सभी कंपनियों और मीडिया संस्थानों से भी पूछताछ कर रही है, जिन्होंने इन ऐप्स से विज्ञापन के पैसे लिए हैं। जुलाई में, गूगल और मेटा के प्रतिनिधियों को भी ईडी कार्यालय बुलाया गया था।
अवैध सट्टेबाजी का जाल
ईडी कई अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स की जांच कर रहा है। इन प्लेटफॉर्म्स के विज्ञापन सोशल मीडिया और ऐप स्टोर्स पर भी मौजूद हैं। साल 2023 में, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स के विज्ञापन पर रोक लगाने के लिए चार बार एडवाइजरी जारी की थी। सरकार के कड़े निर्देश के बावजूद, खेल और मनोरंजन जगत की कई मशहूर हस्तियों ने इन ऐप्स का प्रचार जारी रखा। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे सभी कलाकार और खिलाड़ी अब जांच के दायरे में हैं और जल्द ही उन्हें भी समन भेजा जा सकता है।
नाम बदलकर चल रहे हैं सट्टेबाजी के ऐप्स
ईडी द्वारा जुटाए गए डेटा के अनुसार, कई सट्टेबाजी ऐप्स, जिन पर पहले प्रतिबंध लगाया जा चुका था, वे अब भी नाम बदलकर चल रहे हैं और मशहूर हस्तियों के जरिए उनका प्रचार किया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि ये प्लेटफॉर्म टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम जैसे कई कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं। वे अवैध रूप से पैसे को भारत से बाहर भेज रहे हैं। अनुमान है कि भारत में लगभग 22 करोड़ लोग विभिन्न सट्टेबाजी ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें से 11 करोड़ तो नियमित यूजर हैं।
पैर पसार रहा है ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार
ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक, 2025 के पहले तीन महीनों में ही अवैध सट्टेबाजी की वेबसाइट्स और ऐप्स पर 1.6 अरब से ज्यादा लोग आए। भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार लगभग 10 करोड़ डॉलर का हो सकता है। यह भी अनुमान है कि टॉप सट्टेबाजी ऐप्स हर साल 27,000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी कर रहे हैं। सरकार ने 2022 से जून 2025 के बीच 1,524 अवैध जुआ वेबसाइटों और ऐप्स को बंद करने के आदेश जारी किए हैं।
