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HPV Vaccine Credit: Istock

Overview: टीन्स के लिए क्यों जरूरी है HPV वैक्सीन, जानें इसके फायदे और डोज के बारे में

HPV वैक्सीन ह्यूमन पेपिलोमा वायरस से बचाव करती है, जो सर्वाइकल कैंसर और अन्य रोगों का कारण बनता है।

Effects and Doses of HPV Vaccine: वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में 5,70,000 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर का शिकार हो चुकी हैं, जिसमें से लगभग 3,11,000 महिलाओं की इस बीमारी से मृत्‍यु हो चुकी है। इस बीमारी को रोकने के लिए एचपीवी यानी HPV वैक्‍सीन लगवाया जाता है, जिससे काफी हद तक महिलाएं ही नहीं बल्कि युवा पुरुषों को बचाया जा सकता है। महिलाओं में होने वाले कैंसर में सर्वाइकल कैंसर प्रमुख है। HPV वैक्सीन इस संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। यह वैक्सीन न केवल सर्वाइकल कैंसर, बल्कि अन्य HPV से संबंधित रोगों से भी सुरक्षा प्रदान करती है। लेकिन कई लोग इसकी सही उम्र और जरूरत के बारे में नहीं जानते। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।

HPV वैक्सीन क्या है?

HPV Vaccine-कम उम्र में ही लड़कियों को HPV वैक्‍सीन लगवाना जरूरी
What is the HPV vaccine?

HPV वैक्सीन का इस्‍तेमाल एचआईवी इंफेक्‍शन और इससे जुड़े कैंसर को रोकने के‍ लिए किया जाता है। ये वैक्‍सीन ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के संक्रमण से बचाती है। यह तीन प्रकार की होती है: बाइवैलेंट (2 HPV प्रकारों से सुरक्षा), क्वाड्रिवैलेंट (4 प्रकारों से सुरक्षा), और नाइन-वैलेंट (9 प्रकारों से सुरक्षा)। नाइन-वैलेंट वैक्सीन कैंसर पैदा करने वाले HPV स्ट्रेन के खिलाफ सबसे अधिक सुरक्षा प्रदान करती है। 2006 में पेश की गई यह वैक्सीन विश्व स्तर पर राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों का हिस्सा बन चुकी है और HPV संक्रमणों को कम करने में प्रभावी साबित हुई है।

HPV वैक्सीन कब लेनी चाहिए

HPV वैक्सीन को कम उम्र में लेना सबसे प्रभावी है। इस वैक्‍सीन को सिर्फ लड़कियां ही नहीं बल्कि लड़के भी ले सकते हैं।

9 से 14 वर्ष की आयु: लड़के और लड़कियों दोनों के लिए यह वैक्सीन 11 या 12 साल की उम्र में शुरू करने की सलाह दी जाती है। इस उम्र में वैक्सीन लेने से वायरस के संपर्क में आने से पहले मजबूत इम्‍यूनिटी विकसित होती है। 

कैच-अप वैक्सीनेशन: अगर टीनेज में वैक्सीन नहीं ली गई, तो 26 साल तक की उम्र में इसे लिया जा सकता है। 

27 से 45 वर्ष की आयु: इस आयु वर्ग में वैक्सीन का लाभ कम हो सकता है, क्योंकि कई लोग पहले ही HPV के संपर्क में आ चुके होते हैं। फिर भी, डॉक्टर की सलाह पर इसे लिया जा सकता है।

HPV वैक्सीन के कितने डोज हैं

यह वैक्सीन आमतौर पर ऊपरी बांह में इंजेक्शन के रूप में दी जाती है। डोज का शेड्यूल उम्र और प्रतिरक्षा स्थिति पर निर्भर करता है।

9 से 14 वर्ष: इस उम्र तक दो डोज की सलाह दी जाती है। दूसरी डोज पहली डोज के 6 से 12 महीने बाद दी जाती है। अगर दोनों डोज 5 महीने से कम अंतराल पर दी जाएं, तो तीसरी डोज जरूरी हो सकती है। 

15 से 26 वर्ष: इस उम्र में तीन डोज की जरूरत होती है। शेड्यूल इस प्रकार होना चाहिए 0, 1-2 महीने, और 6 महीने। 

26 वर्ष से अधिक: डॉक्टर की सलाह पर तीन डोज दी जा सकती हैं। कमजोर इम्‍यूनिटी वाले व्‍यक्ति को तीन डोज की सलाह दी जाती है, भले ही टीकाकरण 9 साल की उम्र में शुरू हो।

HPV वैक्सीन के फायदे

कम उम्र में ही लड़कियों को HPV वैक्‍सीन लगवाना जरूरी
Benefits of the HPV vaccine

HPV संचरण को कम करता है: यौन संपर्क के माध्यम से HPV के प्रसार को कम करता है। 

सर्वाइकल कैंसर से बचाव: यह वैक्सीन 70% सर्वाइकल कैंसर के मामलों से बचाती है। 

जेनिटल वार्ट्स से सुरक्षा: क्वाड्रिवैलेंट और नाइन-वैलेंट वैक्सीन 90% जेनिटल वार्ट्स से बचाव करती हैं। 

अन्य कैंसर से सुरक्षा: गुदा, योनि, वल्‍वर, पिनाइल और ओरोफैरिंजियल कैंसर के जोखिम को कम करती है। 

पुनरावृत्ति को कम करता है: सर्वाइकल घावों के इलाज के बाद HPV से संबंधित रोग की पुनरावृत्ति को कम करता है।

HPV वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स

हां, यह वैक्सीन आमतौर पर सुरक्षित है और अच्छी तरह सहन की जा सकती है।

– इससे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, लालिमा या सूजन हो सकती है। 

– व्‍यक्ति को हल्‍का बुखार (100°F या अधिक) आ सकता है। 

– चक्कर आना या बेहोशी