Breastfeeding Benefits: शुरू के छह माह तक शिशु के लिए स्तनपान जरूरी है क्योंकि मां के दूध में निकलने वाला पीला पदार्थ उसका संपूर्ण विकास करता है।
मां का दूध शिशु के लिए अमृत के समान होता है। यह सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि शिशु की पहली इम्युनिटी बूस्टर, संपूर्ण पोषण और भावनात्मक जुड़ाव का स्रोत है। लेकिन कई बार नई माताओं को दूध कम बनने की चिंता सताती है। साथ ही, शिशु की इम्युनिटी को कैसे बढ़ाएं और घरेलू नुस्खों से उनकी सेहत को मजबूत कैसे करें- ये सवाल भी मन में आते हैं। इस लेख में हम स्तनपान बढ़ाने, शिशु की इम्युनिटी मजबूत करने और
पारंपरिक ‘घुट्टी’ जैसी घरेलू देखभाल के प्रभावी तरीकों को साझा कर रहे हैं।
स्तनपान बढ़ाने के 8 प्रभावी तरीके
अगर आपको लगता है कि दूध कम बन रहा है, तो इन प्राकृतिक उपायों को अपनाकर इसे
बढ़ाया जा सकता है –
1.पौष्टिक आहार लें
हरी सब्जियां: पालक, सहजन, मेथी लें।
मेथी और जीरा: दूध बढ़ाने में सहायक होता है।
तिल, मूंगफली और गुड़: कैल्शियम और ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत होते हैं।
ओट्स और रागी: आयरन और फाइबर से भरपूर होता है।
बादाम, अखरोट और खसखस: मानसिक और शारीरिक शक्ति के लिए आवश्यक होती हैं।
2.ज्यादा पानी और तरल पदार्थ ले

शरीर में पानी की कमी से दूध कम बन सकता है। नारियल पानी, सूप और दूध लेना
फायदेमंद होता है।
3.बार-बार स्तनपान कराएं
जितना ज्यादा स्तनपान कराएंगी, उतना ज्यादा दूध बनेगा। हर 2-3 घंटे में शिशु को दूध पिलाएं।
4. तनाव मुक्त रहें और पूरी नींद लें
तनाव से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जिससे दूध की मात्रा कम हो सकती है। योग और ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है।
5.सही स्तनपान तकनीक अपनाएं
शिशु को सही पोजीशन में पकड़कर दूध पिलाने से दूध सही मात्रा में निकलता है और सप्लाई बनी रहती है।
6.स्तनपान से पहले हल्की मालिश करें
स्तनों की हल्की मालिश करने से दूध बनने की प्रक्रिया में मदद मिलती है। नारियल या सरसों के तेल से 5-10 मिनट मालिश करें।
7.जीरा और सौंफ का सेवन करें
जीरा: पाचन सुधारता है और दूध बढ़ाने में मदद करता है।
सौंफ: इसे पानी में उबालकर पीने से दूध की मात्रा बढ़ती है।
8.गोंद के लड्डू और हरीरा पिएं
गोंद के लड्डू और हरीरा (सूखे मेवे, खसखस और दूध से बना पेय) पारंपरिक रूप से स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए लाभकारी माना जाता है।
बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के प्राकृतिक तरीके
शिशु की इम्युनिटी मजबूत होना जरूरी है ताकि वे संक्रमण और बीमारियों से बच सकें। इसके
लिए अपनाएं ये आसान तरीके –
1.मां का दूध पिलाना
मां का दूध सबसे पहला और सबसे प्रभावी इम्युनिटी बूस्टर है, जिसमें एंटीबॉडीज होते हैं जो शिशु को रोगों से बचाते हैं।
2.पोषक तत्वों से भरपूर आहार दें (6 महीने बाद)
1. दाल, चावल, हरी सब्जियां और सूखे मेवे।
2.गाजर, टमाटर, केला, पपीता और सेब।
3. घर पर बने सूप और हल्का मसला हुआ दलिया।
3. धूप में समय बिताने दें
सुबह की हल्की धूप से विटामिन डी मिलता है, जो इम्युनिटी को मजबूत करता है।
4. सफाई और स्वच्छता का ध्यान रखें
बच्चे के खिलौनों, कपड़ों और हाथों को साफ रखना बहुत जरूरी है ताकि संक्रमण न फैले।
5.मालिश करें
सरसों या नारियल तेल से हल्की मालिश करने से रक्त संचार बढ़ता है और शिशु मजबूत
बनता है।
शिशु का स्वास्थ्य पूरी तरह से मां की देखभाल, पोषण और पारंपरिक नुस्खों पर निर्भर करता है। मां का दूध शिशु के लिए सबसे अच्छा आहार है, लेकिन अगर दूध कम बन रहा हो, तो सही आहार और जीवनशैली
से इसे बढ़ाया जा सकता है।
शिशु को धूप दिखाएं
शिशु की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए माता को सफाई और सही पोषण का ध्यान रखना चाहिए, साथ ही शिशु को धूप में लिटाने की आदत भी डालनी चाहिए चाहिए।
