Funny Story: बात आज से 30 वर्ष पूर्व की है। मेरी शादी वाला दिन था। फेरे वगैरा सब हो चुके थे। सब तरफ हंसी खुशी का माहौल था और मजाक आदि चल रहा था। मुझे और मेरे पति को एक कमरे लाकर बिठा दिया गया।
हमारे चारों तरफ नंदे, भांजे, बुआ जी आदि सब बैठे हुए थे। बड़ी बुआ आई तो उन्होंने मुझे कहा चलो फ्रेश वगैरा होलो तुम्हारा सफर लंबा है। नहीं तो रास्ते में दिक्कत होगी। थोड़ा सा आराम भी कर लो। उन्होंने जो मेरे गले में दुपट्टा पड़ा हुआ था वह उतार कर मेरे पति को थमा दिया।
मुझे बुआ जी मुझे ले जाने लगी तो मेरे पति देव ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरी बुआ जी से बोले मैं इसको कहीं नहीं जाने दूंगा। मैं ने हाथ छोड़ने के लिए नहीं पकड़ा है।तब बुआ जी हंसने लगी और बोली क्या आप बाथरुम भी इसके साथ जाएंगे। वह बोले कि हां जब जन्म जिंदगी का साथ निभाने का वादा किया है तो वहां भी जाऊंगा। उनकी यह बात सुनकर मैं शर्म से लाल हो गई। आज भी जब मैं अपने मायके जाती हूं तो बुआ जी यह बात कहकर चिढ़ाती हैं तो मैं शर्म से लाल हो जाती हूं।
