डिलीवरी के कितने दिन बाद बच्चों के साथ ट्रैवल करना है सही, जानिए कुछ टिप्स
Travel With a Newborn : डिलीवरी के बाद अक्सर महिलाएं कंफ्यूज रहती हैं कि वे अपने न्यूबॉर्न बेबी के साथ कब से ट्रैवल शुरू कर सकती हैं? अगर आपके मन में भी यह सवाल उठता है, तो इस लेख में हम आपके इस सवाल का जबाव देंगे, आइए जानते हैं-
Travel with a Newborn: डिलीवरी के बाद नवजात शिशु के साथ यात्रा करने का निर्णय माता-पिता के लिए चिंता का विषय हो सकता है। शिशु की उम्र, स्वास्थ्य, और यात्रा के प्रकार को ध्यान में रखते हुए यह तय करना जरूरी है कि यात्रा कब और कैसे करनी चाहिए। सही समय पर तैयारी और सावधानियों से यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
कब करें न्यूबॉर्न बेबी के साथ ट्रैवलिंग
पहले महीने में यात्रा से बचें – नवजात शिशु का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और वह संक्रमण की चपेट में जल्दी आ सकता है। इसलिए जन्म के पहले महीने में बच्चे के साथ यात्रा करना टालना चाहिए।
6 से 8 हफ्ते बाद कर सकते हैं ट्रैवलिंग – अगर शिशु और मां दोनों स्वस्थ हैं, तो डॉक्टर की सलाह से 6 से 8 हफ्तों के बाद यात्रा शुरू की जा सकती है। इस समय तक बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर होता है और वह नए वातावरण को संभालने में सक्षम होता है।
डॉक्टर से लें जरूर सलाह – अगर यात्रा जरूरी हो और बच्चा बहुत छोटा हो, तो यात्रा से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। वे बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर सलाह देंगे।

ट्रैवल की ये तैयारियां है जरूरी
- शिशु का इम्यून सिस्टम अभी विकसित हो रहा होता है, इसलिए यात्रा के दौरान उसे संक्रमण से बचाना आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों पर बच्चे को ढककर रखें और केवल साफ हाथों से ही उसे छूएं।
- बच्चे की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में डायपर, कपड़े, दूध, वाइप्स, और दवाइयां साथ रखें। अगर शिशु स्तनपान कर रहा है, तो मां को हाइड्रेटेड रहना चाहिए और पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
- लंबी यात्रा से पहले शिशु की दिनचर्या को ध्यान में रखें। जब बच्चा सोने वाला हो, तो यात्रा शुरू करना बेहतर है। इससे वह आराम से यात्रा कर सकेगा।
यात्रा के दौरान तापमान और ह्यूमिडिटी का ध्यान रखें। शिशु को बहुत गर्म या ठंडे वातावरण से बचाना चाहिए। यदि यात्रा विमान से हो रही है, तो एयरप्रेशर के प्रभाव को कम करने के लिए शिशु को चूसनी या स्तनपान कराएं। - ट्रेन या फ्लाइट्स में बैठने की जगह को पहले से आरक्षित करें ताकि आपको पर्याप्त जगह मिल सके।

ट्रैवल के दौरान ध्यान रखें ये बातें
- अगर यात्रा लंबी है, तो हर दो-तीन घंटे पर ब्रेक लें ताकि शिशु को आराम मिले और उसकी जरूरतें पूरी की जा सकें।
- यदि शिशु बोतल से दूध पीता है, तो साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- यात्रा के दौरान शिशु की हरकतों, सांस लेने के तरीके, और त्वचा के रंग पर नजर रखें।
- यदि शिशु समय से पहले पैदा हुआ है या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है, तो ऐसे में ट्रैवल न करें।
- अगर यात्रा का गंतव्य ऐसा है जहां बहुत अधिक ऊंचाई या खराब स्वास्थ्य सेवाएं हैं, तो ऐसे जगहों पर यात्रा करने से बचें।
डिलीवरी के बाद बच्चे के साथ यात्रा करने का निर्णय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। शिशु की उम्र, स्वास्थ्य, और यात्रा की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए सही समय पर यात्रा करना सुरक्षित और आरामदायक हो सकता है। उचित योजना, डॉक्टर की सलाह, और सावधानियों के साथ आप यात्रा को न केवल सफल, बल्कि यादगार भी बना सकते हैं।
