Cervical Cancer Symptoms: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर बीमारी है। यह कैंसर यूट्रस के निचले हिस्से, जिसे सर्विक्स कहते हैं, में होता है। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिए जाएं तो इस बीमारी से बचा जा सकता है।
लक्षण:
डॉ. मनन गुप्ता, चेयरपर्सन , हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट , आब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी , एलांटिस हेअल्थ्केयर , नई दिल्ली के मुताबिक अगर किसी महिला को नीचे दिए गए लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
अनियमित ब्लीडिंग- पीरियड्स के बीच खून आना या यौन संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग होना।
असामान्य डिस्चार्ज – सफेद या बदबूदार पानी का निकलना, जो सामान्य नहीं लगता।
पेट के निचले हिस्से में दर्द- पेल्विक एरिया में लगातार दर्द रहना।
पेशाब करते समय जलन:- पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस होना|
कारण:
एचपीवी वायरस :ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) इस कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। यह वायरस यौन संबंधों के जरिए फैलता है।
असुरक्षित यौन संबंध:अगर यौन संबंध के दौरान सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
धूम्रपान:धूम्रपान करने वाली महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है।
कमजोर इम्यून सिस्टम:अगर शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत कम हो जाए, तो शरीर पर वायरस का असर जल्दी होता है।
बचाव के उपाय
सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए महिलाओं को एचपीवी वैक्सीन लगवानी चाहिए। यह वैक्सीन शरीर को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण से बचाने में मदद करती है, जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण होता है। इसके साथ ही महिलाओं को अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए नियमित जांच भी करवानी चाहिए।
पाप स्मियर टेस्ट (Pap Smear Test) और एचपीवी टेस्ट समय-समय पर करवाने से सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान हो सकती है, जिससे इलाज करना आसान हो जाता है।
इसके अलावा, सुरक्षित यौन संबंध बनाना भी बहुत जरूरी है। यौन संबंध के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सके। जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं, उन्हें इसे तुरंत छोड़ देना चाहिए। धूम्रपान से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
स्वस्थ खानपान अपनाना भी बेहद जरूरी है। अपने खाने में हरी सब्जियां, ताजे फल और पोषक तत्वों को शामिल करें। इससे शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है और कैंसर जैसे गंभीर रोगों से बचाव में मदद मिलती है। सही आदतें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर महिलाएं सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं।
