cyber crime
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साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के बीच शातिर ठग लोगों को ठगने के लिए रोज नित नए तरीके खोज रहे हैं। इन्हीं में एक है 'ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम'। इस स्कैम के चक्कर में लोग अपनी जिंदगीभर की कमाई ठगों के जाल में फंसकर गंवा रहे हैं।

Online Investment Scam: बस एक क्लिक पर खरीदारी, पेमेंट और यहां तक कि इन्वेस्टमेंट करना भी, इन दिनों बहुत ही आम बात हो गई है। लेकिन चिंता की बात ये है कि इसी के साथ लगातार बढ़ ऑनलाइन ठगी, फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामले रहे हैं। साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के बीच शातिर ठग लोगों को ठगने के लिए रोज नित नए तरीके खोज रहे हैं। इन्हीं में एक है ‘ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम’। इस स्कैम के चक्कर में लोग अपनी जिंदगीभर की कमाई ठगों के जाल में फंसकर गंवा रहे हैं। अगर आप भी अपनी गाढ़ी कमाई को ठगों से बचाना चाहते हैं तो आपके लिए ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम को जानना बहुत जरूरी है।

ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम से बचने के लिए सबसे पहले इसके बारे में जानना जरूरी है।
To avoid online investment scam, it is important to know about it first.

पिछले दिनों हैदराबाद के 63 साल के एक शख्स ने शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में पूरे 50 लाख रुपए गवां दिए। साइबर ठगों ने उन्हें कई गुणा मुनाफे का लालच दिया था। इसके लिए ऑनलाइन क्लास भी ज्वॉइन करवाई। लेकिन पीड़ित को न ही मोटा ​मुनाफा मिला, न ही अपनी लगाई हुई रकम। वहीं कर्नाटक ​के पुत्तूर में भी एक दुकानदार ज्यादा रिटर्न के लालच में फ्रॉड का शिकार हो गया और 56 लाख रुपए ठगों को दे बैठा। ठगों ने दुकानदारों को यूट्यूब पर कुछ टास्क दिए। बदले में उन्हें कुछ पेमेंट भी किया। जब दुकानदार को ठगों पर पूरा विश्वास हो गया तो उन्होंने  पीड़ित को एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया। जिसमें इन्वेस्टमेंट पर मोटे मुनाफे के लालच में आकर पीड़ित ने 56 लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट कर दिया। रुपए मिलते ही ठग गायब हो गए। तब जाकर पीड़ित को ठगी का पता चला। जिसके बाद पीड़ित ने साइबर इकोनॉमिक एंड नारकोटिक क्राइम पुलिस के पास जाकर मामला दर्ज करवाया।  

ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम से बचने के लिए सबसे पहले इसके बारे में जानना जरूरी है। इस स्कैम में साइबर ठग लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं। सबसे पहले ठग लोगों को एक ग्रुप में जोड़ते हैं। इसके बाद लोगों के लिए ठगी का जाल बिछाते हैं। उन्हें फर्जी वेबसाइट्स पर शेयर बाजार, रियल एस्टेट और स्टॉक्स में ऑनलाइन निवेश करने पर भारी रिटर्न का लालच देते हैं। शुरुआत में ये ठग लोगों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें अच्छा रिटर्न देते हैं। धीरे-धीरे लोगों को उन पर भरोसा होने लगता है। और लालच में आकर वे ज्यादा मुनाफे के चक्कर में ज्यादा रकम निवेश कर बैठते हैं। ​इसके बाद ठग या तो गायब हो जाते हैं या ग्रुप ही खत्म कर देते हैं।

साइबर ठग अब इतने शातिर हो गए हैं कि वे वेरिफाइड फर्मों की वेबसाइट्स के क्लोन तक बना लेते हैं। ये फर्जी वेबसाइट्स एकदम असली सी नजर आती हैं और इनपर निवेश की राशि कई गुना ज्यादा दिखाई देती है। हालांकि ये सब नकली होता है। क्योंकि वेबसाइट पर दिखने वाला यह मुनाफा कभी भी लोग निकाल नहीं पाते हैं। ऐसे ठगों का निशाना खासतौर पर बुजुर्ग होते हैं। क्योंकि उन्हें विश्वास में लेना काफी आसान होता है। ऐसे में अगर आपको भी कोई अनजान शख्स किसी सोशल मीडिया ग्रुप पर जोड़कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दे रहा है तो आपको सचेत हो जाना चाहिए। 

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...