Smiling Depression: क्या आपने कभी अपने टीनेजर बच्चे की मुस्कुराहट पर गौर किया है, क्या आपका बच्चा भी बिना बात के हंसता है, अपनी हंसी के पीछे अपने दुख को छुपाने की कोशिश करता है… यदि ऐसा है तो ये लक्षण हो सकते हैं स्माइलिंग डिप्रेशन के। कई तरह के डेवलपमेंटल और सोशल चैलेंजेस के कारण ये डिप्रेशन हो सकता है, जिसका सामना आमतौर पर टीनेजर्स को करना पड़ता है। इसमें हार्मोनल चेंजेज, शरीर व मस्तिष्क का विकास और दोस्तों का दबाव शामिल है। कई बार ये समस्या आत्महत्या या डिप्रेशन जैसे गंभीर मामलों तक पहुंच जाती है। टीनेजर्स में डिप्रेशन और एंग्जाइटी के क्या कारण और लक्षण हो सकते हैं चलिए जानते हैं इसके बारे में।
क्या है स्माइलिंग डिप्रेशन

जब लोग मुस्कुराहट के पीछे अपने डिप्रेशन को छुपाते हैं उसे स्माइलिंग डिप्रेशन कहते हैं। इस समस्या के अंतर्गत व्यक्ति खुश दिखाई देता है लेकिन अंदर से दुखी होता है। ऐसे व्यक्तियों को अपने जीवन से कुछ खास उम्मीद नहीं होती, वह जीवन के प्रति उदासीन और अलग-थलग दिखाई देते हैं। हालांकि स्माइलिंग डिप्रेशन को किसी प्रकार की हेल्थ कंडीशन के रूप में नहीं देखा जाता लेकिन ये खतरनाक हो सकता है। खासकर टीनेज में बच्चे इसे गंभीरता से लेते हैं। इस स्थिति के दौरान लक्षण हमेशा दिखाई नहीं देते लेकिन पेरेंट्स को अपने बच्चे के बदलते बिहेवियर पर जरूर ध्यान देना चाहिए।
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स्माइलिंग डिप्रेशन के कारण
जेनेटिक
जिन टीनेजर्स के परिवार में एंग्जाइटी डिस्ऑर्डर का इतिहास है उनमें इनके विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है।
ट्रॉमा
ट्रॉमा की हिस्ट्री वाले टीनेर्ज जैसे कि यौन शोषण, हिंसा या किसी दुर्घटना में शामिल होने वाले को चिंता और एंग्जाइटी का अनुभव होने की संभावना अधिक हो सकती है।
पर्यावरण
एक टीनेजर के सामाजिक, स्कूल और घरेलू वातावरण का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है।
मानसिकता में अंतर
टीनेजर्स का ब्रेन वयस्कों की तुलना में संरचनात्मक रूप से भिन्न होता है। उनकी सोच और मानसिकता तनाव के स्तर को बढ़ा सकती है। प्यूबर्टी का स्ट्रेस भी डिप्रेशन का कारण बन सकता है।
स्माइलिंग डिप्रेशन के लक्षण

- -एनर्जी लेवल में कमी
- -इनट्रेस्ट की चीजों में रुचि खत्म होना
- -बहुत कम सोना
- -थका हुआ महसूस होना
- -ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
- -सामाजिक गतिविधियों से बचना
- -जरूरत से ज्यादा डाइटिंग
- -स्वयं को नुकसान पहुंचाना
- -नशीली दवाओं का सेवन
- -उदासी व निराशा महसूस करना
- -चिड़चिड़ा या झगडालू हो जाना
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पेरेंट्स करें ऐसे मदद
- -स्माइलिंग डिप्रेशन से ग्रस्त टीनेजर्स को एक मजबूत सहायता प्रणाली की आवश्यकता होती है। ऐसे में आप उन्हें जज न करें बल्कि सही मार्गदर्शन करें।
- -आप को ऐसी स्थिति में धैर्यवान होने की आवश्यकता है। बच्चे से बात करते रहें। यदि वह असुरक्षित महसूस करे तो उसके संपर्क में रहें।
- -घर में ऐसा वातावरण बनाएं कि बच्चा आप पर विश्वास कर पाए और अपने दुख व डिप्रेशन के विषय में खुल कर बता पाए।
- -बच्चे को अहसास दिलाएं कि आप उसके लिए हर समय मौजूद हैं।
- -बच्चे के छोटे से छोटे लक्षणों को पहचानने का प्रयास करें। बदलाव दिखने पर कारण जानें।
