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सही बॉडी लैंग्वेज की बदौलत आप मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति को भी बहुत ही सहजता के साथ हैंडल कर सकते हैं। इससे आप लोगों को इतना प्रभावित कर सकते हैं कि वे सालों साल आपको याद रखेंगे।
Habits for Success: ऑफिस हो, कॉलेज हो, सोशल गैदरिंग हो या फिर इंटरव्यू या ग्रुप डिस्कशन हर जगह आपके शब्दों से ज्यादा आपकी बॉडी लैंग्वेज बोलती है। सही बॉडी लैंग्वेज की बदौलत आप मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति को भी बहुत ही सहजता के साथ हैंडल कर सकते हैं। इससे आप लोगों को इतना प्रभावित कर सकते हैं कि वे सालों साल आपको याद रखेंगे। अगर आप भी शानदार बॉडी लैंग्वेज के बलबूते पर सफलता की सीढ़ियां चढ़ना चाहते हैं तो कुछ स्टेप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं।
पॉश्चर है पहला कदम

बॉडी लैंग्वेज में सबसे पहली बात जो महत्वपूर्ण है वो है आपका पॉश्चर। आपके चलने, उठने, बैठने, हाथ मिलाने आदि का तरीका सामने वाले पर सबसे पहला इंप्रेशन डालते हैं। इसलिए सही पॉश्चर बहुत जरूरी है। इससे आपका कॉन्फिडेंस नजर आना चाहिए। हमेशा सीधे चलें, न बहुत ज्यादा तन कर रहें और न ही झुके हुए। ध्यान रखें किसी से गर्मजोशी से मिलने का यह मतलब बिलकुल नहीं है कि आप उससे बहुत जोर से हाथ मिलाएं या बहुत उत्सुकता दिखाएं। बल्कि एक प्रॉपर तरीके से आप सामने वाले का अभिनंदन करें। बैठने के दौरान कभी भी पैर न हिलाएं, नाखून न खाएं, इधर-उधर न देखें। बल्कि सभी की बातों पर फोकस करें।
आई कॉन्टेक्ट बनाएं
किसी से भी बात करते समय आप हमेशा उससे आई कॉन्टेक्ट बनाकर रखें। इससे यह जाहिर होता है कि आप सामने वाले से बात करने में रुचि रखते हैं। आई कॉन्टेक्ट आपका कॉन्फिडेंस और ईमानदारी भी दिखाता है। हालांकि इस दौरान आपको यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि आप सौम्यता के साथ नजरें मिलाएं। सामने वाले को असहज महसूस नहीं होना चाहिए।
आवाज पर दें ध्यान
दूसरों से बात करते समय आवाज का उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा मायने रखता है। आपकी आवाज में सौम्यता और शब्दों में शिष्टाचार झलकना चाहिए। आवाज न बहुत ज्यादा धीमी होनी चाहिए न ही बहुत ज्यादा तेज। बात हमेशा धैर्य के साथ करें। जल्दी-जल्दी बोलने वाले हड़बड़ाहट में और धीरे बोलने वाले बिना आत्मविश्वास के नजर आते हैं। सामने वाली की बात के अनुसार आपकी आवाज में उतार-चढ़ाव नहीं आना चाहिए। अगर आपको सामने वाले की बात अच्छी भी नहीं लगती तो भी आप अपना टोन न बदलें। इससे आपका ठहराव और समझ दिखाई देगी।
चेहरे के भाव है महत्वपूर्ण

आपके चेहरे के भाव शब्दों से भी ज्यादा महत्व रखते हैं। इन भावों से यह जाहिर होता है कि आप सामने वाले की बातों को कितनी रुचि के साथ सुन और समझ रहे हैं। इसलिए फेशियल एक्सप्रेशन पर पूरा ध्यान दें। किसी से बात करते समय चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट रहनी चाहिए। बात सुनने के दौरान आप हामी में सिर भी हिलाते रहें।
स्पर्श हो सहज
बात करने के दौरान दूसरों को टच करना यानी स्पर्श करना भी बॉडी लैंग्वेज का हिस्सा है। किसी के परेशान या दुखी होने पर उसे सहारा देना, खुशी या सफलता पर उसे गले लगाना, मिलने पर हाथ बढ़ाना, कंधे पर हाथ रखकर हिम्मत देना आदि सभी बॉडी लैंग्वेज का ही हिस्सा हैं। इनपर हमेशा ध्यान दें। ध्यान रखें आपके टच से सामने वाला असहज नहीं होना चाहिए। आपको उसकी निजता का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
उचित दूरी बनाना जरूरी
किसी से भी बात करते समय उचित दूरी बनाए रखना जरूरी है। बात करते समय न ही आप सामने वाले के ज्यादा करीब होने चाहिए और न ही बहुत ज्यादा दूर। दोनों ही स्थितियां आपका इंप्रेशन बिगाड़ सकती हैं। इसलिए दूरी इतनी रखें कि आपको सामने वाले शख्स की बात आराम से सुनाई दे और उनसे आई कॉन्टेक्ट भी बना सकें।
