नींबू के पौधे के साथ अहम समस्या
कई बार देखने को मिलता है कि कुछ जगहों पर नींबू का पौधा बहुतायत मात्रा में फल देता है। लेकिन कुछ जगहों पर यह बिल्कुल भी फल नहीं देता, यहाँ तक की पौधा भी सूख जाता है।
Gardening Ideas: नींबू का पौधा लगभग हर घर में पाया जाता है। यह हमारे कीचन गार्डेन अथवा गार्डेन के लिए सबसे ज़रूरी पौधा माना जाता है। यदि आपके गार्डेन में भी नींबू का पौधा है तो आपको कुछ हैक्स पता होने चाहिए। कई बार देखने को मिलता है कि कुछ जगहों पर नींबू का पौधा बहुतायत मात्रा में फल देता है। लेकिन कुछ जगहों पर यह बिल्कुल भी फल नहीं देता, यहाँ तक की पौधा भी सूख जाता है। आपको यह तो पता ही होगा कि किसी भी फल वाले पौधे को ज्यादा पोषण की जरूरत होगी। इस तरह के पौधे के लिए मिट्टी में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम की भरपूर मात्रा होनी चाहिए। लेकिन कई बार इनकी बहुतायत भी पौधे को खराब कर देती है।
इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कि नींबू के पौधे की देखभाल कैसे करनी है और किन खादों के जरिए उसमें ढेरों फल मिलेंगे इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
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नींबू के पौधे को होती है धूप की जरूरत

यह ध्यान में रखें कि नींबू का पौधा ऐसी जगह पर नहीं रखा हो जहां धूप बिल्कुल नहीं आती। यह पौधा एक ऐसी जगह पर होनी चाहिये जहां पर धूप और प्रकाश की अच्छी व्यवस्था हो। किसी भी पौधे में फल और फूल लगाने के लिए धूप की सबसे ज़्यादा आवश्यकता होती है। पौधे की टहनियां जब धूप में पकती हैं तो पौधे में लगाने वाले फल बहुत ही रसीले होते हैं। छांव में रखने की वजह से फूल गिर जाते हैं जिससे फलों की पैदावार कम हो जाती है।
फूल ना गिरें इसके लिए करें यह काम
नींबू के पौधे पर फूल आते हैं लेकिन वह गिर जाते हैं तो इसके लिए धूप के साथ साथ कहीं ना कहीं पानी की भी ग़लती होती है। यदि हम कोई फल अथवा फूल देने वाला पौधा लगाते हैं तो ज़ाहिर सी बात है हम उससे फल चाहते हैं। पौधे में लगे फूल फल में कन्वर्ट हो इसके लिए हमें पानी की मात्रा को बहुत ही सीमित रखनी चाहिए। हम पौधे में अधिक पानी देते हैं तो पत्तियों की तदात बढ़ जाती है और फूलों को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता है।
नींबू के लिए बोरेक्स

गार्डनिंग के लिए बोरेक्स की बहुत ही ख़ास उपयोगिता है। पेड़ पौधे में जो इस्तेमाल होता है वह सुहागा होता है। यह सुहागा भी बोरेक्स पाउडर जैसा ही होता है। यह पौधों में बोरोन की कमी को दूर करता जो किसी भी पौधे पर फल और फूल लगाने में सहायक होता है। सुहागा का सॉलिड फॉर्म लेकर इसके चार टुकड़े करके मिट्टी में गाड़ दें। जैसे-जैसे पानी गमले में जाएगा यह घुलकर पौधे को पोषण देगा।
गमले का ध्यान रखें
हम सब ज़्यादातर गमले में पौधा लगाते हैं। यह पौधा समय के साथ साथ बढ़ता जाता है और गमला छोटा पड़ने लगता है। ऐसे में पौधे की ग्रोथ रुक जाता है। इसलिए, इसे समय समय पर रीपॉट करते रहे और जब भी रीपॉट करें इसकी जड़ों की ट्रिमिंग कर दें। नए गमले के लिए अच्छे से मिट्टी तैयार करे लाइन और उसमें जैविक खाद का भी उपयोग करें। वर्मी कम्पोस्ट पेड़ पौधों के लिए बहुत ही उपयोगी होती है।
