‘‘क्या यह सच है कि प्रसव के दौरान अस्पताल में जाते ही मुझे आई.वी. लगा देंगे?”
आप जिस अस्पताल में प्रसव के लिए जा रही हैं, यह उसकी नीति पर निर्भर करता है।कई अस्पतालों में तो जाते ही आपके हाथ की नस में एक पतला कैथेटर लगा देते हैं। ताकि कोई भी दवा देने में आसानी हो। इस तरह डी-हाइड्रेशन से भी बचाव होता है और इमरजेंसी के समय दवा देने में आसानी हो जाती है। कई जगह जरूरत पड़ने पर ही आई.वी. देते हैं। आप अपने डॉक्टर से इस बारे में पूछें और अगर आप ऐसा नहीं चाहतीं तो डॉक्टर को पहले ही बता दें।
अगर एपीड्यूरल लेना है तो यह करना ही पड़ेगा। एपीड्यूरल के दौरान व उसके बाद भी आई.वी. से फ्लयूड दिया जाता है।
वैसे हम आपको बता दें कि यह इतना तकलीफदेह नहीं होता। पहले-पहल हल्की सुई चुभने की तकलीफ होगी उसके बाद आपका ध्यान भी इस ओर नहीं जाएगा। आप इसे अपने साथ लेकर बाथरूम जा सकती हैं या बरामदे में टहल सकती हैं। यदि आप इसे बिल्कुल न चाहें तो डॉक्टर से ‘हीपारिन लॉक’ के बारे में पूछें। इसमें नस में एक छोटी पतली कैथेटर लगाकर दवा डाल देते हैं ताकि खून न जमे,फिर इसे बंद कर देते हैं ताकि आपातकाल में नस खुली मिल जाए और झट से इंजेक्शन या दवा दी जा सके। इस तरह आपको यूँ ही आई.वी. के चक्कर में नहीं फँसना पड़ेगा।
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