पहले-पहल गर्भावस्था में कम से कम नमकीन पदार्थ लेने की सलाह दी जाती थी क्योंकि इससे शरीर में सूजन बढ़ती है, किंतु बाद में पता चला कि गर्भावस्था में शरीर में तरल पदार्थों की बढ़त सामान्य होती है। तरल पदार्थों की मात्रा का संतुलन बनाए रखने के लिए सोडियम लेना भी जरूरी है। यदि सोडियम की कमी हो जाए तो उससे भी भ्रूण को नुकसान हो सकता है। हालांकि अचार, चटनी व सॉस की जरूरत से ज्यादा मात्रा भी नुकसान पहुंचा सकती है। सोडियम की अधिक मात्रा का उच्च रक्तचाप से सीधा संबंध है। इससे गर्भावस्था व प्रसव में कई तरह की परेशानियां पैदा हो सकती हैं। खाने में हल्के नमक का प्रयोग करें। अचार खाने का मन करे तो एकाध टुकड़ा खा लें पर कृपया आधा जार खत्म न करें। आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें ताकि शरीर में आयोडीन की कमी न हो,वैसे थाइराइड की जांच भी अवश्य करा लें।
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