Teeth Health Care: चेहरे की मुस्कान ही होती है जो दूसरों पर अपना प्रभाव छोड़ती है। और वही मुस्कान आपके अंदर आत्मविश्वास को भर देती है। कई बार आपने लोगों से कहते हुए सुना होगा कि उसकी स्माइल बहुत अच्छी है। इसका सबसे बड़ा कारण दांतों का स्वस्थ होना है। क्योंकि कोई स्माइल तब अपनी छवी छोड़ती है जब आपके दांत मोतियों की तरह चमकते हों और मुंह से किसी तरह की बदबू न आती हो। आप उनका बहुत अच्छी तरह से ध्यान रखते हैं। लेकिन इसके विपरीत कई लोग आपको ऐसे मिल जाएंगे जो हंसते हुए अपने दांतों को छिपा लेते हैं क्योंकि उनके दांत पीले और काफी खराब नजर आते है। ऐसे लोग अपने दांतों को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए इन 10 बातों पर ध्यान दें। किसी ने सही कहा है कि एक सच्ची हंसी दिल से आती है और एक स्वस्थ हंसी के लिए दांतों की देखभाल की जरूरत होती है।
दांतों की सफाई पर ध्यान देना है आवश्यक

दांतों का साफ सुथरा और चमकदार होने का लोगों पर बहुत प्रभाव पड़ता है। क्योंकि जब आप किसी से पहली बार मिलते हैं तो आपके चेहरे का सुंदर और आकर्शित दिखाने में दांतों की भी भागीदारी होती है। अगर आपके अंदर आत्मविश्वास है साथ ही आपके दांत भी सुंदर लगते है। तो लोग आपसे बार-बार बात करना पसंद करते है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने दांतों की सफाई पर पूरा ध्यान दें। डॉक्टरों के अनुसार दांतों की हालत बताती है कि आपके शरीर में क्या कमी है साथ ही आपके लाइफस्टाइल को भी दर्शाता है।
दांतों की देखभाल पर कैसे देें ध्यान?
हम आपको बता रहे है कि किस तरह आप इन बातों को अपनाकर अपने दांतों को स्वस्थ बना सकते है-
दिन में दो बार करें ब्रश

अगर आप अपने दांतों को कैविटी से दूर रखना चाहते हैं तो दिन में दो बार दांतों की सफाई सुनिश्चित करें। सुबह उठते ही सबसे पहले ब्रश करें और रात को सोने से पहले ब्रश करें। रात में ज्यादातर लोग ब्रश करना भूल जाते हैं ऐसे में जरूरी है कि वे ब्रश जरूर करें। क्योंकि रात में हम जब बिना ब्रश किए सो जाते हैं तो दांतों में फंसे खाने के कण में कीटाणु पनपने लगते हैं, जिस वजह से दांतों में सदन पैदा हो जाती है। इस समस्या से बचने के लिए रात को सोने से पहले ब्रश जरूर करना चाहिए।
सही टूथपेस्ट
आजकल मार्केट में टूथपेस्ट के बहुत से ब्रांड आ चुके है। साथ ही रंग और फ्लेवर को लेकर इतने अधिक विज्ञापन दिखाई देते हैं कि उन्हें देखकर आपका मन भी इन्हें खरीदने का कर जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि किसी भी टूथपेस्ट में फ्लोराइड की मात्रा कितनी निर्भर करती है। टूथपेस्ट में मुख्य भूमिका फ्लोराइड की ही होती है। यह दांतों को एसिड से बचाता है और बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता है। दांतों में किसी भी नुकसान को होने से बचाने से लेकर दांतों के इनेमल के लिए बेहद आवश्यक होता है। ध्यान रखें कि किसी भी अच्छे टूथपेस्ट में फ्लोराइड की मात्रा 1000 पीपीएम से लेकर 1250 पीपीएम होनी चाहिए। तभी आपके दांतों को इसका फायदा मिल पाएगा। वरना ये आपके दांतों के लिए हानिकारक भी हो सकता है।
दांतों को ब्रश करने का सही तरीका

दांतों को स्वस्थ रखने के लिए न सिर्फ दो बार ब्रश करना बल्कि ब्रश करने के तरीके पर भी ध्यान देना जरुरी है। इसके लिए आप ब्रश को गोलाई में घुमाते हुए ब्रश करें, पहले आगे और फिर पीछे की तरफ ब्रश को घुमाएं। कम से कम 2 मिनट ब्रश जरूर करें। ब्रश करने के बाद एकदम से बहुत ज्यादा पानी से कुल्ला न करें। बल्कि थोड़े-थोड़े पानी से धीरे-धीरे कुल्ला करें, जिससे दांतों में थोड़ी देर के लिए फ्लोराइड का असर बना रहें। इससे दांतों को बेहद फायदा होगा। ब्रश करते समय एक बात का और ध्यान रखें कि बहुत जोर से कभी भी ब्रश न करें, क्योंकि इससे न दांत साफ होंगे बल्कि दांत और मसूड़े कमजोर भी पड़ जाएंगे।
टूथब्रश पर भी दें ध्यान
हमेशा एक मुलायम बालों वाले ब्रश को इस्तेमाल में लाने के लिए कहा जाता है। इस्तेमाल के बाद ब्रश को अच्छे से धो कर रखें। टूथब्रश को दांतों में आराम से इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही इसे हर तीन महीने में या उससे पहले अगर ये खराब हो गया है तो इसे बदलने की सलाह दी जाती है। अगर आप सोचते है कि आजकल ब्रश के ऊपर जो ढक्कन चल रहे है वह आपके ब्रश के लिए ठीक है तो आपको बता दें इन ढक्कन का इस्तेमाल ब्रश के ऊपर लगाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि ब्रश करने के बाद वो गीला हो जाता है ऐसे में अगर आप ढक्कन लगा देते है तो कीटाणु तेजी से पनपते है। तो जरूरी है कि आप ब्रश को बिना किसी ढक्कन के मग या कप में रखे जहां सूरज की रोशनी आती हो या फिर आराम से सूख पाए।
ब्रश के बाद ये आदत है जरुरी

ब्रश करने के बाद ध्यान रखें कि आप उंगलियों या फिंगरटिप से अपने मसूड़ों की मसाज करें, इससे ब्लड सकुर्लेशन सही से घुमता है जो मसूड़ों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। अगर आप ध्यान दें तो जीभ हमारे मुंह में वह हिस्सा है जिसे साफ रखना भी बहुत जरूरी है। आपको अपनी जीभ को हर दिन साफ करना चाहिए। ऐसा नहीं कि जीभ को साफ करने का मकसद सिर्फ कीटाणु के पनपने से ही है बल्कि मुंह से आने वाली बदबू से भी है। इसलिए जीभ को भी ब्रश करने के बाद जरूर साफ करें।
सही मात्रा में पानी पीना
दांतों के स्वास्थ्य के लिए सही मात्रा में पानी पीना भी बहुत आवश्यक है। जब भी आप पानी पीते है तो इससे आपके दांत साफ होते है। जिससे दांतों में फंसा खाना निकलता रहता है साथ ही दांतों में कीड़ा लगने से भी बचाव होता है। इसलिए जब भी आप खाना खाएं तो उसके थोड़ी देर बाद बीच-बीच में पानी जरूर पीएं।
सही डाइट लेना

आपके दांत और मसूड़े सही रहें इसके लिए आपकी डाइट का भी सही होनी जरुरी है। आपको फलों और सब्जियों का सेवन भली प्रकार से करना चाहिए। फल और सब्जियां खाने का असर आपके दांतों पर भी पड़ता है। साथ ही इन्हें खाने से दांतों की सफाई भी होती रहती है। खाने में अगर आप विटामिन सी लेते हैं तो आप दांतों में होने वाली समस्याओं से बच पाते हैं। साथ ही आप अपने खाने में मीठे की मात्रा कम कर दें क्योंकि ज्यादा मीठा दांतों के लिए सही नहीं है। क्योंकि जब आप मीठा ज्यादा खाते है तो वह दांतों में फंसा रह जाता है। और इससे दांतों में कीड़ा लगने की शिकायत देखी जाती है।
खाने के तुरंत बाद ब्रश न करें
जब आप कुछ खाते या पीते हैं तो आपके मुंह में मसूड़े इस समय थोड़ा मुलायम होते है। खाना खाते वक्त मुंह में पीएच एसिड बनता है जिससे मसूड़े मुलायम पड़ जाते हैं। अगर आपने तुरंत खाना खाने के बाद ब्रश किया तो इसका आपके दांत के इनेमल पर असर पड़ता है। यदि आपके दांतों में कुछ फंस गया है तो इसके लिए आप डेंटस फलोस या फिर खीरा या गाजर खा लें इनसे प्राकृतिक तरीके से दांतों की सफाई हो जाती है।
तम्बाकू का सेवन न करें

तम्बाकू मुंह के स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी सही नहीं। इससे दांतों पर धब्बे पड़ जाते है। साथ ही इसका आपके होंठ, चीभ, गाल और पूरा मुंह भद्दा दिखने लगता है यहां तक की कैंसर होने का खतरा भी बना रहता है। इसलिए तम्बाकू का सेवन बंद कर देें।
समय-समय पर डॉक्टर से लें परामर्श
आजकल डॉक्टर्स के पास नई नई तकनीक आ गई है जिससे वह आपके दांतों की जांच कर छुपी हुई दिक्कत भी बता देते हैं। अक्सर हमें स्वयं से किसी चीज का पता नहीं चल पाता है तो इसके लिए डॉक्टर में पास रूटीन चेकअप के लिए जाते रहें। क्योंकि जिस तरह दांतों में कीड़ा लगने के बाद आप डॉक्टर के पास नहीं जाते है तो ये समस्या गम्भीर बन जाती है। आपकी लापरवाही आपके लिए ही घातक सिद्ध होती है। इसलिए डॉक्टर से समय-समय पर परामर्श लेते रहें।
(दांत विशेषज्ञ नवीन अरोड़ा से बातचीत पर आधारित)
