Pizza and Not Gain Weight: पिज्जा का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। शायद ही कोई ऐसा इंसान हो, जिसे पिज्जा खाना पसंद ना हो। यह देखने में आता है कि स्नैक टाइम में जब कुछ अच्छा खाने का मन करता है तो हम पिज्जा खाते हैं। लेकिन अधिकतर लोगों को चाहकर भी पिज्जा से दूरी बनानी पड़ती है। दरअसल, पिज्जा खाने से अक्सर वजन बढ़ जाता है। इसलिए, जो लोग अपने कैलोरी इनटेक को बैलेंस रखना चाहते हैं या फिर अपने वजन पर पैनी नजर रखते हैं, वे अक्सर पिज्जा खाने से बचते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अपने वेट को मेंटेन रखने के लिए आपको पिज्जा छोड़ने की जरूरत नहीं है। बस आवश्यक है कि आप अपने खाने का तरीका बदलें। अगर आप पिज्जा बनाते व खाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं तो ऐसे में आप वजन की चिंता किए बिना आसानी से पिज्जा खा सकते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ छोटे-छोटे टिप्स के बारे में बता रहे हैं-
चुनें हेल्दी क्रस्ट

मार्केट में अमूमन पिज्जा के लिए व्हाइट बेस मिलता है, जिसे मैदा से बनाया जाता है। लेकिन अगर आप एक हेल्दी पिज्जा बनाना चाहते हैं तो ऐसे में रेग्युलर मैदा के क्रस्ट की जगह होल व्हीट बेस को चुनें। इन विकल्पों में कैलोरी कम होती है और फाइबर अधिक होता है। इसके अलावा, आप थिन क्रस्ट पिज्जा बेस का चयन भी कर सकते हैं। थिन क्रस्ट में कम कैलोरी और कम फैट होता है।
करें पॉर्शन कंट्रोल

अक्सर वजन बढ़ने का मुख्य कारण आपका ओवरईटिंग करना होता है। अक्सर अपनी फेवरिट आइटम देखकर हम खुद को रोक ही नहीं पाते हैं, जिससे वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इसलिए, अगर आप पिज्जा खा रहे हैं तो ऐसे में पोर्शन कंट्रोल पर विशेष रूप से ध्यान दें। आप एक बार में पूरा पिज्जा ख़त्म करने के बजाय एक या दो स्लाइस ही खाएं। इससे आप कैलोरी इनटेक को आसानी से सीमित कर सकते हैं।
सब्जियों का अधिक से अधिक इस्तेमाल

जब आप पिज्जा बना रहे हैं तो ऐसे में आप मशरूम, शिमलामिर्च, प्याज, या टमाटर जैसी सब्जियों की टॉपिंग चुनें। कोशिश करें कि आप इनका अधिक मात्रा में इस्तेमाल करें। दरअसल, जब आप ऐसा करते हैं तो आप जल्दी ही खुद को फुलर महसूस कर पाते हैं। साथ ही साथ, ये आपके कैलोरी काउंट को भी बैलेंस रखते हैं। इसके अलावा, कई तरह की सब्जियां पिज्जा के टेस्ट को भी कई गुना बढ़ा देती हैं।
चीज़ का कम करें इस्तेमाल

पिज्जा बनाते समय हम सभी चीज़ का अधिक इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आप अपने वजन को ध्यान में रखते हुए पिज्जा बनाना व खाना चाहते हैं तो ऐसे में चीज़ या मीट की टॉपिंग कम से कम करें। इनमें कैलोरी व सैचुरेटिड फैट अधिक होता है। जिसके कारण इसके सेवन से आपका वजन बढ़ सकता है। बेहतर होगा कि आप इसकी जगह लीन प्रोटीन जैसे ग्रिल्ड चिकन व टर्की आदि का इस्तेमाल करें।
अतिरिक्त सॉस को करें अवॉयड

कई बार पिज्जा के टेस्ट को बढ़ाने के चक्कर में हम अतिरिक्त सॉस या डिप्स आदि का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इनसे कैलोरी काउंट कई गुना बढ़ जाता है और फिर आपका पिज्जा वजन बढ़ाने में सहयोग करता है। इसलिए, बेहतर होगा कि जहां तक संभव हो, आप इन अतिरिक्त सॉस से बचें।
कुल कैलोरी काउंट पर दें ध्यान

अगर आप वजन बढ़ाए बिना ही पिज्जा को एन्जॉय करना चाहते हैं तो ऐसे में अपने पूरे दिन में लिए जाने वाले कुल कैलोरी सेवन पर विचार करें। मसलन, अगर आपने लंच में पिज्जा खाने का मन बनाया है तो डिनर को लाइट ही रखें। जब आप ऐसा करते हैं तो इससे कैलोरी काउंट को बैलेंस कर पाना काफी आसान हो जाता है।
चबा-चबाकर खाएं

जब आप पिज्जा खा रहे हैं तो यह अवश्य सुनिश्चित करें कि आप उसे पूरी तरह एन्जॉय करें। अक्सर हम पिज्जा देखकर खुद को रोक नहीं पाते हैं और फिर उसे जल्दी-जल्दी खाते हैं। हालांकि, ऐसा करने से आप ओवरईटिंग कर लेते हैं और आपका वजन बढ़ जाता है। इसलिए, जब आप पिज्जा खाएं तो उसे चबा-चबाकर खाएं और उसकी बाइट का पूरा टेस्ट लें। ऐसा करने से आप जब धीरे-धीरे पिज्जा खाते हैं तो इससे आप दो-तीन स्लाइस में ही फुलर महसूस करते हैं, जिससे आपका कैलोरी काउंट बढ़ता नहीं है और आप अपना वजन बढ़ने से भी रोक पाते हैं।
एक्सरसाइज न भूलें

जब आपने पिज्जा खाया है तो यकीनन आपने कुछ अतिरिक्त कैलोरी का सेवन किया है। ऐसे में अपने कैलोरी काउंट को बैलेंस करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप अगले दिन 10-15 मिनट तक अतिरिक्त वर्कआउट करें। ऐसा करने से आप उस अतिरिक्त कैलोरी को बेहद आसानी से बर्नआउट कर लेते हैं। जिससे आपका वजन बढ़ता नहीं है।
ना बनाएं नियम

भले ही आपको पिज्जा खाना कितना भी पसंद है, लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि आप इसे हर दिन ना खाएं। कुछ लोग हर दूसरे दिन घर में ही पिज्जा बनाते हैं या फिर उसे बाजार से लाकर खाते हैं। अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे आपके लिए अपने कैलोरी इनटेक को बैलेंस करना काफी मुश्किल हो जाएगा। जिससे आपका वजन बढ़ेगा। बेहतर होगा कि आप 15-20 दिन के गैप में ही इस तरह के फूड का सेवन करें।
