To Do List For Maternity Leave: प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपना विशेष ध्यान रखना पड़ता है खासकर थर्ड ट्रेमिस्टर में महिलाओं को अधिक आराम और देखभाल करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में कामकाजी महिलाओं को ऑफिस की ओर से 6 महीने की मैटरनिटी लीव की सुविधा भी दी जाती है, ताकि वे खुद का और बच्चे का विशेष ध्यान रख सकें। मैटरनिटी लीव डिलीवरी के पहले और बाद में तीन-तीन महीने की होती है। जिससे महिला की ठीक प्रकार से रिकवरी करने का मौका मिल सके। हर ऑफिस के अपने रूल्स और रेग्यूलेशन होते हैं जिसके तहत मैटरनिटी लीव तय की जाती है। मैटरनिटी लीव पर जाने से पहले महिलाओं को एक टू-डू लिस्ट बनानी चाहिए जिसमें एचआर पॉलिसी से लेकर नए प्रोजेक्ट की सभी जानकारी शामिल करें, ताकि रिज्वॉइनिंग के समय किसी प्रकार की समस्या न आए। तो चलिए जानते हैं महिलाओं को लीव लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
जल्दी शुरू करें

मैटरनिटी लीव की तैयारी जल्दी शुरू करनी चाहिए। लीव पर जाने से पहले जॉब ड्यूटीज और प्रोजेक्ट्स से संबंधित एक लिस्ट बनाएं। इससे आखिरी समय में कुछ जरूरी काम छूटेगा नहीं। डिलीवरी की डेट से लगभग 6-8 हफ्ते पहले लीव लेने की कोशिश करें ताकि डिलीवरी के लिए खुद को प्रिपेयर करने का मौका मिल सके। अधिकतर ऑफिस 6 महीने की पेड मैटरनिटी लीव मुहैया कराते हैं इसलिए पूरी कैलकुलेशन के साथ लीव डिसाइड करें।
कंपनी की एचआर पॉलिसी जानें
वैसे तो सभी ऑफिस 6 महीने लगभग 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव देते हैं। लेकिन कुछ ऑफिसेस अपने रूल्स होते हैं जिसकी समय रहने जानकारी हासिल कर लें। इसके अलावा महिला को उसकी जॉब प्रोफाइल के अनुसार एक्स्ट्रा सुविधाएं भी दी जा सकती हैं, जिसकी जानकारी होना जरूरी हैं। यदि आपके ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाती है तो आप शुरूआती तीन महीने घर से भी काम कर सकती हैं।
यह भी पढ़ें | Weight Loss tips at home: वर्क फ्रॉम होम के दौरान करना है वेट लॉस तो अपनाएं यह टिप्स
करें डॉक्यूमेंटेशन
जैसे-जैसे अपकी मैटरनिटी लीव पास आती जाएगी वैसे-वैसे हर उस चीज का डॉक्यूमेंटेशन करें, जिसे आप अपने कलीग को सौंपने जा रही हैं। सुनिश्चित करें कि इन डॉक्यूमेंट्स में प्रोजेक्ट की स्थिति, फाइल और की कॉन्टेक्ट को मुख्य रूप से शामिल करें। छुट्टी पर जाने से पहले सभी फाइलों को अप-टू-डेट करें ताकि आपका कलीग जानकारी हासिल करने के लिए बार-बार आपको परेशान न करे।
अपने आपको मेमो लिखें

मैटरनिटी लीव पर जाने से पहले खुद के लिए मेमो तैयार करें। मेमो में इन सभी जरूरी चीजों के बारे में लिखा जाता है जो हम आसानी से भूल जाते हैं, जैसे- यूजर पासवर्ड, पासवर्ड हिंट्स और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसिजर आदि। जब आप ऑफिस में काम करती हैं तो आपको ये सभी चीजें याद रहती हैं लेकिन 6 महीने की लीव के बाद कई बार चीजें टच में न रहने की वजह से भूल सकते हैं। इसलिए खुद के लिए एक मेमो लिखें।
छुट्टियां बचाकर रखें
कुछ महिलाओं को नवें महीने तक समस्याएं महसूस नहीं होंती ऐसे में बेवजह छुट्टी लेने से बेहतर है आप उस समय काम कर लें और अपनी छुट्टियों को बाद के लिए बचा लें। इसके अलावा आप प्रिविलेज लीव को मैटरनिटी लीव में ऐडऑन न करें। इसका प्रयोग आप डिलीवरी के बाद बच्चे की देखभाल के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा अपनी मेडिकल लीव का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
