Cause Of Eye Dryness- दुनियाभर में नॉन-कम्यूनिकेबल आई डिजीज तेजी से फैल रही है। दुनियाभर में हुए तमाम अध्ययनों से यह पता चला है कि भारतीयों में डायबिटीज और ग्लूकोमा से संबंधित आंख से रिलेटिड रोग होने की संभावना अधिक है, जिसमें अंधापन भी शामिल है। इसलिए ये जरूरी है कि आंखों से जुड़े रोगों की पहचान समय रहते की जाए और उचित उपचार शुरू किया जाए ताकि बढ़ती समस्या को रोका जा सके। अधिकांश आखों की बीमारियां मामूली होती हैं और बहुत लंबे समय तक नहीं रहती हैं। हालांकि, कुछ बीमारियां आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे अंधापन भी हो सकता है। तो चलिए जानते हैं सामान्य नॉन-कम्यूनिकेबल बीमारियों के बारे में।
ड्राय आई

ड्राय आई होने पर दोनों आंखों में खुजली होती है और धुंधला दिखाई देने लगता है। ऐसा आंसू न बनने के कारण होता है। आंखों को नम, स्वस्थ और इंफेक्शन-फ्री रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में आंसू बनना जरूरी होता है। आंसू न बनना ही ड्राई आई का प्रमुख कारण होता है। इसकी प्रमुख वजह उम्र बढ़ना, कोई गंभीर बीमारी, दवाओं का सेवन या कोई ऑपरेशन हो सकता है। ड्राय आई से बचने के लिए हवा, धुएं और गर्म हवा से बचना चाहिए। घर से बाहर हमेशा सनग्लासेस का उपयोग करें। रीडिंग, ड्राइविंग और कम्प्यूटर पर काम करते वक्त ब्रेक जरूर लें। ड्राय आई की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप डॉक्टर की सलाह पर आईड्रॉप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
ग्लूकोमा

ऑप्टिक नर्व डैमेज होने पर ग्लूकोमा की शिकायत होती है। ग्लूकोमा होने से धुंधला दिखाई देने लगता है। आंखों पर लगातार अत्यधिक दबाव होने से ये परेशानी होती है। डायबिटीज, आई ट्रॉमा और इनएक्टिविटी के कारण भी ग्लूकोमा हो सकता है। रेगुलर एक्सरसाइज से ओकुलर प्रेशर को कम किया जा सकता है जो ग्लूकोम को रोकने में मददगार होता है।
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उम्र संबंधी मैकुलर डिजनरेशन

उम्र संबंधी मैकुलर डिजनरेशन एक उपचार योग्य आंख की बीमारी है, जो अक्सर 50 वर्ष के बाद होती है। इससे आंख के पीछे का हिस्सा डैमेज होता है, जो सामने रखी चीजों को देखना मुश्किल बनाता है। स्मोकिंग करने वाले और फैमिली में इस तरह की हिस्ट्री वाले लोगों को ये रोक आसानी से हो सकता है। इससे बचने के लिए सेकेंड-हैंड स्मोक से दूर रहें। रेगुलर एक्सरसाइज करें, अपने ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को सही रखें और पोषक आहार लें।
मायोपिया

मायोपिया से ग्रसित लोगों को दूर की चीजें साफ नहीं दिखाई देती हैं, लेकिन पास की चीजें स्पष्टरूप से दिखती हैं। मायोपिया एक अनुवांशिक बीमारी है जो माता-पिता से बच्चे में ट्रांसफर होती है। हालांकि मायोपिया के सही कारण अभी भी पता नहीं चल पाए हैं। अधिकांश डॉक्टर इसकी वजह अनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों को मानते हैं। मायोपिया से बचने के लिए स्क्रीन से ब्रेक लेना, डिजिटल डिवाइस पर टाइम को लिमिट करना, डिम लाइट में रीडिंग से बचना चाहिए। घर से बाहर सनग्लासेस का उपयोग करना और स्मोकिंग से बचना चाहिए। नॉन-कम्युनिकेबल आंख की बीमारियों से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपनी आंखों की नियमित रूप से जांच कराएं।
आंखों का कम झपकना

आंखों की पलकों के किनारों पर छोटी-छोटी ग्रंथियां होती हैं, जिन्हें मेलबोमियान ग्लैंड्स कहते हैं। इनके बंद होने या इनकी कार्यप्रणाली बिगड़ने से आंसु जल्दी सूख जाते हैं। इसके अलावा आंखों के ड्रायनेस की एक वजह है आंखों को कम झपकना। कुछ गतिविधियां जैसे पढ़ना, गाड़ी चलाना या कम्प्यूटर पर काम करते समय, हम अपनी पलकों को कम झपकाते हैं। इससे भी आंख में आंसू कम बनते हैं। जो ड्रायनेस को बढ़ावा देते हैं। महिलाओं में आंसुओं का उत्पादन पुरुषों की अपेक्षा कम होता है। कई बार शरीर में विटामिन-ए की कमी भी आंखों को ड्राय बनाने का कारण बन सकती है।
