Kids Privacy: आपको अपना बचपन तो याद ही होगा जिसमें आपने ढेर सारी मस्ती की थी। हर किसी का बचपन बेहद खास होता है लेकिन आजकल कुछ पैरेंट्स अपने बच्चों के भविष्य और सेहत को लेकर ज्यादा ही चिंतित रहते हैं। इस कारण से वे हर वक्त बच्चों के पीछे पड़े रहते हैं। इससे बच्चा कम उम्र में ही मैच्योर होने लगता है और अनजाने में ही सही आप उसका बचपन छीनने लगती हैं। ये आपकी जिम्मेदारी बनती है कि उसकी मासूमियत और बचपने को आप अधिक से अधिक दिनों तक बचाकर रखें. उसके बचपन को यादगार बनाने का प्रयास करें। आईए जानते हैं कि बच्चों को प्राइवेसी देना ज़रूरी क्यों है:
आत्मविश्वास में कमी

आपके बार बार रोक टोक से बच्चे रोबोट की तरह ही हो जायेगे आप जितना कमांड देंगी वो उतना ही काम करेगे। धीरे धीरे उनका आत्मविश्वास कम हो जायेगा और वे खुद से कुछ नही सोच और कर पाएंगे।
बातें छुपाना सीख जायेंगे
जो पैरेंट्स अपने बच्चों के पीछे रात दिन लगे ही रहते हैं उनके बच्चे पेरेंट्स से बातें छिपाना भी सीख जाते हैं। बच्चों को भी थोड़ा समय अकेले दें ताकि वे खुद से भी चीजों को समझ सकें और उस पर चिंतन करें। आजकल के माहौल को देखते हुए बच्चों को प्राइवेसी देना बेहद जरूरी है।
बच्चे दूर जाना चाहेंगे
आजकल लोग मंहगाई को देखते हुए सिंगल चाइल्ड ही रखना पसन्द करते हैं ऐसे में कुछ मां बाप अपने बच्चों को हद से ज्यादा टाइम देते हैं फिर बच्चा अपने मन का कर नहीं पाता है। इससे कही न कही बच्चा दूर जाने की कोशिश करता है। पेरेंट्स बच्चों को उनके दोस्त के साथ या कुछ समय के लिए प्राइवेसी जरूर दें।
सोशल होने का दें मौका

बच्चों के साथ खुद ही ज्यादा समय देने की बजाय उन्हें हर वक्त मोटिवेट करें कि वो अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकले और अपने उम्र के बच्चों के साथ मिले जुले. पेरेंट्स उसे डांस, म्यूजिक, स्वीमिंग, आर्ट आदि क्लास में एडमिशन करा सकते हैं.
बच्चों को बचपन जीने दें
ज्यादा दखलंदाजी से बच्चा कम उम्र में ही मेच्योर होने लगता है. ऐसे में ये आपकी जिम्मेदारी बनती है कि उसकी मासूमियत और बचपने को बचाए रखें। बचपन को यादगार बनाने के लिए बच्चों को किसी ट्रिप पर गए कैंपिंग के लिए भेजें।
बच्चों को थोड़ा स्पेस दें

अपने बच्चों के लिए हैलिकॉप्टर पेरैंटिंग से बचें और हर वक्त बच्चे के इर्द गिर्द ना रहें. उनके जीवन का हिस्सा रहें लेकिन उन्हें थोड़ा पर्सनल स्पेस भी दें. बता दें पर्सनल स्पेस ना मिलने की वजह से बच्चे हर वक्त घिरा हुआ महसूस करेंगे और धीरे धीरे आपसे इरिटेट रहने लगेंगे। ऐसे मे बच्चों को स्पेस देना बेहद जरूरी है।
