बेटियों के विवाह की नहीं होगी अब चिंता, सरकार करेगी आर्थिक मदद: Government Marriage Scheme
Government Marriage Scheme Credit: istock

Wedding Fear: जिस घर में लड़कियां बेफिक्री और बिंदास मिजाज के साथ अपना बचपन बिताती हैं, जब उस घर को छोड़ने की बात आती है, तो इमोशनल होना जायज है। शादी के बाद जीवन में बहुत से पड़ाव आते हैं, बहुत सी जिम्मेदारियां आती हैं, जिनके बारे में सोचकर ही लड़कियों में मन में डर घर करने लगता है। हालांकि आज का जमाना बदल चुका है। लोगों की सोच भी काफी हद तक बदल चुकी है।

लेकिन नहीं बदला है तो शादी के दिन दिल में रहने वाला डर। लड़कियां लिव इन रिलेशनशिप में रहना का फैसला तो आसानी से कर सकती हैं, लेकिन शादी के बाद पति के साथ उसके परिवार के बीच में रहने का डर ही कुछ और होता है। वो अपनी शादी के दिन भी यही सोचती हैं, कि क्या यह शादी करने का फैसला ठीक है? क्या वो इसे निभा पाएगी? क्या है वजह?

Wedding Fear: आजादी छिनने का डर

Wedding Fear
Girls Wedding Fear

जब तक लड़कियों की शादी नहीं होती, तब तक वो स्वतंत्र होती हैं। लेकिन शादी के बाद काफी कुछ बदल जाता है। उनको इसी बात का डर सबसे ज्यादा सताता है कि, कहीं उसके सपने अधूरे ना रह जाए। जिस वजह से उनके मन में घबराहट बढ़ती जाती है।

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लाइफस्टाइल बदलने का डर

Girls Wedding Fear
Scared of Changing Lifestyle

लड़कियों के लिए उनकी पूरी लाइफस्टाइल में बदलाव करना कोई आसान बात है। घर से लेकर परिवार तक के होने वाले बदलाव के बारे में सोच-सोचकर लड़कियां अपनी शादी वाले दिन बीमार पड़ जाती हैं। लेकिन शादी के दिन इस बात से डरना अच्छा नहीं होता।

पहचान बदलने का डर

Wedding Fear in Girls
Fear of identity change

हमारे समाज में लड़कियों की शादी के बाद उनका सरनेम बदल दिया जाता है। कहीं कहीं तो लड़कियों का नाम भी बदल दिया जाता है। यह चिंता लड़कियों के बड़े डर का कारण बनती हैं। 

करियर चौपट होने का डर

शादी के बाद लड़कियों के करियर पर भी काफी असर पड़ता है। उनकी महत्वकांक्षाएं और करियर से जुड़े प्लान ससुराल जाकर कहीं चौपट ना हो जाएं, इस बात का डर उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर देता है, कि क्या वो यह शादी करके कहीं गलती तो नहीं कर रहीं।

अकेलेपन का डर

Wedding Phobia
Fear of Loneliness

लड़कियों को जो प्यार अपने माता-पिता और दोस्तों से मिलता है। वो प्यार उन्हें शादी के बाद मिलेगा या नहीं, या कहीं ससुराल जाकर खुद को अकेला ना महसूस करने लगें। ये डर उनके दिल में उनकी शादी के दिन तक बना रहता है।

कभी-कभी परिवार को लगता है कि उनकी बेटी का ये डर सिर्फ घबराहट की वजह से है। लेकिन वो यह नहीं जानते कि, लड़की को इस वजह से गामोफोबिया तक हो सकता है। कुछ लड़कियों में शादी को लेकर डर इस कद्र बढ़ जाता है कि, उन्हें मेडिकल तक की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में इस फोबिया के बारे में भी जान लेना जरूरी है।

गोमोफोबिया के बारे में

• अपनों को छोड़कर जाने का डर।

• अपनों को लेकर असुरक्षित महसूस करना।

• डिप्रेशन की स्थिति होना।

• अपने परिवार और माता-पिता से ज्यादा प्यार होना।

• खुद को कभी कभी नुकसान पहुंचाने की आदत।

जान लीजिये गोमोफोबिया के लक्षण

• शादी के ख्याल से लेकर शादी के दिन तक डर लगना।

• लगातार एंग्जायटी होना।

• बुरे-बुरे ख्याल आना।

• खुद पर कंट्रोल ना कर पाना।

• जरूरत से ज्यादा गुस्सा आना।

• भावात्मक रूप से किसी नये इंसान से कनेक्ट ना हो पाना।

शादी के दिन लड़कियों में डर होना स्वाभाविक है। यह डर किसी भी वजह से हो सकता है। इससे निपटने के लिए आपको क्या कुछ करना चाहिए यह भी जाना लेना जरूरी है।

• शादी से पहले अपने पति को जानने और समझने के लिए समय लें।

• पति और उसके परिवार के साथ समय बिताएं, ताकि आप उनके मिजाज को समझ पाएं।

• आप अपने पति से अपने आगे के भविष्य के बारे में खुलकर बातें करें।

• शादी के बाद आपकी क्या महत्वकांक्षाएं है, उसके बारे में भी बात करें।

• शादी के बाद होने वाले बदलाव और जिम्मेदारियों के लिए खुद को पहले से तैयार रखें।

शादी हर लड़की की जिंदगी का सबसे अहम पड़ाव होता है। आगे की चीजो को सोचकर डरने की जगह अपने दिन को खुशी से एंजॉय करें।

मेरा नाम मोनिका अग्रवाल है। मैं कंप्यूटर विषय से स्नातक हूं।अपने जीवन के अनुभवों को कलमबद्ध करने का जुनून सा है जो मेरे हौंसलों को उड़ान देता है।मैंने कुछ वर्ष पूर्व टी वी और मैग्जीन के लिए कुछ विज्ञापनों में काम किया है । मेरा एक...