Posted inउपन्यास

नीलकंठ-गुलशन नन्दा भाग-36

एकाएक हवा का पक्षी एक कड़ाके के साथ रुक गया और लड़खड़ाता हुआ नीचे गिर पड़ा। आनन्द की चीख निकल गई और वह ऑपरेशन-रूम की ओर भागा। किवाड़ खुला। आनन्द उखड़े हुए स्वर में साँस ले रहा था। डॉक्टर ने उसकी घबराहट देखते हुए कहा-‘मिस्टर आनन्द, बधाई हो! लड़का हुआ है।’ नीलकंठ नॉवेल भाग एक […]

Gift this article