Hindi Vyangya: वे अब किसी की नहीं सुनते। प्रभु बहरे होते हैं। उनके दर्शन भी दुर्लभ हो गये हैं। प्रभु अंतर्यामी होते हैं। कभी मिल गये तो ऐसे देखते हैं मानो हम किसी दूसरे ग्रह से उतरे हुए प्राणी हैं। उन्होंने मुझे घूरा और जैसे मेरी गरेबान पकड़ ली, ‘तो क्या करूं? होली आपसी बुराई […]
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गारंटी के नवोन्मेषी रूप – व्यंग्य
Hindi Vyangya: हर राजनीतिक दल गारंटी का पहाड़ उसी प्रकार खड़ा कर रहा है जैसे हर शहर में कूड़े का अंबार खड़ा हो रहा है। गा रंटी शब्द की उत्पत्ति स्पेन में हुई थी। टहलते हुए यह शब्द कई भाषाओं के शब्दकोश के साथ-साथ अंगरेजी के शब्दकोश का भी भ्रमण कर आया। जहां-जहां इसने भ्रमण […]
आयो रे आयो: Hindi Vyangya
Hindi Vyangya: टन्न -टन्न, टन्न-टन्न! किसी के थाली पीटने की आवाज से आस-पास की महिला मंडली काम-काज छोड़-छाड़ कर अपने-अपने घरों से बाहर निकल आई। सब यह पता लगाने में जुट गईं कि आखिर सुबह-सुबह ये आवाज कहां से आ रही है। पता चला मिश्राइन अपने ढहते शरीर की तरह अपनी ढहते घर के छज्जे […]
फिजूलखर्ची
Hindi Vyangya: मेरे मित्र ने पारिवारिक सदस्यों के दबाव में आकर चारपहिया वाहन खरीद लिया। शुरुआत में तो दो-तीन माह इनके पांव जमी पर नहीं पड़ रहे थे। खूब कार का मजा लिया। अब स्थिति यह आ गई की बैटरी न बैठ जाए इसलिए 10-15 दिन में एक चक्कर घर के आस-पास लगा लेते थे। […]
मेरी पत्नी का लिपस्टिक प्रेम—व्यंग्य
मेरी पत्नी का लिपस्टिक प्रेम-अब यह तो मुझे नहीं पता कि किस देश ने सर्वप्रथम औरतों के होठों की खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए लिपस्टिक जैसे मारक मेकअप के सामान का आविष्कार किया था। वे प्रथम खूबसूरत औरत कौन थी और किस देश की थी, जिसने अपने होठों पर लिपस्टिक लगाकर इसका ऐसा श्री गणेश किया कि आज तक पुरुष इस लिपस्टिक के […]
