मानवीय शरीर पर गज का सिर होने के बावजूद भी गणेशजी की बनावट हर मन को भाती है और वो सबके प्रिय भी हैं। पौराणिक कथा के मुताबिक एक बार चंद्रमा गणेशजी के भयंकर गुस्से का शिकार हुए थे, जिसका असर आज भी जारी है। इसी सर्दभ में धर्मशास्त्रों में एक नहीं बल्कि कई कथाएं प्रचलित हैं। आइए आज हम आपको सुनाते हैं इसी विषय से जुड़ी रोचक कथाएं।
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जंच जाएं राजस्थानी ज्वैलरी पहनकर
राजस्थान की ज्वैलरी आज भी उसकी पहचान है। मार्डन समय में रोजमर्रा और खास ओकेशनस् पर पहनी जा सकने वाली इस ज्वैलरी की हर तरह की रेंज उपलब्ध होना ही इसकी खासियत है। रजवाड़ो की याद दिलाती नएपन और परंपरा का बेजौड़ मिश्रण यह ज्वैलरी आपको शाही लुक व पारंपरिक अदांज से भर देती है।
अगर आप भी है, बैंगलूरू फूड के दीवानें, तो ज़रूर चखें, ये रेसिपीज़
बैगलौर के खाने में स्पाईस भी है और स्वीटनेस भी है। जो चीज यहां के खाने को खास बनाती है, वो हैं इस्तेमाल किए जाने वाले मसालें। इसमें कोई दोराय नहीं कि किसी भी राज्य का खान पान उसकी जलवायु पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर यहां नीर डोसा बहुत फेमस है और लोग उसे खूब चाव से खाते भी हैं। यहां के भोजन में कम तेल का इस्तेमाल किया जाता है। यहां परोसे जाने वाले व्यंजनों में आपको हर तरह की रेसिपी मिल जाएगी।
रामलला के दर्शन के पहले अयोध्या नगर कोतवाल यानि हनुमान जी के दर्शन क्यों है ज़रूरी, जानिए हनुमानगढ़ी का इतिहास
अयोध्या की सरयू नदी के दाहिने तट पर ऊंचे टीले पर स्थित हनुमानगढ़ी सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है। माना जाता है कि लंका विजय करने के बाद हनुमान यहां एक गुफा में रहते थे और राम जन्मभूमि और रामकोट की रक्षा करते थे। इसी कारण इसका नाम हनुमानगढ़ या हनुमान कोट पड़ा। यही से श्रीराम भक्त हनुमान रामकोट पर नजर रखते हैं।
मैं चुलबुली ,नटखट और ड्रामेबाज टाइप गृह लक्ष्मी हूं। – दीपशिखा नागपाल
बॉलीवुड, एक ऐसी दुनिया जिसमें कई सितारे चमकते है, इसी चमक धमक सी भरी दुनिया में एक चमकता सितारा है दीपशिखा नागपाल। दीपशिखा एक हरफनमौला कलाकार है जिन्होंने बड़े पर्दे के साथ साथ छोटे पर्दे पर अपने अभिनय से दर्शकों का दिल और दिमाग़ पर राज करती है। उनकी इस चमचमाती दुनिया के अलावा उनका अलग एक जीवन है जिसमें वो एक गृह लक्ष्मी के रूप में अपना जीवन जीती है । गृहलक्ष्मीभी है इन्हीं सभी बातों को लेकर उनसे खास बातचीत हमारी प्रतिनिधि ऋचा मिश्रा तिवारी से हुई जिसके कुछ अंश
