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जानें क्या है स्वास्तिक का अर्थ

हिंदू धर्म में चिन्हों और प्रतीकों का बहुत महत्व है। मंगल कार्यों के लिए स्वास्तिक बनाने का भी विशेष महत्व है। कथा, पूजा, हवन, शादी, यज्ञ आदि धार्मिक त्योहारों में स्वास्तिक बनाए जाते हैं। वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार की दोनों दिवारों पर अगर स्वास्ति चिह्न बनाया जाए तो यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। घर के किसी भी तरह के वास्तु दोष के गलत प्रभावों से राहत प्राप्त होती है और सुख.समृद्धि आती है।

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इस मंदिर में 3 बार बदलता है हनुमान जी का स्वरूप

मंडला से करीब तीन किलोमीटर दूर पुरवागांव में श्रद्धा और भक्ति का एक प्राचीन केन्द्र है, जिसे सूरजकुंड कहा जाता है। यहां पर हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर है। मंदिर में प्रतिष्ठित हनुमान जी की इस दुर्लभ मूर्ति की खासियत यह है कि ये चौबीस घंटो में प्राकृतिक तरीके से तीन बार अपना रूप बदलती है।

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गरुड़ पुराण के अनुसार, इन 7 चीजों को देखने से मिलता है पुण्य

हिंदू धर्म में कई ऐसे ग्रंथ हैं जिनमें जीवन के सूत्र बताए गए हैं। इन्हीं पुराणों में से एक है गरुड़ पुराण। गरुड़ पुराण 18 पुराणों में से एक माना जाता है। इस शास्त्र के आचारकांड में नीतिसार अध्याय है। जिसमें एक मनुष्य के जीवन में आने वाली परेशानियां और सुखी जीवन जीने के लिए काफी नीतियां बताई गई हैं। गरुड़ पुराण में कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं, जिन्हें केवल देख लेने से ही पुण्य और लाभ की प्राप्ति होती।

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रोगों से मुक्ति पाने की शक्ति प्रदान करता है गंगाजल, नियमित करें प्रयोग

गंगा भगवान शंकर की जटाओं से निकलती है इसलिए इसे पवित्र माना जाता है। मां गंगा सभी का उद्धार करने वाली हैं। मान्यता है कि गंगाजल का स्पर्श करने मात्र से कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। गंगाजल से स्नान या इस पवित्र जल का सेवन करने से कई रोगों का खतरा कम हो जाता है। गंगाजल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।

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अपनी मां से ज़रूर करें, ये बातें शेयर

जन्म के साथ ही हम जीवन में न जाने कितने ही रिश्तो से बंध जाते हैं। मगर उन सभी रिश्तों में जो सबसे खास और अनोखा कहलाता है, वो है मां बेटी का रिश्ता। बेटियां घर की रौनक कहलाती हैं, जो चुपके से मां गोद में जगह बनाने के बाद कब दिल में बस जाती है, मालूम की नहीं पड़ता।

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अपनी मां से ज़रूर करें, ये बातें शेयर

जन्म के साथ ही हम जीवन में न जाने कितने ही रिश्तो से बंध जाते हैं। मगर उन सभी रिश्तों में जो सबसे खास और अनोखा कहलाता है, वो है मां बेटी का रिश्ता। बेटियां घर की रौनक कहलाती हैं, जो चुपके से मां गोद में जगह बनाने के बाद कब दिल में बस जाती है, मालूम की नहीं पड़ता। नन्ही लाडो जब बड़ी होती है, तो मां उसकी सहेली बन बैठती है।

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जानें कानों की मालिश से होते हैं, क्या फायदे

दिनों दिन बदल रहे लाइफस्टाइल के कारण स्ट्रेस और एंग्जायटी लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज नहीं किया गया तो इसका असर सेहत पर भी देखने को मिल सकता है। स्ट्रेस की वजह से नींद ना आना, सिर में दर्द […]

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600 साल पुराना है, ये ग्रैंड ब़ाजार

सन् 1455 में बने इस बाज़ार में खरीददारी के लिए राज़ाना तीन लाख से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। हांलाकि कोविड के चलते इन दिनों बाज़ार आशिंक रूप से ही खुला है। इसमें 64 गलियां, चार हज़ार दुकानें और 25 हज़ार से भी ज्यादा लोग काम करते हैं।

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इस कार की सिनेमेटिक हेडलाइट से दीवार पर देखें फिल्म

इस कार की कीमत करीब 84 लाख रूपये है। यह एक चार्ज में 700 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है और महज 25 मिनट में 80 फीसदी चार्ज हो जाती है।

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जानें शिशु की मालिश के तरीके

गर्मियों में जहां खुले आसमान के नीचे आप बच्चे की मालिश कर सकते हैं। तो वहीं सर्दियों में धूप में यां फिर ज्यादा सर्दी के दौरान कमरा बंद करके बच्चे की मालिश की जा सकती है। मालिश करने का हर किसी का अपना अलग तरीका होता है मगर मालिश के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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