जन्म के साथ ही हम जीवन में न जाने कितने ही रिश्तो से बंध जाते हैं। मगर उन सभी रिश्तों में जो सबसे खास और अनोखा कहलाता है, वो है मां बेटी का रिश्ता। बेटियां घर की रौनक कहलाती हैं, जो चुपके से मां गोद में जगह बनाने के बाद कब दिल में बस जाती है, मालूम की नहीं पड़ता। नन्ही लाडो जब बड़ी होती है, तो मां उसकी सहेली बन बैठती है। अब सखियों सहेलियों से तो बहुत सी बातें हम सांझी कर लेते हैं, मगर मां से वही बाते बतलाने में कतराते हैं। दरअसल, कभी.कभार कुछ ऐसी बातें भी होती हैं जो आप अपनी मां को नहीं बता पाते या बताना भूल जाते हैं। लेकिन ये बातें हर एक बच्चे को अपनी मां को ज़रूर बतानी चाहिए।  
असफलताएं 
हम सभी लोग अपने जीवन में कई बार असफलता का सामना करते हैं। कभी ऑफिस मेंए कभी एग्जाम में तो कभी प्यार में हमको फेलियर झेलने को मिलता हैं। चाहे हालात जो भी रहे हो आपकी मां कभी आपका साथ नहीं छोड़ती है। अपने दुःख और निराशा को मां से बिल्कुल न छुपाएं। मां के पास कुछ ऐसे जादुई ट्रिक्स होते हैं जिससे वह अपने बच्चों को ताक़त देकर उनको तुरंत खुश कर सकती है। इसलिए अपने अच्छे और बुरे विचार हमेशा मां के साथ सांझा करते रहें।
अपनी शादी को लेकर चर्चा करना
जैसे ही लड़कियों की उम्र 25 से 28 साल होती है उनको चारों ओर से ज़ल्द ही शादी करने की सलाह मिलने लगती है। जिसे देखो शादी की बात करता नज़र आता है। इन हालातों में लड़कियां कई बार परेशान भी होने लगतीं हैं। इस बात को टालें नहीं अगर आप शादी नहीं करना चाहते इसकी वजह बताते हुए खुलकर अपनी मां से बात करें। इसके अलावा लड़कियां अक्सर अपने लव.अफेयर को फैमली से छुपा कर रखती हैं। वो इस तरह की बातों को लेकर कभी किसी से डिस्कशन नहीं करतीं। लेकिन  आप ऐसा बिल्कुल न करें विश्वास रखें कि मां हमेशा आपके लिए बेस्ट ही सोचेगी और आपका मार्गदर्शन कर आपको सही फैसला लेने में सहयोग देगी।  
अपने दोस्तों के साथ बिताएं वक्त को याद करें
मां हर वक्त इसी उधेड़बुन में लगी रहती है कि मेरी बेटी कैसे लोगों की संगती में हैं यां उसके दोस्त लड़के हैं यां लड़कियां। ऐसी स्थ्तिि में हर बेटी को चाहिए कि वो यां तो अपने दोस्तों से अपनी मां का परिचय करवाएं यां फिर अपनी मां को अपने दोस्तों के साथ रोज़ाना बीतने वाले वक्त के किस्से शेयर करें। मानो यां न मानो, उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचकर मां बच्चों के साथ कुछ वक्त बिताना चाहती है। वो चाहती है कि दिन में कुछ ऐसा वक्त हो, जिसमें बच्चे उनके साथ बैठें और दिनभर होने वाली गतिविधियों के बारे में उनसे बातचीत करें। 
भविष्य की योजनाओं के बारे में बताएं
हम दोस्तों से अक्सर अपने फयूचर प्लैन्स डिसकस करते है, मगर मां के पूछने पर ये कहकर टाल देते हैं कि आप नहीं समझोगे। मगर ये भूल जाते हैं कि वो  हमारी जननी है और उनसे बेहतर हमें कोई नही समझ सकता। ऐसे में उन्हें अंडरएस्टिमेट करने की बजाय अपने भविष्य की योजनाओं को मां से ज़रूर साझां करें क्यों की मां के आर्शीवाद के बिना जीवन में एक कदम भी चल पाना हम लोगों के लिए आसान नहीं होगा। 

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