हिन्दू नव वर्ष का प्रारम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। ब्रह्मपुराण के अनुसार पितामह ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि निर्माण का शुभारंभ किया था, इसलिए यह सृष्टि का प्रथम दिन है, इसकी काल गणना बहुत पुरानी है। सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया, इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् का पहला […]
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हलहारिणि अमावस्या 2020 : 21 जून को 4 संयोग
21 जून को इस बार 4 संयोग एक साथ बन रहे हैं। इस दिन फादर्स डे भी है, हलहारिणी अमावस्या भी है, सूर्य ग्रहण व योग दिवस भी है।
जीवन में राग – रंग का मेल है होली
फसल कटने के बाद धरती से उठती सौंधी सुगन्ध, सरसों की झूमती फसल का पीलापन रंग आम्र मंजरी से आती मादकता की बयार इन सबको अपने आंचल में बांधे फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला पर्व होली कब प्रारंभ हुआ, यह कहना तो मुश्किल है लेकिन अगर पौराणिक संदर्भों की बात करें तो […]
मदर्स डे-स्पेशल
इस दुनिया में कई प्रकार के दिन मनाए जाते हैं,फ्रेंडशिप डे, हग डे,रोज डे, अर्थ डे,फादर्स डे, पर मई की दूसरी रविवार को जो दिन आता है, वह सारी दुनिया के बच्चों के लिए बहुत खास है। सारी दुनिया उस दिन मदर्स डे मनाने में जुटी रहती है। ऑस्ट्रेलिया,अमेरिका,कनाडा में तो इसे मई के दूसरे रविवार के दिन मनाया जाता है,पर ब्रिटेन में यह ईस्टर संडे के तीन हफ्ते पहले मनाया जाता है।
Holika Dahan: ‘गोबर के उपलों का क्यों है महत्व होलिकादहन पर’
भारतीय जनमानस व संस्कृति में गाय के गोबर का अपना विशेष स्थान है। विशेषकर होली के त्यौहार पर इसका महत्व देखने को मिलता है। पहले के समय में जब गांवों में घर-घर में गायें हुआ करती थी उन दिनों महिलाएं होली के अवसर पर गाय के गोबर से उपले बनाती थी।
आज है अक्षय नवमी, जानिए कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ
दिवाली के 8 दिन बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी मनाई जाती है, जिसे आंवला नवमी के नाम से भी जाना जाता है।
आज है गोपाष्टमी है, जानिए क्या है इसका पौराणिक महत्व
कार्तिक मास की अष्टमी को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है
दिवाली के ये उपाय लाएंगे सुख समृद्धि
अगर घर साफ-सुथरा है तो उससे सकारात् मक ऊर्जा उत् पन् न होती है और कबाड़ नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है। घर की सफाई करते वक्त हमें घर में कहीं भी कबाड़ नहीं रखना चाहिए। किसी भी प्रकार के पुराने, कपड़े, इलैक्ट्रिक गैजेट, टूटे बर्तन, किताबें, खिलौने आदि जिनका हम उपयोग नहीं करते उन्हें घर […]
क्यों मनाया जाता है गणेश चतुर्थी का पर्व
हर साल बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला ये पर्व फिर से दस्तक देने वाला है। इस बार गणेश चतुर्थी 2 सितंबर को मनाई जा रही है। गणेश चतुर्थी की महाराष्ट्र में अलग ही धूम होती है। इस त्यौहार में हिन्दुओं के सर्वप्रिय देवता सही गणेश का पूजन किया जाता है। इस दिन को उनके जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि गणेश जी शंकर और पार्वती के बेटे हैं। जिन्हें 108 नामों से जाना जाता है। सभी देवताओं में सबसे पहले गणेश की ही पूजा की जाती है। ऐसे में ये जानना भी ज़रूरी है कि आखिर क्यों मनाया जाता है गणेश चतुर्थी का त्यौहार –
‘फुलेरा दूज’ पर पूजा करने से दूर होंगी मैरिड लाइफ की सारी समस्याएं
फुलेरा दूज का त्योहार बसंत पंचमी और होली के बीच फाल्गुन में मनाया जाता हैं। ज्योतिषशास्त्र की मानें तो फुलेरा दूज पूरी तरह दोषमुक्त दिन है।
