Posted inउत्सव

विविधताओं से भरा भारतीय  नववर्ष 

हिन्दू नव वर्ष का प्रारम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। ब्रह्मपुराण के अनुसार पितामह ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि निर्माण का शुभारंभ किया था, इसलिए यह सृष्टि का प्रथम दिन है, इसकी काल गणना बहुत पुरानी है। सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया, इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् का पहला […]

Posted inउत्सव

जीवन में राग – रंग का मेल है होली

फसल कटने के बाद धरती से उठती सौंधी सुगन्ध, सरसों की झूमती फसल का पीलापन रंग आम्र मंजरी से आती मादकता की बयार इन सबको अपने आंचल में बांधे फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला पर्व होली कब प्रारंभ हुआ, यह कहना तो मुश्किल है लेकिन अगर पौराणिक संदर्भों की बात करें तो […]

Posted inउत्सव

मदर्स डे-स्पेशल

इस दुनिया में कई प्रकार के दिन मनाए जाते हैं,फ्रेंडशिप डे, हग डे,रोज डे, अर्थ डे,फादर्स डे, पर मई की दूसरी रविवार को जो दिन आता है, वह सारी दुनिया के बच्चों के लिए बहुत खास है। सारी दुनिया उस दिन मदर्स डे मनाने में जुटी रहती है। ऑस्ट्रेलिया,अमेरिका,कनाडा में तो इसे मई के दूसरे रविवार के दिन मनाया जाता है,पर ब्रिटेन में यह ईस्टर संडे के तीन हफ्ते पहले मनाया जाता है।

Posted inउत्सव

Holika Dahan: ‘गोबर के उपलों का क्यों है महत्व होलिकादहन पर’

भारतीय जनमानस व संस्कृति में गाय के गोबर का अपना विशेष स्थान है। विशेषकर होली के त्यौहार पर इसका महत्व देखने को मिलता है। पहले के समय में जब गांवों में घर-घर में गायें हुआ करती थी उन दिनों महिलाएं होली के अवसर पर गाय के गोबर से उपले बनाती थी।

Posted inधर्म

आज है अक्षय नवमी, जानिए कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ

दिवाली के 8 दिन बाद का​र्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी मनाई जाती है, जिसे आंवला नवमी के नाम से भी जाना जाता है।

Posted inउत्सव

दिवाली के ये उपाय लाएंगे सुख समृद्धि

अगर घर साफ-सुथरा है तो उससे सकारात् मक ऊर्जा उत् पन् न होती है और कबाड़ नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है। घर की सफाई करते वक्त हमें घर में कहीं भी कबाड़ नहीं रखना चाहिए। किसी भी प्रकार के पुराने, कपड़े, इलैक्ट्रिक गैजेट, टूटे बर्तन, किताबें, खिलौने आदि जिनका हम उपयोग नहीं करते उन्हें घर […]

Posted inउत्सव

क्यों मनाया जाता है गणेश चतुर्थी का पर्व

हर साल बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला ये पर्व फिर से दस्तक देने वाला है। इस बार गणेश चतुर्थी 2 सितंबर को मनाई जा रही है। गणेश चतुर्थी की महाराष्ट्र में अलग ही धूम होती है। इस त्यौहार में हिन्दुओं के सर्वप्रिय देवता सही गणेश का पूजन किया जाता है। इस दिन को उनके जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि गणेश जी शंकर और पार्वती के बेटे हैं। जिन्हें 108 नामों से जाना जाता है। सभी देवताओं में सबसे पहले गणेश की ही पूजा की जाती है। ऐसे में ये जानना भी ज़रूरी है कि आखिर क्यों मनाया जाता है गणेश चतुर्थी का त्यौहार –

Posted inधर्म

‘फुलेरा दूज’ पर पूजा करने से दूर होंगी मैरिड लाइफ की सारी समस्याएं

फुलेरा दूज का त्योहार बसंत पंचमी और होली के बीच फाल्गुन में मनाया जाता हैं। ज्योतिषशास्त्र की मानें तो फुलेरा दूज पूरी तरह दोषमुक्त दिन है।

Gift this article