होली का त्यौहार हर वर्ष आता है। मस्ती और तरंग भरा फागुन का त्यौहार होली अपने साथ जुड़ी अनेकों खट्टी-मिठी बातें, प्यार, त्याग, द्वेषरहित, आपसी मेल-मिलाप लेकर आता है, बच्चे बड़े व सभी उत्साह से भर जाते हैं। बच्चे कई दिन पहले से ही तरह-तरह के रंग और गुलाल खरीदने लगते हैं। बच्चों के साथ बड़े भी पूरा उत्साह दिखाते हैं, पर इस उत्साह में यह रासायनिक रूप में मिश्रित तेजाबी रंग हमारी त्वचा और वस्त्रों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं। यह भी जान लेना आवश्यक है।
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ये 10 बातें जानकर आप हो जाएंगे दूसरों से भी ज्यादा स्मार्ट
हमारी दुनिया जितनी बड़ी है उससे भी ज्यादा बड़े और गहरे हैं उसके राज। ऐसी अनगिनत जानकारियां है जिनसे हम अंजान है जोकि रोजमर्रा में हमारे काम भी आ सकती हैं। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ रोचक और मजेदार जानकारी देने जा रहें हैं जिन्हें जानकर आप हो जाएंगे दूसरों से ज्यादा स्मार्ट। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो 10 बातें –
जानिए रथ यात्रा के बारे में 10 रोचक बातें
एक ऐसी यात्रा जिसमें भक्त और भगवान के बीच कोई सीमा नहीं होती। जहां स्वंय भगवान जगन्नाथ खुद चलकर भक्तों के बीच आते हैं और उनके सुख-दु:ख में सहभागी बनते हैं। यह भक्त के लिए एक समय होता है जब सृष्टि के पालनहार की डोर स्वयं उसके हाथों में होती है। ब्रह्मापुराण में भी कहा गया है कि ‘रथे चागमन दृष्टवां पुनर्जन्म न विद्यते’ अर्थात् रथ के ऊपर भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन करके मनुष्य पुनर्जन्म से बच जाता है। आइये जानते हैं इस भव्य जगन्नाथ यात्रा से जुड़ी ऐसी ही कुछ रोचक बातें –
मां बनने के एहसास को किया कैमरे में कैद
मां बनना दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है। जब एक स्त्री एक जिंदगी को जन्म देती है तो उसके लिए उस लम्हें से ज्यादा यादगार कोई लम्हा नहीं होता है। वो बस अपने बच्चे की एक झलक पाने के लिए हजारों दर्द कुर्बान कर देती है। इसीलिए उसे मां का दर्जा दिया गया है। इस दर्द भरे खुशी के लम्हें को दुनिया से रूबरू कराने के लिए फोटोग्राफर रोजर्स लिलानी ने अपने कैमरे में इन अद्भुत पलों को कैद किया है। उन्होंने इन भावनात्मक पलों की अलग-अलग जगहों पर तस्वीरों खींची हैं। जैसे- होम बर्थ, हॉस्पिटल में सीजेरियन बर्थ, वॉटर बर्थ आदि।
फोटोग्राफर रोजर्स द्वारा खीचीं गई चाइल्डबर्थ की ये खूबसूरत तस्वीरें –
क्या आप जानते हैं अंधविश्वास से जुड़े इन सवालों के जवाब?
आचरण और अनुशासन भारतीय समाज की आधारशिला है। आज के आधुनिक युग में भी भारत अपनी परंपरा को अपने से जोड़े हुए है। पुराने समय से ही कई ऐसे काम प्रचलित हैं जो मान्यताओं के आधार पर हर घर में आज भी किए जाते हैं। कुछ लोग इसे अंधविश्वास के नाम से भी जानते हैं। वही कुछ लोग इन परंपराओं को धर्म से जोड़कर देखते हैं। जैसे – नींबू-मिर्ची से बुरी नजर नहीं लगती। रात को झाड़ू क्यों नहीं लगाई जाती। महावारी के दौरान महिलाओं का रसोईघर में जाना क्यों वर्जित है इत्यादि। लेकिन इन मान्यताओं के पीछे छुपे हैं कुछ वैज्ञानिक तर्क। आइए जानते हैं इन परंपाराओं के लाभ –
पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर दें देशभक्ति का प्रमाण
दूषित पर्यावरण ऐसी समस्या है जिसके घेरे में सभी आते हैं। इससे सभी का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। लेकिन जब तक इसका असर प्रत्यक्ष रूप से अपने ही परिवार के किसी सदस्य पर न हो, इस ओर कोई न सोचना चाहता है और न ही देखना चाहता है।
