“”राजू,राजू माँजी आपने राजू को देखा क्या?”” रश्मि ने अपनी सास सरला जी से पूछा
“”नही बहु देखा तो नही लेकिन बैठक में देख आओ हो सकता है बच्चो के साथ खेलने चला गया हो”” चावल चुनते हुए सरला जी ने कहा
“”‘हम्म!दीवाली की सुबह बिना खाये पिए निकल गया,अभी पूरी पैकिंग भी बाकी है,ये लड़का भी ना हद करता है”” बुदबुदाते हुए रश्मि बैठक की तरफ चल दी।
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उम्मीद – गृहलक्ष्मी कहानियां
मेरे विचारों में पहले से अधिक लचीलापन आ गया है। क्योंकि जिन्दगी सब चीजों से अधिक कीमती है। ये बात सही है क्वारटांइन का एंकात पीड़ा देता है पर यह खुद को करीब से महसूस भी करवाता है।
बेटा हमारा टिकट करवा दो – गृहलक्ष्मी कहानियां
अपने मेहनत की कमाई से जिसे बनवाया उसको अपने जीते जी नहीं बेचूंगी। समर के पापा भी यही चाहते हैं। बनारस शहर में मकान कुछ ही लोगों का होता है, और हमारे कई रिश्तेदार भी यही हैं।” यह सब बातें सुन थोड़ी देर में सीमा जी चाय पी कर चली गई।
संगीतज्ञ गधा : पंचतंत्र की कहानी
पुराने समय की बात है। एक धोबी के पास बूढ़ा और कमजोर गधा था लेकिन धोबी उस पर बहुत ज्यादा काड़ों का बोझ रख कर उन्हें धोने ले जाता था गधे का मालिक उसे भूखा रखता था इसलिए रात के समय गधा पास के ही खेतों में फसल खाने पहुंच जाता।
सारस और चतुर केंकड़ा: पंचतंत्र की कहानी
बहुत समय पहले की बात है। तालाब के किनारे एक सारस रहता था। तालाब में मछलियों की कमी नहीं थी इसलिए वह मज़े से अपना पेट भरता।
बेटी
रमेश अपनी पांच वर्षीय बेटी के साथ खेल रहा था। कभी बच्ची छिपती। रमेश ढूंढ़ता।कभी रमेश छिपता। बेटी ढ़ूंढ़ती । जब पिता नहीं मिलते तो बच्ची रोने ल्रगती।रमेश दौड़कर उसे गले लगा लेता ।रमेश अपनी बेटी को और पिताओं से कुछ ज्यादा ही प्यार करते थे ।
फोन की घंटी लगातार बज रही थी – गृहलक्ष्मी कहानियां
फोन की घंटी लगातार बज रही थी। आज एकता ने सोच लिया था कि फोन नहीं उठाना है। सारा दिन फोन के ताने सुन-सुनकर उसके कान पक गए। जब मैं काम करती हूं तो कोई नहीं देखता मुझे।
काश
कैसे दोनों का रिश्ता दोनों के बड़े से अहम और मनमौजी गर्म स्वाभाव की भेंट चढ़ गया। ऊंची तन$ख्वाह वाली यूनिवर्सिटी की नौकरी के दम पर बंधनमुक्त मनमौजी स्वच्छंद जीवन जीने की चाहत के चलते दोनों का संबंध तीन बरस से अधिक नहीं चल पाया।
सर दर्द है मिस्टर पॉजिटिव – गृहलक्ष्मी कहानियां
भाई साहब मैं तो अपने पड़ोस में रहने वाले मिस्टर पॉजिटिव से बड़ा परेशान हूं। पता नहीं वह अभी तक आप से मिले हैं या नहीं, अगर नहीं मिले हैं, तो मैं दुआ करता हूं कि आपकी उनसे मुलाकात न ही हो तो अच्छा है।
शिक्षक के लिए महान व्यक्तियों के अनमोल विचार
जी हां, आज देश भर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है… जैसा कि आप सब जानते हैं कि भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर हर साल 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। दरअसल, डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने एक शिक्षक से देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति […]
