laal singh chaddha
Mona Singh's drastic physical transformation

Overview: "किरदार की मांग के लिए मोना ने छोड़ा कम्फर्ट जोन, हर स्तर पर खुद को किया ट्रांसफॉर्म"

मोना सिंह की 'लाल सिंह चड्ढा' के लिए की गई ट्रांसफॉर्मेशन सिर्फ एक फिजिकल चेंज नहीं, बल्कि एक आर्टिस्टिक कमिटमेंट का प्रतीक है। उन्होंने ये साबित कर दिया कि सच्चे कलाकार के लिए कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती, बस ज़रूरत होती है समर्पण और जुनून की।

Mona Singh Transformation in Laal Singh Chaddha: बॉलीवुड में कलाकार अपने किरदारों में जान फूंकने के लिए हर हद पार कर जाते हैं। ऐसा ही कुछ किया टेलीविजन और फिल्म जगत की मशहूर अदाकारा मोना सिंह ने, जब उन्होंने ‘लाल सिंह चड्ढा‘ में आमिर खान की मां का किरदार निभाने के लिए खुद को पूरी तरह बदल डाला। उन्होंने न सिर्फ अपना वजन घटाया, बल्कि खुद को इतना कमजोर और नाजुक दिखाया कि दर्शक उन्हें पहचान ही नहीं पाए।

किरदार की गहराई में उतरने की चुनौती

मोना सिंह को जब इस फिल्म का ऑफर मिला, तो यह कोई आम रोल नहीं था। एक जवान बेटे की मां का किरदार निभाने के लिए उन्हें अपनी उम्र से कहीं ज़्यादा परिपक्व दिखना था। इसके लिए उन्होंने खुद को मानसिक रूप से भी तैयार किया और कई वर्कशॉप्स अटेंड कीं।

वजन घटाने की सख्त प्रक्रिया

मोना ने इस रोल के लिए अपना वजन तेजी से कम किया। डेली वर्कआउट, स्ट्रिक्ट डायट और थकाने वाले शेड्यूल के बीच उन्होंने खुद को इस हद तक बदला कि लोग उन्हें पहचान भी नहीं पाए।

कमजोर और नाजुक दिखना था ज़रूरी

फिल्म के किरदार के मुताबिक उन्हें न केवल दुबला-पतला दिखना था बल्कि चेहरे पर थकान और शरीर में कमजोरी भी झलकनी चाहिए थी। इसके लिए मोना को अपने खान-पान के साथ-साथ नींद और दिनचर्या पर भी कंट्रोल रखना पड़ा।

उम्र से बड़ा दिखने की मेहनत

एक 20-25 साल के लड़के की मां का किरदार निभाने का मतलब था कि उन्हें अपनी उम्र से करीब 15-20 साल ज़्यादा दिखना पड़े। इसके लिए मेकअप के अलावा बॉडी लैंग्वेज, आवाज़ और चाल-ढाल तक पर काम किया गया।

मोना की टीम का अहम योगदान

इस ट्रांसफॉर्मेशन में मोना सिंह अकेली नहीं थीं। उनकी फिटनेस ट्रेनर, न्यूट्रिशनिस्ट और मेकअप आर्टिस्ट की टीम ने भी दिन-रात मेहनत की। हर छोटी से छोटी डिटेल का ध्यान रखा गया ताकि लुक और फील दोनों रियल लगे।

आमिर खान से मिला मोटिवेशन

मोना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि आमिर खान खुद भी हर शॉट के लिए डेडिकेशन से काम करते थे और यही चीज़ उन्हें भी प्रेरित करती थी। आमिर के परफेक्शन ने उन्हें और बेहतर बनने की दिशा में मोटिवेट किया।

दर्शकों ने सराहा मोना का बदला रूप

जब फिल्म रिलीज़ हुई, तो लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि यह वही मोना सिंह हैं जिन्हें टीवी पर ‘जस्सी’ के रूप में देखा था। उनके ट्रांसफॉर्मेशन को सराहा गया और आलोचकों ने भी उनकी ईमानदारी की तारीफ की।

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...