दांपत्य जीवन में थोड़ी नोंक-झोंक, लड़ाई-झगड़ा होना आम बात है क्योंकि इनके बिना पति-पत्नी का गुजारा नहीं होता। पर अकसर देखने में आता है कि यह हल्की-फुल्की लड़ाई व नोंक-झोंक कुछ विशेष अवसरों जैसे- बर्थडे, मैरिज ऐनिवर्सरी, त्योहार आदि पर ज्यादा होने लगती हैं। कभी घर के कामों को लेकर, कभी गिफ्ट को लेकर तो कभी शॉपिंग को लेकर, जिसके कारण  कोई भी उत्सव, उत्सव ना रह मुसीबतों का पहाड़ बन जाता है, जिससे बच पाना दोनों के लिए मुश्किल होता है। कारण हर कपल जानता है लेकिन इससे निपटना नहीं जानता। यदि ऐसे समय में थोड़ी सूझबूझ से काम लिया जाए तो हर कपल के लिए उसका हर उत्सव यादगार बन जाएगा। वो कैसे? आइए जानें-

रिश्तों को सहेजें कहते हैं कि रिश्तों को सहेजना एक कला है और इस कला में महिलाएं माहिर होती हैं। पर कई बार नासमझी के कारण महिलाएं अपनी इस कला को भूल जाती हैं, जो परिवार बिखरने का कारण बन जाता है। ऐसा ना हो इसके लिए अपने इस  स्वाभाविक गुण को जगाएं और समझदारी दिखाते हुए रिश्ते की नाजुक डोर को टूटने से बचाएं ताकि हर रिश्ता आपसे जुड़ा रहे। सम्मान व इज्जत दें पति-पत्नी का रिश्ता तभी प्रगाढ़ बनता है, जब उसमें एक-दूसरे के प्रति प्यार व सम्मान हो। पर जब यह सम्मान किसी कारणवश कम होने लगता है तो दोनों एक-दूसरे पर उंगलियां उठाने लगते हैं। सम्मान बनाए रखने के लिए जरूरी है कि किसी भी बात पर गुस्सा होने से पहले पाटर्नर की बातों को सुनें और समझें फिर उसके बाद अपना निर्णय बताएं। वैसे भी महिलाएं उन पुरुष को ज्यादा पसंद करती हैं, जो उन्हें सम्मान व इज्जत देते हैं।प्रेम बनाए रखें कहते हैं कि जिस रिश्ते में प्रेम नहीं होता, उसमें कोई दूसरा भाव अपना असर नहीं दिखा पाता।

इसलिए दांपत्य में प्रेम को जीवित रखने के लिए जरूरी है कि आपस में लड़ाई चाहे कितनी भी क्यूं ना हो जाए पर अपने प्रेम को कम ना होने दें बल्कि ऐसे समय में कोशिश करनी चाहिए कि आपका प्रेम अपने पार्टनर के लिए और भी अधिक दिखे। इससे दो फायदे होंगे, एक तो आपको अपने साथी को समझने का अवसर मिलेगा, दूसरा विवाद की संभावना भी नहीं रहेगी।

साथ में खरीदारी करें-

त्योहारों में हर जगह सेल की बहार होती है, जिसके चलते महिलाएं व पुरुष कई ऐसे सामान खरीद लेते हैं, जिनकी जरूरत नहीं होती या फिर घर में वो चीजें होती हैं। उनकी यही गलती लड़ाई का कारण बनती हैं। इससे बचने के लिए पति-पत्नी को चाहिए कि साथ में खरीदारी करें ताकि कोई भी सामान ऐसा ना आ आए, जिससे दोनों के बीच मनमुटाव पैदा हो।

 

भावनाओं को समझें-

हर रिश्ता भावनात्मक सहयोग चाहता है। दांपत्य में मजबूती बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हुए सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। कुछ भी ऐसा ना करें, जिससे उनको यह महसूस हो आप उनकी भावनाओं को नहीं समझते बल्कि उनको इस बात का अहसास हर पल कराते रहें कि उनकी नजर में आपकी भावनाओं की अहमियत सबसे पहले है, जिसको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

अहम को करें किनारे-
लड़ाई चाहे जितनी भी क्यूं ना हो पर अहम को अपने बीच में कभी ना लाएं, क्योंकि अहम वो चिंगारी है, जो एक बार लग गई तो बुझती नहीं बल्कि जिंदगी बरबाद कर देती है। कई बार अहम के चलते पति-पत्नी के बीच की लड़ाई काफी लंबी खिंच जाती है इसलिए इससे दूर रहें और पार्टनर को लेकर दिल में उठी भावनाओं व विचारों को तुरंत व्यक्त करें ताकि दिल में कोई गलत बात घर ना करे।

काम में हाथ बटाएं-
समय के अनुसार अपनी सोच में परिवर्तन लाएं और इस बात को दिमाग में ना पालें कि घर के कामों की जिम्मेदारी तो सिर्फ पत्नी की है बल्कि मिलजुल कर काम करें। काम को हौव्वा बनाने से अच्छा है कि परिवार के हर सदस्य को उनकी उम्र के अनुसार काम बांटे ताकि उनको अपनी जिम्मेदारी का अहसास हो और बिना किसी लड़ाई-झगड़े के घर का काम भी निपट जाए।

प्लानिंग करें व लिस्टिंग बनाएं-
अगर आप घर पर कोई पार्टी करने की प्लानिंग कर रही हैं तो उसे अकेले ना करें बल्कि अपने पार्टनर को इसके बारे में बताएं। बिना प्लानिंग किए कोई भी कार्य ना करें क्योंकि ऐसे कार्य सफल कम, असफल ज्यादा होते हैं। इसके अलावा पार्टी में किसको बुलाना है और किसको नहीं, इस बात का फैसला दोनों लोग एक-साथ बैठकर करें ताकि दोनों परिवार के लोग व दोस्त छूटने ना पाएं और लड़ाई का कारण बनने से पहले ही खत्म हो जाए।

उपहार दें
रिश्तेदारों व दोस्तों को क्या उपहार देना है इसके बारे में भी एक-दूसरे से सलाह मशवरा कर लें। उपहार खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपका दिया हुआ उपहार व्यक्ति को ताउम्र याद रहता है इसलिए व्यक्ति के व्यक्तित्व के अनुरूप ही उपहार खरीदें, ताकि जब आप उसे वो उपहार दें तो उसे इस बात का अहसास हो कि आप उसकी पसंद और नापसंद के बारे में जानकारी रखते हैं।

बजट बनाएं
उत्सव चाहे कोई भी हो पर इसका असर बजट पर पड़ता है। इसलिए इससे बचने के लिए पहले आप दोनों अपना बजट देखें कि आपका बजट कितना है अगर आपका बजट कम है तो पार्टी का आयोजन होटल या रेस्टोरेंट में करने के बजाए घर में ही करें। ऐसा करने से आपके रुपये भी कम लगेंगे और आप पार्टी का मजा भी उठा सकेंगे।