Overview:
'सुहागरात' नवविवाहित जोड़ों के नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए बहुत ही अहम रात मानी जाती है। यह शादी के बाद दूल्हा और दुल्हन की पहली रात होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि इस रात को आखिर 'सुहागरात' क्यों कहा जाता है।
Suhagrat Meaning: हिंदू धर्म में शादी को एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। इसे सिर्फ दो लोगों का नहीं, दो परिवारों के मिलन का उत्सव माना जाता है। किसी भी शादी के दौरान कई रीति रिवाज और परंपराएं निभाई जाती हैं। वरमाला से लेकर सात फेरों और कन्यादान तक हर एक रस्म का अपना एक अलग महत्व होता है। शादी के बाद भी कई रिवाज निभाए जाते हैं। इन्हीं में से एक है ‘सुहागरात’। नवविवाहित जोड़ों के नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए यह बहुत ही अहम रात मानी जाती है। यह शादी के बाद दूल्हा और दुल्हन की पहली रात होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि इस रात को आखिर ‘सुहागरात’ क्यों कहा जाता है। दरअसल, अधिकांश लोग इस राज को नहीं जानते। जबकि इसके पीछे एक बहुत ही रोचक अर्थ छिपा है।
बहुत महत्वपूर्ण होती है यह रात

एक समय था जब नई दुल्हन ही नहीं बल्कि दूल्हा भी सुहागरात की बात करने और सुनने में हिचकिचाता था। लेकिन आज का समय कुछ अलग है। अब नवविवाहित सुहागरात को लेकर भी पूरी प्लानिंग करते हैं। हालांकि इस स्पेशल रात को यह खास नाम क्यों दिया गया है, यह राज ज्यादातर लोग नहीं जानते।
ऐसे बना सुहागरात शब्द
सुहागरात शब्द मूल रूप से संस्कृत से जुड़ा है। इस शब्द को सौभाग्य से जोड़ा गया है। दरअसल, सुहाग शब्द का उद्गम सौभाग्य से हुआ है। वहीं सुहागन शब्द का उपयोग विवाहित महिलाओं के लिए किया जाता है। पति को सुहाग कहा जाता है। इस रात को हर सुहागन महिला पूरे 16 श्रृंगार करती है। इसलिए शादी के बाद अपने सुहाग के साथ जो पहली रात पत्नी अपने बिताती है उसे सुहागरात कहा जाता है। इसे सौभाग्य से जोड़कर देखा गया है। यानी ऐसी रात जब पत्नी खुद को अपनी सुहाग को समर्पित करती है और सौभाग्य की कामना करती है। यह रात नवविवाहित जोड़े की नई शुरुआत के लिए अहम मानी जाती है।
सुहागरात से जुड़ा यह सर्वे कर देगा हैरान
सुहागरात को लेकर आज भी हमारे समाज में लोग खुलकर बात नहीं करते। हालांकि एक सर्वे में इसे लेकर कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। इस सर्वे में एक हजार कपल्स को शामिल किया गया था। सर्वे में 52 प्रतिशत कपल्स ने माना कि वे सुहागरात के दिन एक दूसरे के करीब नहीं आते। कपल्स ने बताया कि वे शादी और ढेर सारे फंक्शन के कारण इतने थक जाते हैं कि उन्हें सोना और आराम करना अच्छा लगता है। वहीं कई कपल्स ने इसके पीछे लंबे सफर को कारण बताया। पुरुषों में इसका कारण ज्यादा शराब पीना और दोस्तों के साथ समय बिताना सामने आया। हालांकि 90 प्रतिशत नवविवाहिताओं ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी सुहागरात को स्पेशल बनाने के लिए खास कपड़े खरीदे हैं। फिर भी सुहागरात हर कपल के लिए एक स्पेशल रात मानी जाती है, जिससे उनकी कई यादें जुड़ी होती हैं।
