क्रिकेट जगत के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक है एमएस धोनी (महेंद्र सिंह धोनी।) उनकी और साक्षी की लव स्टोरी तो जग जाहिर है। क्योंकि कुछ साल पहले ही महेंद्र सिंह धोनी के ऊपर बायोपिक बनी है और उनकी जिंदगी का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यानी उनकी लव लाइफ भी इस मूवी में बताई गई है। साल 2010 ने पूरे देश को चौका दिया था दरअसल, 4 जुलाई 2010 को साक्षी-धोनी 7 जन्मों के बंधन में बंध गए थे। हालांकि इसमें चौकाने वाली बात यह थी कि, किसी को नहीं पता था की दोनों शादी कर रहे है।

आज हम आपको साक्षी-धोनी के रिलेशन की कुछ अनकही बातें बताने जा रहे है। दोनों के अचानक हुए विवाह से साक्षी और धोनी के साथ हुए प्रेम की शुरुआत के विषय में पता लगाने की होड लग गई। आइए जानते हैं कि कैसे शुरू हुई भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी की प्रेम , उनकी मुलाकात और शादी तक पहुंचने की कहानी।

साक्षी को नहीं था क्रिकेट में इंटरेस्ट

महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी को क्रिकेट में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था और यहीं कारण था कि, वे धोनी को नहीं जानती थी। लेकिन उनकी किस्मत तो कुछ और ही चाहती थी। अन्य किसी भी सामान्य लड़की की तरह साक्षी ने भी अपनी शादी को लेकर कई सपने संजोय जो उनके 21 बरस की होते होते पूरे भी हो गए। लेकिन उन्हें इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं था कि, उनकी शादी भारतीय क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक और कप्तान धोनी से लिखी थी।

पहले से थी जान-पहचान

धोनी और साक्षी एक दूसरे को बचपन से जानते थे। दरअसल दोनों के पिता एक ही कंपनी में काम करते थे। साथ ही धोनी और साक्षी एक ही स्कूल से पढ़े हैं, लेकिन उस समय दोनों के बीच कुछ नहीं था। बाद में साक्षी का परिवार देहरादून शिफ्ट हो गया। उसके जाने के बाद दोनों का संपर्क टूट गया। इसके बाद दोनों की मुलाकात लगभग एक दशक बाद कोलकाता में हुई। उस समय भारतीय क्रिकेट टीम मैच के लिए शहर में ठहरी थी। धोनी ने ताज बंगाल में साक्षी से मुलाकात की, जहां टीम रह रही थी और साक्षी होटल मैनेजमेंट में अपनी इंटर्नशिप कर रही थी।

कम हुआ दूरिया का फासला

साक्षी की आगे की शिक्षा देहरादून के वेलहेम में हुई और बाद में उन्होंने औरंगाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट से डिग्री हासिल की। साक्षी ने अपनी ट्रेनिंग कोलकाता के ताज बेंगाल होटल में पूरी की। वहीं साल 2008 में ताज बेंगाल होटल में साक्षी और धोनी की फिर से मुलाकात हुई। उस दौरान भारतीय टीम पाकिस्तान के साथ इडन गार्डन में होने वाले मैच के लिए ताज में रुकी थी। युद्धजीत दत्ता साक्षी और धोनी के दोस्त थे और उन्होंने ही दोनों की मुलाकात करवाई। बाद में धोनी ने युद्धजीत से साक्षी का नंबर लिया और उन्हें मैसेज किया। हालांकि पहले साक्षी को इस बात का विश्वास नहीं हुआ कि उन्हें धोनी ने मैसेज किया है। लेकिन फिर धीरे- धीरे दोनों की बातचीत शुरू हो गई।

इंगेजमेंट

धोनी ने आखिरकार साक्षी को मना ही लिया और दोनों ने मार्च 2008 में डेटिंग शुरू कर दी। धीरे-धीरे बातें मुलाकातों में बदली और दोस्ती फिर प्यार में। कुछ सालों तक एक दूसरे को डेट करने के बाद 3 जुलाई 2010 को देहरादून में एक समारोह में धोनी और साक्षी ने एंगेज्मेंट करने का फैसला किया। यह समारोह दोनों परिवारों के रिश्तेदारों की मौजूदगी में हुआ। मीडिया को इसमें आमंत्रित नहीं किया गया था।

शादी

एंगेज्मेंट के बाद 4 जुलाई 2010 को देहरादून के एक फार्महाउस में धोनी और साक्षी शादी की। इस शादी में क्रिकेट और मनोरंजन की दुनिया के कई स्टार शामिल हुए थे। हरभजन सिंह, आशीष नेहरा से लेकर जॉन अब्राहम और फराह खान तक कई सेलेब्स को इस शादी में देखा गया था। शादी के दिन साक्षी ने लाल और हरे रंग का सब्यसाची लहंगा पहना था और दोनों की जोड़ी बहुत सुंदर लग रही थी। दोनों साथ में एक दूसरे के साथ ऐसे लगते है जैसे एक दूसरे के लिए ही हो।

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