प्यार के बारे में एक बात अकसर बोली जाती है कि प्यार अंधा होता है। यह उम्र और समाज जैसी बंदिशों को नहीं मानता क्योंकि प्यार में सभी हदें पार हो जाती हैं। जब प्यार होता है तो दिल पर काबू नहीं रहता। प्यार में कोई शर्त नहीं होती। जानबूझ कर दिल हमें प्यार में पड़ने को मजबूर कर देता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो हमारा अपने दिल पर काबू नहीं रहता। कुछ भी हो, प्यार का असली रूप तो वह होता है जब प्यार में दोनों तरफ बराबर दिल धड़कते हों, दोनों एक पल भी एक-दूसरे के बिना जी ना पाएं। लेकिन कई बार प्यार एकतरफा भी हो सकता है यानि कोई किसी से हद से ज्यादा प्यार करता हो, लेकिन दूसरे को वह पसंद ही ना हो या फिर शायद वह इस बारे में जानता ही ना हो। एकतरफा प्यार वाला हमेशा दिल और दिमाग के द्वन्द्व में फंसा रहता है। कई मामलों में तो लोग बता ही नहीं पाते कि वह फलां से प्यार करते हैं क्योंकि उन्हें डर रहता है कि सामने वाला उनके प्यार को अस्वीकार ना कर दे, कहीं बात करना या मिलना ना छोड़ दे।

कहीं आपका प्यार एकतरफा तो नहीं 

जी हां, एकतरफा प्यार के भी लक्षण होते हैं। यह बात भुक्तभोगी ही महसूस कर सकता है। जैसे कि आप किसी को अपना सब कुछ मान रहे होते हैं, वह आपको अपना कुछ भी नहीं मानता। आपके सामने ही वह किसी और से प्यार भरी बातें करता है और आपकी बातों को मजाक में उड़ा देता हो। आपके मैसेज या कॉल को इग्नोर करने की कोशिश करे या बहाने बनाए तो समझ जाएं कि आप एकतरफा प्यार में हैं। बात चाहे पसंद-नापसंद की हो या पार्टनर की खुशी को ध्यान में रखने की, आप सब कुछ करने को तैयार रहते हैं लेकिन दूसरी तरफ से आपको निराशा ही मिलती हो तो आपका ऐसी स्थिति से निकल जाना ही अच्छा है। अगर आपको पता चल जाए कि आपका प्यार एकतरफा है तो फिर भी मन में एक सकारात्मक विचारधारा चलती रहती है कि आपके इजहार करने से शायद उसका मन बदल जाए और वह भी आपसे प्यार करने लगे लेकिन आपके अंतर्मन की यह कशमकश गलत है क्योंकि ऐसा कर के आप उन्हें भी दुविधा में डालते हैं। अगर आपको अपनी भावनाएं व्यक्त करने का हक है तो दूसरे को भी अपनी पसंद-नापसंद जाहिर करने का पूरा हक है। कई मामलों में एकतरफा प्यार कामयाब भी हो जाता है क्योंकि शायद सामने वाला भी आपको पसंद करता हो लेकिन शर्म के मारे या डर के मारे कह ना पा रहा हो कि कहीं आप नाराज ना हो जाएं। तब आपका इजहार करना उसे हिम्मत और सुकून देता है। ऐसे में यह परिस्थिति दोनों के लिए नए जीवन की शुरुआत की संभावनाएं लेकर आती है, आप दोनों को अपना प्यारा मिल जाता है लेकिन एकतरफा प्यार में ज्यादातर दुख ही मिलते हैं। अत: जरूरी है कि आपको प्यार नहीं भी मिले तो भी आगे बढ़ना।

प्यार है या आकर्षण

अपनी क्लासमेट से प्यार होना आम बात है लेकिन अपने टीचर से प्यार होना, इस रिश्ते को समाज कभी भी स्वीकार नहीं करता। अगर टीचर विवाहित हो तो उसके लिए परेशानियां बढ़ सकती हैं, अगर दोनों ही इस रिश्ते में पड़ जाएं तो यह प्यार नहीं, परस्पर क्षणिक आकर्षण होता है जो केवल शारीरिक संबंधों की जरूरतों पर ही टिका होता है। ऐसे रिश्ते को कभी भी समाज में मान्यता नहीं मिलती। एकतरफा प्यार में कई बार इंसान हर सीमा लांघने की कोशिश कर बैठता है और अपने आपको नुकसान पहुंचाने में भी पीछे नहीं रहता, अपने प्यार के जवाब में जब उसे सामने से इंकार मिलता है तो वह तनाव और अवसाद से ग्रसित भी हो सकता है। किसी से प्यार करना बुरी बात नहीं है लेकिन प्यार में दीवाना हो जाना और किसी भी हद तक चले जाना बेवकूफी कहलाता है। हां, यह जरूर है कि एकतरफा प्यार में गिफ्ट देने, बाहर घूमने-फिरने और डेट पर जाने से बचे रहते हैं जिसके कारण पैसों की बचत होती है। सेल्फ- ग्रूमिंग का वक्त मिल जाता है और सहनशीलता भी बढ़ती है। इंसान को दोस्ती और प्यार में होने वाले फर्क के बारे में पता चलता है। एकतरफा प्यार में पार्टनर द्वारा धोखे की गुंजाइश नहीं रहती है।

अब आपसे कोई प्यार नहीं करता तो आपको लगने लगता है कि आपकी दुनिया खत्म होने को है। इस बात को जल्दी स्वीकार कर लेना आपके लिए दर्द भरा हो सकता है। ऐसे में आपको दिमाग से काम लेना चाहिए। अकसर ऐसा सुनने में आता है कि एकतरफा प्यार के चलते प्रेमी या प्रेमिका ने अपनी जान दे दी या प्रेमी ने प्रेमिका का कत्ल कर दिया या उसे जला दिया अथवा उस पर एसिड अटैक कर दिया जोकि सरासर अमानवीय है। आप किसी से प्यार करते हैं, ये आपका नजरिया है लेकिन सामने वाला आपको नहीं पसंद करता या नहीं चाहता है तो यह उसका निर्णय है। यह उचित नहीं है कि उस इंसान को ऐसी चीज के लिए दोषी ठहराया जाए जिसके बारे में वह कुछ भी नहीं कह सकता है।

अपनों से कहें अपने दिल की बात

आप इस दौरान जैसी भी परिस्थितियों से जूझ रहे हों, इस बारे में अपने विश्वसनीय मित्र या रिश्तेदार से बात करें जिस पर आप पूरी तरह भरोसा करते हों। जो भी बातें अपने चाहने वाले के प्रति आपके दिल में है और आप उन्हें कहने में हिचकिचाते हैं, सभी बातों को एक डायरी में लिखना शुरू करें। हो सकता है कि आपके दोस्तों में कोई ऐसा भी हो जो इस परिस्थिति से गुजर चुका हो तो उससे अपने विचार कहें व इस सब से बाहर निकलने का तरीका पूछें। ऐसा दोस्त आपकी परेशानी को आसानी से समझेगा। खुद को अन्य गतिविधियों में लगाएं व आगे बढ़ें। अपने प्यार की अस्वीकृति को आगे बढ़ने के अनुभव में परिवर्तित करें। प्यार के चक्कर में आप इतने उलझ चुके होते हैं कि आप अपनी विशेषताओं के बारे में भूल जाते हैं। एकतरफा प्यार से छुटकारा पाने का सर्वश्रेष्ठ उपाय है उन बातों को अपने भीतर विकसित करना जो आपको खास बनाती हैं। उस रिश्ते से दूर रहें जिसमें आपके प्रति प्यार ना हो।

प्यार एक बहुत ही कोमल व प्यारा अहसास है। यह अमीर-गरीब, ऊंच-नीच कुछ नहीं जानता, बस हो जाता है। प्यार में अपने पार्टनर को उसके गुणों व अवगुणों के साथ स्वीकार करते हैं। प्यार किस्मत वालों को ही मिलता है और कुछ लोग कई कारणों से इसे पाने से रह जाते हैं, जिसमें एक कारण एकतरफा प्यार भी है। वन साइडेड लव इंसान को बर्बाद कर देता है या फिर उसे अपना प्यार पाने के लिए जिद्दी बना देता है।

अगर किसी से प्यार हो जाए और आप सामने वाले को इसका अहसास कराना चाहते हों तो उसके साथ ज्यादा समय बिताएं और अच्छे दोस्त बनें। ध्यान रहे कि इस चक्कर में आपमें जरा भी बनावटीपन नहीं होना चाहिए। प्यार का इजहार भी समय देख कर करना चाहिए। आप जैसे हैं वैसे ही रहें, कंफर्ट जोन से बाहर ना जाएं। सच्चा प्यार वही है जिसमें आप दोनों एक-दूसरे को वैसे ही स्वीकार करें, जैसे आप हों। वनसाइडेड लव में आपको बहुत हौंसला रखने की जरूरत होती है, आप सामने वाले पर किसी तरह का दबाव नहीं डाल सकते हैं कि वो भी आपसे प्यार करे। प्यार को प्यार से ही जीत सकते हैं, किसी तरह की जिद्द या जोर-जबरदस्ती से नहीं। सबसे पहला कदम दोस्ती का होना चाहिए ताकि आप दोनों एक-दूसरे को जान सकें व समझ सकें।

कई बार ऐसा हो जाता है कि एकतरफा प्यार खुद ही दोतरफा यानि एक संपूर्ण प्यार बन जाता है। आपका व्यवहार, सादगी और अपनापन सामने वाले को आपसे प्यार करने पर मजबूर कर देता है और आपके इजहार पर उनकी तरफ से इंकार करने का मतलब ही नहीं रह जाता है।

स्कूल में अपनी टीचर के साथ, अस्पताल में नर्स-डॉक्टर, ऑफिस में अपने बॉस या सहकर्मी के साथ और यहां तक कि रोज कहीं बस या ट्रेन में एक साथ आने-जाने पर भी प्यार के चक्कर में पड़ सकते हैं। सामने वाला चाहे आपको दोस्त समझे, आपके प्यार को दोस्ती समझे लेकिन आपके दिल के एक कोने से यह आवाज लगातार आती रहती है कि कभी ना कभी तो वो हां कहेगा ही। 

कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि आपका पे्रम संबंध चाहे किसी से समाप्त भी हो जाए लेकिन आपके मन में कहीं-न-कहीं प्यार की अनुभूति बनी रहती है। आप पूरी जिंदगी उसे भूल नहीं सकते, कहने को आप कितना भी आगे बढ़ जाएं लेकिन आप अपनी यादों से उसे नहीं निकाल पाते। यूं ही नहीं कहा गया है-

‘हम को मालूम है जन्नत की हकीकत,

लेकिन दिल को खुश रखने को गालिब ये ख्याल अच्छा है।’

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