श्रुति इस वक्त बहुत परेशान हैं। उनको ऐसा लगने लगा है मानो वो मोहल्ले वालों के लिए ही जी रही हैं क्योंकि अब उनको सारे काम मोहल्ले वालों के हिसाब से जो करने पड़ते हैं। दरअसल बाकी मोहल्ले वालों की तरह श्रुति के यहां भी मोहल्ले वाले आंख और काम लगाए ही रहते हैं। कौन घर में आ रहा है, कौन जा रहा है, किसने क्या पहना है और कौन किससे बात कर रहा है जैसी बातें मोहल्ले वाले अक्सर ही करते हैं। मगर अब इस बात को स्वीकार कर लेने की बजाए श्रुति परेशान हो जाती हैं,उन्हें कोई हल नहीं समझ आता है। पर इसका हल इतना भी कठिन नहीं है। बस थोड़ी सूझ-बूझ के साथ गॉसिप के दीवाने मोहल्ले को सुधारा जा सकता है। 

आप खुद बता दें-  à¤¯à¤¹à¤¾à¤‚ हम आपसे घर-परिवार के जरूरी राज बताने के लिए बिलकुल नहीं कह रहे हैं बल्कि हम तो रोजमर्रा की छोटी-मोटी बातें ही गॉसिप करने वाले से कहने के लिए कह रहे हैं। आप नियम से एक बार उन्हें रोज घर की कोई एक बात जरूर बताइए। एक दिन उनको शायद ये अहसास हो जाएगा कि आप तो खुद ही सब बता देती हैं। आपके बारे में क्या ही गॉसिप करें। लेकिन ऐसा नहीं होता है तो आपको सीधे बात करनी होगी कि ‘मैं खुद बताती हूं, फिर भी आप गॉसिप करती हैं।’ 

 

कोई काम था?- à¤†à¤ª अपने पड़ोसी से एक सवाल ठीक तब करिए जब वो आपके घर की ओर ही देख रही हों। उनसे पूछिए कि ‘क्या कुछ काम था?’ वो कहेंगी ‘नहीं’ । ‘अच्छा आप इधर देख रहीं थी तो लगा कोई काम है।’ आपके इतना कहते ही वो झेप जरूर जाएंगी। अगर इसके बाद भी उन्हें समझ नहीं आया तो समझ लीजिए कि वो सुधरेंगी नहीं। 

 

और भी गम हैं- à¤¯à¤¾à¤¦ रखिए जीवन में परेशान होने के लिए भी कई गम हैं। ये पड़ोसियों वाला मसला तो कुछ है ही नहीं। इसलिए पूरी कोशिश यही कीजिए कि आपको इस मसले पर सोचना ही न पड़े। अगर सोच भी रही हैं तो पहले पहल इसे इगनोर ही करें। इगनोर नहीं करेंगी तो परेशानी आपको ही होगी। जबकि पड़ोसी तो सिर्फ अपने मनोरंजन के लिए गॉसिप करते हैं लेकिन आप सिरदर्द क्यों लें? इस तरह से खुद को समझा लीजिए फिर देखिएगा कोई भी आपको परेशान नहीं कर पाएगा। 

 

जब आप भी करें गॉसिप-  à¤¹à¥‹ सकता है मोहल्ले की जो औरतें आपके बारे में बातें करती हैं वो आपके साथ बैठ कर दूसरों की भी बुराई करें। लेकिन इस वक्त आप ऐसा न करें। वहां से उठ कर चली जाएं। या उनसे कह सकती हैं कि ‘मेरे बारे में कोई गॉसिप करे मुझे अच्छा नहीं लगता, फिर दूसरों के बारे में मैं कैसे बातें करूं’ इससे आपके मोहल्ले वाले शायद अपनी गलती समझ जाएं। 

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