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आपको शक है कि आपकी पक्की सहेली निधि की जिंदगी में कुछ तो गड़बड़ है। चहकती रहने वाली निधि अब बेहद शांत रहती है। परिवार या पति के बारे में बात करो तो बात ही टाल देती है। लेकिन अब उसके शरीर के निशान बता देते हैं कि वो घरेलू हिंसा का शिकार है।

कहीं आपकी सहेली के साथ भी तो ऐसा ही कुछ नहीं होता है। क्या वो भी हिंसा का सामना करते-करते अब टूट चुकी है? आपके पास शायद इसका जवाब न हो लेकिन आप इसका जवाब ढूंढ सकती हैं। आप जान सकती हैं कि आपकी सहेली घरेलू हिंसा का विरोध करती भी है या नहीं? या वो अबला नारी वाले अंदाज में सबकुछ खुशी-खुशी झेल रही हैं।

ये सब जानने के कुछ तरीके हैं। तरीके कठिन नहीं हैं बल्कि आसान हैं और इन्हें आजमा कर आप अपनी सहेली की मदद भी कर पाएंगी, इन तरीकों को पहचान लीजिए-

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कहीं आपकी सहेली घरेलू हिंसा की शिकार तो नहीं? इन तरीकों से कीजिए पता 6

क्यों जरूरी है सहेली की मदद-

हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को मदद की जरूरत होती है। आपकी सहेली को भी इसकी जरूरत है लेकिन क्यों? आपके इस सवाल का जवाब ये रहा-

-आप किसी की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

-बुराई के खिलाफ खड़े होना जरूरी है।

-आपकी सहेली को अगर सपोर्ट मिलेगा तो हो सकता है वो खुद भी आवाज उठाने की कोशिश करें।

-अक्सर महिलाएं लोगों के जज किए जाने से घबराती हैं, उन्हें लगता है कि दुनिया क्या सोचेगी। लेकिन जब आप खुल कर बात करेंगी तो उन्हें समझ आएगा कि कोई है जो उनके दुख सुनने के लिए तैयार है।

-अगर आपकी सहेली के बच्चे भी हैं तो आपकी मदद सिर्फ सहेली नहीं बल्कि एक और जिंदगी के काम भी आएगी।

शरीर पर निशान सबसे पहले-

याद रखिए कोई भी महिला अगर घरेलू हिंसा का सामना करती है तो सबसे पहले तो उसके शरीर पर ही इसके निशान नजर आने लगेंगे। इन पर आपका ध्यान खुद ही चला जाएगा। लेकिन ऐसा बहुत खराब स्थितियों में ही होता है। कई बार हिंसा का अंदाजा ऐसे नहीं लग पाता है। इसलिए सबसे पहले लेकिन कभी-कभी दिखने वाले इन लक्षण पर ध्यान दें।

हर बात पर माफी मांगने की आदत-

जो महिलाएं घरेलू हिंसा का सामना करती हैं। उन्हें लगने लगता है कि उनके साथ जो भी हो रहा है उसमें उनकी ही गलती है। वो हर चीज के लिए खुद को जिम्मेदार मानने लगती हैं। मारने वाला उन्हें सही लगने लगता है वो खुद को गलत और खराब मानने लगती हैं। और इसके चलते वो हर बात पर माफी मांगने को तैयार रहती हैं। फिर चाहे गलती किसी की भी हो। आप देखिए आपकी ये गुमसुम रहने वाली सहेली हद से ज्यादा माफी मांगने को तैयार रहती हैं क्या? अगर हां, तो उनसे बात कीजिए।

पति के सामने पर्फेक्ट-

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जिन महिलाओं के साथ हिंसा होती है। वो अक्सर पति के सामने हद से ज्यादा पर्फेक्ट बनने की कोशिश करती हैं। आपको उनके व्यवहार में ये बात देखनी होगी। समझना होगा कि पति के सामने पर्फेक्ट दिखने वाली आपकी सहेली आपके साथ बिलकुल अलग क्यों लगती है। पति के सामने उसकी मानों सांसें अटकी रहती हैं और इसलिए वो सबकुछ बिना गलती के कर लेने की कोशिश करती रहती है। आप चाहें तो उससे बात भी कर सकती हैं।

हर बात के लिए परमीशन लेना-

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जी हां, अक्सर महिलाएं घरेलू हिंसा से इतनी डर चुकी होती हैं कि वो हर कदम फूंक-फूंक कर उठाती हैं। उनको लगता है कि गलती तो उनकी ही होती है तो क्यों न हर काम पूछ कर पति के हिसाब से ही किया जाए। और इसलिए वो छोटी-छोटी बातों के लिए भी पूछ कर ही काम करती हैं। जैसे आप देखिए क्या आपकी सहेली स्कूल से सीधे घर जाने की बजाय कोई भी दूसरा काम करने से कतराती हैं। या कहीं और जाना हो तो पति से परमीशन लेती हैं तो आपको उनकी जिंदगी के राज जान लेने होंगे।

सहेली की कमाई पर पति का अधिकार-

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कई हिंसा करने वाले लोग ऐसे होते हैं जो कमाती हुई महिलाओं का जीना भी दूभर कर देते हैं। अक्सर वो महिलाओं की सैलरी अपने पास रखते हैं। फिर महिलाएं अपना ही कमाया हुआ पैसा पति से पूछ कर खर्च करती हैं। इसलिए ध्यान दीजिए, आपकी गुमसुम रहने वाली सहेली के साथ भी तो ऐसा ही नहीं है। कहीं वो भी अपनी ही कमाई को खर्च करने से पहले पति से पूछती तो नहीं हैं? अगर ऐसा है तो आपको अपनी पत्नी से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए।

बच्चों का डर-

घरेलू हिंसा करने वाले ज्यादातर पुरुष अपने बच्चों को भी नहीं छोड़ते हैं। उनका हाथ अक्सर बच्चों पर भी उठ जाता है। ऐसे में अपनी सहेली के बच्चों के व्यवहार पर ध्यान दीजिए। कहीं वो भी तो अपने पिता से डरे हुए नहीं रहते हैं। थोड़ा बहुत डरने की बात नहीं है। लेकिन अति में डरना सही नहीं है। बच्चे मानो पिता को देखते हुए थर-थर कांपने लगते हों। ऐसी स्थिति में भी आपको अपनी सहेली के लिए कदम उठाने चाहिए।

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