Overview: इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए डॉक्टर से कब मिलें
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या होने पर हमेशा घरेलू नुस्खे नहीं आजमाने चाहिए। जानिए डॉक्टर से कब मिलें।
Erectile Dysfunction: इरेक्शन की दिक्कत एक बहुत सीरियस प्रोब्लम है। यह आपके वैवाहिक जीवन पर गहरा असर डाल सकती है। अक्सर जब इरेक्शन सही तरह से नहीं होता है तो इससे पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होने लगते हैं। हालांकि, हर कोई इस पर खुलकर बात नहीं करना चाहता। खासतौर से, मर्द इसे शर्म की बात समझते हैं और इसलिए अमूमन वे घरेलू इलाज ही अपनाते हैं। लेकिन हर बार घरेलू नुस्खे आजमाने से कुछ नहीं होने वाला। आपको यह समझना चाहिए कि कब आपके पार्टनर को डॉक्टर से मिल लेना चाहिए। इरेक्शन की दिक्कत एक ऐसी समस्या है, जिससे बहुत सारे मर्द अपनी जिंदगी के किसी न किसी दौर में इस परेशानी से गुजरते हैं, कभी ज्यादा टेंशन की वजह से, कभी थकान की वजह से, या कभी इसलिए क्योंकि शरीर कोई छोटा-सा इशारा दे रहा होता है कि अंदर कुछ गड़बड़ है।
अगर आपके पार्टनर के साथ भी ऐसा कभी-कभी होता है, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं। थोड़ा आराम, अच्छी डाइट, और कुछ घरेलू नुस्खों से मामला अक्सर ठीक हो जाता है। लेकिन अगर बार-बार ऐसा होने लगे, यानी कुछ महीनों तक इरेक्शन आना या बनाए रखना मुश्किल हो, तो समझ जाइए कि अब ये सिर्फ़ एक छोटी-सी बात नहीं रही। अब शरीर यह बता रहा है कि “भाई, अब डॉक्टर से मिल लो।“ तो चलिए आज इस लेख में हम आपको यह बता रहे हैं कि घरेलू उपाय छोड़कर डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है-
कब छोड़ दें घरेलू नुस्खे

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए अक्सर लोग घरेलू नुस्खे ही आजमाते हैं। ड्राई फ्रूट्स खाने से लेकर लहसुन या एक्सरसाइज करना आदि कई तरह के नुस्खों से अपनी समस्या को दूर करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अगर यह समस्या 2-3 महीने से ज्यादा समय तक बनी रहती है या बार-बार तब भी होती है जब आप परफॉर्म करना चाहते हैं, तो समझ लीजिए कि अब आपको घरेलू नुस्खों के सहारे नहीं रहना चाहिए। बेहतर होगा कि अब डॉक्टर से मिलने का समय निश्चित कर लें, क्योंकि अब ये हल्की-फुल्की बात नहीं रह गई है। ये शरीर के अंदर किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है, जैसे टेस्टोस्टेरोन कम होना, ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होना, नसों की समस्या या दवाइयों का असर या फिर जरूरत से ज्यादा तनाव का साइड इफेक्ट। घरेलू नुस्खे वास्तव में असली वजह को ठीक नहीं करते हैं।
इन संकेतों को ना करें नजरअंदाज
कभी-कभी आपका शरीर खुद इस ओर इशारा करता है कि इरेक्शन की दिक्कत के लिए आपको डॉक्टर से मिल लेना चाहिए। मसलन, सेक्स में दिलचस्पी कम होना, क्योंकि यह हार्मोन लेवल कम होने की निशानी हो सकती है। इसी तरह, लिंग में दर्द या सूजन होना वास्तव में इंफेक्शन या चोट का इशारा हो सकता है। पुरुषों को सुबह के समय इरेक्शन होता है, लेकिन अगर सुबह के इरेक्शन बंद हो जाता है तो यह ब्लड फ्लो या नर्व की समस्या का संकेत हो सकता है। अक्सर उदासी, तनाव या घबराहट महसूस होने पर भी इरेक्शन पर असर पड़ता है।
इसके अलावा, अगर अचानक पूरी तरह इरेक्शन खत्म हो जाता है तो तुरंत चेकअप करवाएं, क्योंकि ये ब्लॉक्ड ब्लड वेसेल्स का संकेत हो सकता है।
किस डॉक्टर से मिलना चाहिए

जब पुरुषों को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की शिकायत होती है तो ऐसे में उन्हें यह समझ ही नहीं आता है कि उन्हें किस डॉक्टर से मिलना चाहिए। इसके लिए आप यूरोलॉजिस्ट से मिलें। ये पुरुषों की सेक्स और यूरिन से जुड़ी समस्याओं के विशेषज्ञ होते हैं। इसके अलावा, हार्मोन से जुड़ी दिक्कतों के लिए आप एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से मिल सकते हैं। अगर आपको तनाव, ओवरथिंकिंग या पोर्न की लत हो तो साइकोलॉजिस्ट या सेक्स थेरेपिस्ट से मिलना सबसे अच्छा माना जाता है। ये डॉक्टर आपको सही तरह से गाइड करेंगे।
पहली बार डॉक्टर से मिलने पर क्या होता है
अक्सर लोग डरते हैं कि डॉक्टर से मिलने पर ना जाने क्या होगा। हालांकि, आपको घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। ये न तो डरावना होता है, न ही शर्मनाक। जब आप डॉक्टर से मिलते हैं तो आमतौर पर ये चीज़ें होती हैं-
डॉक्टर बातचीत से शुरुआत करते हैं। वे सबसे पहले कुछ सवाल पूछते हैं, जैसे- ये दिक्कत कितनी बार होती है? सुबह इरेक्शन आता है या नहीं? कोई दवा तो नहीं चल रही? हाल में किसी तरह का तनाव या चिंता ज्यादा है? डायबिटीज या बीपी जैसी बीमारी है? आप उनके सभी सवालों का सही तरह से जवाब दें, क्योंकि डॉक्टर प्रोफेशनल होते हैं।
डॉक्टर आपका फिजिकल चेकअप करते हैं। वो आपका ब्लड प्रेशर, वजन, कमर की माप देख सकते हैं और कभी-कभी लिंग या टेस्टिकल्स की जांच करते हैं ताकि सूजन या दर्द पता चल सके।
इसके अलावा, खून की कुछ जांचें करते हैं, जैसे ब्लड शुगर (डायबिटीज के लिए), कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ, टेस्टोस्टेरोन लेवल, थायरॉइड टेस्ट, कभी-कभी विटामिन डी या प्रोलैक्टिन और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड की मदद से लिंग में ब्लड फ्लो की जांच भी कर सकते हैं।
इलाज के क्या तरीके हैं
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का इलाज आपके कारणों पर निर्भर करता है। सबसे पहले तो आपको बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का इलाज पूरी तरह संभव है। एक बार जब डॉक्टर इसका कारण जान लेते हैं, तो वे कुछ विकल्प बताते हैंः
1. लाइफस्टाइल में बदलाव- एक्सरसाइज, हेल्दी खाना, अच्छी नींद, और तनाव कम करना आदि काफी मददगार साबित होती हैं।
2. दवाइयां- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर कुछ सुरक्षित दवाएं भी प्रिस्क्राइब करते हैं, जो ब्लड फ्लो बेहतर करती हैं।
3. हार्मोन ट्रीटमेंट- अगर चेकअप के बाद टेस्टोस्टेरोन कम पाया जाता है तो ऐसे में हार्मोन थेरेपी दी जाती है।
4. काउंसलिंग या थेरेपी- अगर इरेक्शन की दिक्कत की मुख्य वजह आपका तनाव, चिंता या रिलेशनशिप से जुड़ा है तो ऐसे में थेरेपी बहुत असरदार होती है।
5. मुख्य बीमारी का इलाज- कभी -कभी इरेक्शन की दिक्क्त डायबिटीज या बीपी से जुड़ी हो सकती है, तो ऐसे में पहले उसे कंट्रोल करना ज़रूरी है। इससे इरेक्शन अपने आप सुधरता है।
