कसमे-वादे नहीं अब शादी की नींव बन रही है 'आजादी', जानिए क्यों दुनियाभर में छा रहा 'फ्रेंडशिप मैरिज' ट्रेंड: Friendship Marriage in India
Friendship Marriage in India

Overview:

युवाओं की नई आजाद सोच से जन्म हुआ है 'फ्रेंडशिप मैरिज' का। जापान से शुरू हुआ शादी का यह नया ट्रेंड अब ​दुनियाभर के युवाओं द्वारा पसंद किया जा रहा है। इसे आप ओपन मैरिज का नाम भी दे सकते हैं।

Friendship Marriage in India: एक समय था जब शादी के लिए सबसे जरूरी माना जाता था ‘प्यार’। दो लोग एक दूसरे के साथ निभाने की कसमें खाया करते थे। लेकिन आज के समय में इस प्यार की जगह ‘आजादी’ ने ले ली है। अब युवा शादी तो करना चाहते हैं, लेकिन बिना किसी वादे, कसमों, उम्मीदों, जिम्मेदारियों, प्यार, रोमांस और इंटिमेसी के। युवाओं की इसी सोच से जन्म हुआ है ‘फ्रेंडशिप मैरिज’ का। जापान से शुरू हुआ शादी का यह नया ट्रेंड अब ​दुनियाभर के युवाओं द्वारा पसंद किया जा रहा है। इसे आप ओपन मैरिज का नाम भी दे सकते हैं। क्या है फ्रेंडशिप मैरिज और क्यों है अब ये युवाओं की पसंद, आइए जानते हैं।

यह होती है फ्रेंडशिप मैरिज

Friendship Marriage in India-फ्रेंडशिप मैरिज दो दोस्तों के बीच हुई शादी है।
Friendship marriage is a marriage between two friends.

फ्रेंडशिप मैरिज दो दोस्तों के बीच हुई शादी है। जिसमें दोस्ती तो होती है, लेकिन प्यार, जिम्मेदारी और शारीरिक संबंध जैसी भावनाएं नहीं होती हैं। यानी ये नाम की शादी होती है, जिसे आप दुनिया के सामने निभाते हैं। हालांकि पेपर्स में वे कानूनी तौर पर पति पत्नी होते हैं। इस शादी में दोनों ही पार्टनर एक दूसरे के प्रति जवाबदेह नहीं होते। इतना ही नहीं वे अपनी मर्जी और पसंद से दूसरे पार्टनर्स बनाकर उनके साथ भी समय बिता सकते हैं।

ऐसे चुनते हैं पार्टनर

फ्रेंडशिप मैरिज करने वाले अधिकांश कपल्स एक दूसरे के बेस्ट फ्रेंड्स होते हैं। ऐसे में आसानी से साथ रह पाते हैं। ऐसी शादी का फैसला लेने वाले ज्यादातर युवा काफी पढ़े लिखे और अच्छी सैलरी पैकेज कमाने वाले होते हैं। हालांकि ये कपल अपना खर्चा आपस में बांट लेते हैं। वे एक दूसरे की खुशियों में शामिल होते हैं, दुख बांटते हैं। प्रोफेशनल और पर्सनल जिंदगी को बेहतर बनाते हैं। मिलकर घर का काम करते हैं, लेकिन सब दोस्तों की तरह। यानी वे पति पत्नी तो होते हैं, लेकिन रहते रूममेट्स की तरह हैं। वे एक-दूसरे की जिंदगी में कोई दखलअंदाजी नहीं करते हैं। अगर इन्हें अपनी जिंदगी में बच्चे की जरूरत महसूस होती है तो वे आईवीएफ का सहारा लेते हैं।

भारत में भी अपना रहे ट्रेंड

डिंक्स कपल यानी डबल इनकम-नो किड्स के ट्रेंड के बीच अब भारतीय युवा फ्रेंडशिप मैरिज के कॉन्सेप्ट को भी पसंद कर रहे हैं। खासतौर पर मेट्रो सिटीज में इसका ट्रेंड बढ़ रहा है। ऐसी शादी में न ही युवती पर और न ही युवक पर कोई दबाव होता है। ऐसे में वे अपने करियर पर पूरा फोकस कर पाते हैं। ऐसे लोग पहले से ही एक दूसरे को जानते हैं, ऐसे में वे आसानी से साथ रह पाते हैं। वे एक दूसरे को समझ पाते हैं। ऐसे रिश्ते में कोई कमिटमेंट नहीं होता, इसलिए एक दूसरे से उम्मीदें भी न के बराबर होती हैं। जो युवा शादी नहीं करना चाहते और सिर्फ अपने परिवार के दबाव में शादी जैसा कदम उठाते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जा सकता है। साथ ही एलजीबीटीक्यू कम्युनिटी के लोग भी इसे अपना रहे हैं।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...