Sex Life of Couples
Rented Boyfriend Trend

शादी से बचने के लिए वियतनाम में लड़कियाँ हायर कर रहीं हैं रेंटेड पार्टनर

दक्षिण पूर्व एशिया के देश वियतनाम में लड़कियों ने शादी को लेकर परिवार और समाज के दबाब से बचने के लिए एक नया तरीक़ा निकाला है। यहाँ किराए से पार्टनर या बॉयफ्रेंड की प्रथा प्रचलित है।

Rented Boyfriend Trend आजकल लोग करियर और दूसरी प्राथमिकताओं के चलते शादी को ज्यादा महत्व नहीं दे रहे हैं। पश्चिमी देशों की तरह एशिया के कई देशों में भी लोग सिंगल रहना पसंद कर रहे हैं। हालाँकि लड़कों की तरह लड़कियों के लिए सिंगल रहना उतना आसान नहीं है, उनके ऊपर घर बसाने का प्रेशर रहता है। इसलिए दक्षिण पूर्व एशिया के देश वियतनाम में लड़कियों ने शादी को लेकर परिवार और समाज के दबाब से बचने के लिए एक नया तरीक़ा निकाला है। यहाँ किराए से पार्टनर या बॉयफ्रेंड की प्रथा प्रचलित है। ये फेक बॉयफ्रेंड घरों में दामाद की तरह से रहते हैं। वियतनाम के अलावा चीन में भी यह प्रथा प्रचलन में है।

Also read: कसमे-वादे नहीं अब शादी की नींव बन रही है ‘आजादी’, जानिए क्यों दुनियाभर में छा रहा ‘फ्रेंडशिप मैरिज’ ट्रेंड: Friendship Marriage in India

रेंटल बॉयफ्रेंड

अगर लड़कियों को किराए से ब्वॉयफ्रेंड चाहिये तो इसके लिए उन्हें पैसे खर्च करने पड़ते हैं। यह पैकेज अलग-अलग है। अगर आपको सिर्फ डेट पर जाना है तो 10-20 वियतनामी डॉन्ग यानि 800-1700 रुपये देने होंगे। लेकिन, अगर आप इन्हें परिवार से मिलवाना चाहती हैं, तो आपको ज्यादा क़ीमत देनी होगी और करीब 1 मिलियन वियतनामी डॉन्ग यानि 3400 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

Rented Boyfriend Trend  
Many girls hiring boyfriends on rent in Vietnam

लेनी होती है ट्रेनिंग  

ब्वॉयफ्रेंड बनने के लिए लड़कों में पार्टनर बनने के सारे गुण होने चाहिए। ये लड़कियों की डिमांड के हिसाब से पूरी ट्रेनिंग लेते हैं। इस काम के लिए वो उन्हें खुद को फिट, स्मार्ट और स्किलफुल बनाना होता है। घर के कामों में मदद करने से लेकर, रिश्तेदारों के साथ बैठकर बात करने तक हर डिमांड पूरी करते हैं। उन्हें खाना बनाना, गाना गाना और घर के दूसरे सभी काम सीखने पढ़ते हैं।

बन गया है प्रोफेशन

आजकल रेंटेड बॉयफ्रेंड वियतनाम में दूसरे प्रोफेशन की तरह ही एक प्रोफेशन बन चुका है। डील होने के बाद वो उस लड़की से मिलना-जुलना शुरू कर देते हैं। इस तरह के कॉन्ट्रैक्ट में यह पहले ही तय हो जाता है कि रिश्ते में न तो शारीरिक और न ही कोई भावनात्मक संबंध जुड़ेगा। सोशल मीडिया ने इस कल्चर को बढ़ावा दिया है। ऑनलाइन भी इस तरह के कई प्लेटफार्म है जहां से लड़कियाँ रेंटेड बॉयफ्रेंड हायर कर सकती हैं।  

क्यों हुई यह प्रथा शुरू

दरअसल, यहाँ सिंगल रहने पर लड़कियों को कई तरह की बातें सुननी पढ़ती हैं। पारिवारिक आयोजनों के दौरान ‘अकेले’ होने के कलंक से बचने के लड़कियों ने इस प्रथा को अपनाना शुरू किया। अब सामाजिक समारोह जैसे लूनर नववर्ष और दूसरे जैसे पारिवारिक समारोहों के दौरान लड़कियों को किसी तरह के तानों का सामना नहीं करना पड़ता।

सही या ग़लत

रेंटेड पार्टनर को लेकर लोगों के मत अलग-अलग हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे पर बहस करते नज़र आते हैं। कई लोगों का मानना है कि करियर बनाने और समाज के प्रेशर से बचने के लिए यह एक अच्छी स्टेप है। इससे परिवार के साथ रिश्ते भी अच्छे बने रहते हैं। लेकिन, दूसरी और कई लोगों का मानना है कि बहुत लंबे समय तक इस तरह से झूठा रिश्ता नहीं चलाया जा सकता और यह एक स्थायी समाधान नहीं है। क़ानूनी रूप से यह प्रथा मान्य नहीं है। इससे आपसी विश्वास ख़त्म होने का डर भी रहता है और भावनात्मक रूप से भी इसको सही नहीं माना जा सकता है।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...