Alwar launches night tourism with illuminated heritage streets
Night experiences boost Alwar tourism economy after sunset

Summary : अलवर के नाइट टोरिसम की क्या होगी खाशियत

दिन में किलों, झीलों, जंगलों और बाज़ारों की रौनक देखने वाले पर्यटक अब रात के रहस्यमय सौंदर्य और रोशनी से भरी विरासत को भी करीब से महसूस कर सकेंगे।

Alwar Night Tourism Launch: राजस्थान के ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर शहर अलवर अब एक नए अनुभव के लिए कदम बढ़ा रहा है-नाइट टूरिज़्म। दिन में किलों, झीलों, जंगलों और बाज़ारों की रौनक देखने वाले पर्यटक अब रात के रहस्यमय सौंदर्य और रोशनी से भरी विरासत को भी करीब से महसूस कर सकेंगे। प्रशासन और पर्यटन विभाग मिलकर ऐसे अनुभव गढ़ रहे हैं जिनसे पर्यटक केवल सुबह से शाम तक सीमित न रहें बल्कि रात में भी शहर की कहानियों, उसके रंगों और जीवंत ऊर्जा को महसूस कर सकें। 

a busy market with different vehicles
Night experiences boost Alwar tourism economy after sunset

अलवर के सबसे आकर्षक हिस्से बाला किला, विनय विलास महल और सरिस्का के आसपास स्थित पुरातन ढाँचों को अब रात में भी देखने योग्य बनाया जा रहा है। खास रोशनी, प्रोजेक्शन और इतिहास पर आधारित लाइट-एंड-साउंड शो तैयार किए जा रहे हैं जो रात के समय भी इन स्थानों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे। दिन की भीड़-भाड़ और धूप से दूर, शांत रात में इन स्थलों का सौंदर्य बिल्कुल नया रूप लेकर सामने आता है। 

अलवर की झीलें जैसे सिलिसेर और जयसमंद पहले से ही पर्यटकों के प्रिय स्थल हैं। अब इन झीलों पर रात की हल्की रोशनी, सुरक्षित पथ और निर्देशित नाइट वॉक की तैयारी हो रही है। पानी पर पड़ती चांदनी मन को थाम लेती हवा और दूर से आती हल्की आवाज़ें एक ऐसा रोमांटिक और शांत अनुभव देती हैं, जिसे दिन के उजाले में महसूस करना संभव नहीं। जो लोग शहर के शोर से दूर शांति की तलाश में आते हैं उनके लिए यह पहल प्राकृतिक सौन्दर्य को नए ढंग से देखने का मौका बन सकती है।

an illuminated palace with swimming pool
Night experiences boost Alwar tourism economy after sunset

अलवर के पास स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व रात के समय अपने अलग रूप में दिखाई देता है। नाइट टूरिज़्म के तहत ऐसी गतिविधियाँ विकसित की जा रही हैं जिनमें रात के लिए सुरक्षित, सीमित और विशेषज्ञों के साथ की जाने वाली सफारी शामिल होगी। रात के जंगल की आवाज़ें, झाड़ियों की हलचल और जानवरों के निशान एक बिल्कुल अलग रोमांच पैदा करते हैं। यह अनुभव केवल रोमांच प्रेमियों के लिए नहीं बल्कि प्रकृति को उसके असली रूप में देखने वालों के लिए भी खास होगा।

अलवर के बाज़ार दिन के समय काफी चहल-पहल से भरे रहते हैं लेकिन रात की शुरुआत के बाद इन बाजारों में खास लाइटिंग, स्ट्रीट फूड स्टॉल, संगीत और हस्तशिल्प प्रदर्शन जोड़े जाने की तैयारी चल रही है। पर्यटक अब स्थानीय स्वाद जैसे अलवर का दूध, कलाकंद और पारंपरिक राजस्थानी नाश्तों को रात में भी चख सकेंगे। वहीं संस्कृति प्रेमियों के लिए लोकगीत, कठपुतली नृत्य और लोक वाद्यों की गूंज इस अनुभव को और समृद्ध बनाएगी।

नाइट टूरिज़्म तभी सफल होता है जब पर्यटक सुरक्षित और सहज महसूस करें। अलवर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, निगरानी कैमरों को बढ़ाने, परिवहन उपलब्ध कराने और गाइडेड टूर को अनिवार्य करने की तैयारी चल रही है। साथ ही पार्किंग, टॉयलेट, फर्स्ट-एड, दिशानिर्देश बोर्ड और पर्यटक सहायता केंद्र रात में भी सक्रिय रहेंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि पर्यटक बिना किसी भय, असुविधा के रात का आनंद ले सकें।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...