करियर ओरिएंटेड विमेन होने का एक मतलब होता है कि आप महिलाओं की बनी बनाई छवि से कुछ अलग करना चाहती हैं। खुद को साबित करना चाहती हैं और कुछ कमाल करके दिखाना भी आपका मकसद है। देश और परिवार के भले के लिए काम करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करते जाना भी करियर के लिए अग्रसर महिलाओं की निशानी होती है। लेकिन तब क्या हो जब आप करना बहुत कुछ करना चाहें मगर आपके करियर में आपको रुचि ही न हो। जब भी अपने प्रोफेशन के बारे में सोचें तो निराशा ही हो। आपको पता चले कि आपने बहुत मन से जिस करियर को चुना था, वो तो आपकी पसंद है ही नहीं। उस वक्त कम उम्र या कम जानकारी के चलते हो सकता है आपने करियर ही गलत चुन लिया जबकि कुछ कर दिखने का उत्साह खूब था। अब यही सारे अहसास आपको निराश कर दे रहे हैं। आप बहुत दुखी हैं, इतनी कि कई बार लाइफ बेकार सी लगती है तो ठीक इस वक्त आपको खुद को कुछ बातें समझानी होंगी। ऐसी बातें, जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी। चलिए फिर कुछ बातें, जान लीजिए-
गलत करियर का चुनाव करेंगी तो-
ये कहा जा सकता है कि करियर गलत चुन लेने से क्या फर्क पड़ता है। कौन सा लाइफ पार्टनर चुन लिया है तो ऐसी सोच वालों को समझना होगा कि करियर में दुखी होना गलत लाइफ पार्टनर चुन लेने जितना ही अहमियत रखता है। हां, ऐसा सबके साथ नहीं होता है लेकिन ढेर भर लोगों के साथ जरूर होता है। ऐसे लोग करियर का गलत रास्ता चुन कर इतने तनाव में रहते हैं कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ता है। रोज वो काम करते रहने का दबाव, जो आप करना ही नहीं चाहती हैं, आपको मान लीजिए कि अथाह तनाव से भर देता है। यही तनाव एक समय के बाद डिप्रेशन की वजह बन जाता है। डिप्रेशन किस तरह से लोगों की जिंदगी में छाता जा रहा है ये तो आप सब जान ही चुकी होंगी। सिर्फ एक डिप्रेशन ही कई सारी दूसरी परेशानियों जैसे हमेशा थकावट रहना, गुस्सा आना और मूड स्विंग आदि की वजह बनता जाता है। ये सारी दिक्कतें कहीं न कहीं पूरे लाइफस्टाइल को खराब करती हैं। इसलिए ऐसी कोई भी बात जो मानसिक तौर पर परेशान करे, उसे सुधारने में ही समझदारी होती है जैसे करियर का गलत चुनाव। 
क्यों हो जाता है निर्णय गलत-
ये जानना भी जरूरी हो जाता है कि निर्णय गलत हुआ क्यों? तो कुछ पॉइंट होते हैं, जिसकी वजह से कई बार करियर का निर्णय गलत हो सकता है। वजहें हैं ये-
  • बहुत छोटी उम्र में करियर का चुनाव
  • माता-पिता के कहने पर
  • जानकारी की कमी
  • सामाजिक दायरों के हिसाब से करियर चुन लेना। 
असल परेशानी क्या है?-
जब भी करियर से जुड़े अवसाद की बात आए तो सबसे पहले वजह को जानने की कोशिश कीजिए। जानिए कि क्या वजह है, जो आपको इस करियर में रुचि बनाने ही नहीं दे रही। इन वजहों को जाने बिना आप कभी इस निर्णय पर नहीं आ पाएंगी कि आपके लिए ये करियर आपके लिए नहीं है। इन वजहों को पहचानने के लिए आपको कुछ खास बातों पर ध्यान देना होगा, जैसे-
  • क्या काम का माहौल आपकी लाइफस्टाइल के हिसाब से सही नहीं है। 
  • बॉस का व्यवहार अच्छा नहीं है। 
  • समय के साथ भी वेतन कम ही मिलेगा। 
  • ऑफिस के माहौल में आप अच्छा महसूस नहीं करती हैं। 
खुद को अपडेट करें-
आपको लग रहा है कि ये करियर आपके लिए नहीं है तो सिर्फ दुख और गुस्से से घिरे रहने से अच्छा है कि आप खुद के विकास पर ध्यान दें। आप अपनी पर्सनलिटी पर काम कर सकती हैं तो आत्मविश्वास बढ़ाने पर भी ध्यान दे सकती हैं। लेकिन इससे भी बढ़ कर आप खुद को शिक्षा और सीखने के तौर पर विकसित करने के बारे में सोचिए, ये आपको नए करियर विकल्प में आगे बढ़ने और अभी के काम में भी विकसित होते रहने का साहस देगा। इससे आपको अपने ही काम में भी तरक्की के रास्ते मिल जाएंगे। कह सकते हैं हो सकता है कि आप अपने इसी करियर में आगे बढ़ें और आपकी रुचि भी विकसित हो इसमें। 
दोबारा शुरुआत होगी कठिन-
वर्तमान करियर को लेकर आप अगर खुश नहीं हैं तो ज़्यादातर बार इसलिए परेशानी होती है कि नई शुरुआत को लेकर हम डरते हैं। हमें लगता है कि एक उम्र के बाद नई शुरुआत वो भी बिलकुल नए क्षेत्र में बहुत मुश्किल होगी। और इसी मुश्किल को मुश्किल मान लेना आपको परेशान किए रहता है।आपको लगता है कि जीवन खराब हो गया। अब फिर पहले पायदान से करियर की शुरुआत करना कठिन होगा। जबकि ऐसा सोचना बिलकुल गलत होता है। शुरुआत किसी भी उम्र में और कभी की जा सकती है और ये उतनी ही मजेदार और खुशी देने वाली हो सकती है, जो आप कम उम्र में महसूस करती। इसलिए इस करियर को छोड़ कर नए में हाथ आजमाने से घबराएं बिलकुल नहीं। इस वक्त अपनी रुचि को पहचान कर उस ओर कदम बढ़ाने की हिम्मत दिखाएं और जिंदगी को महसूस करें। 
काम छोड़ने का ख्याल-
जब करियर को लेकर निराशा होती है तो सबसे पहले यही ख्याल आता है कि चलो ये नौकरी छोड़ देते हैं तब ही नई शुरुआत के बारे में सोच पाएंगे, जबकि ये निर्णय हमेशा सही साबित हो ये जरूरी नहीं है। अपको अपने इस निर्णय पर कई बार सोचना होगा। क्योंकि ये एक निर्णय आपके भविष्य के लिए कठिन भी हो सकता है। हो सकता है नौकरी छोड़ने के बाद ने करियर में जल्द उतना फायदा ना हो कि आप पहली नौकरी की तरह जिंदगी गुजार सकें। इसलिए नौकरी छोड़ने के बारे में ना ही सोचें तो अच्छा है।