Overview:
बेडरूम में अपने पार्टनर के साथ बिताए ये खास पल आपको शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ बनाते हैं। कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल करके आप अपने सेक्स के अनुभव को बेहतरीन बना सकते हैं।
Dark Chocolate Benefits Sexually: सेेक्स एक शानदार फीलिंग है, जो आपको अंदर से जोश और जुनून से भर देती है। बेडरूम में अपने पार्टनर के साथ बिताए ये खास पल आपको शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ बनाते हैं। कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल करके आप अपने सेक्स के अनुभव को बेहतरीन बना सकते हैं। इन्हीं में से एक है डार्क चॉकलेट। डार्क चॉकलेट कैसे आपकी सेक्स परफॉर्मेंस को बूस्ट कर सकती है, आइए जानते हैं।
ये है चॉकलेट और सेक्स में कनेक्शन

डार्क चॉकलेट और फिजिकल रिलेशनशिप के बीच गहरा कनेक्शन है। दरअसल, डार्क चॉकलेट में कोको काफी मात्रा में होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। इसमें पॉलीफेनोल्स, कैटेचिन और फ्लेवोनोइड्स होते हैं। ये कंपाउंड तनाव को कम करते हैं, जिससे लोगों को सेक्सुअल प्लेजर ज्यादा फील होने में मदद मिलती है। इससे आप तनाव मुक्त होकर अपने खास पलों को जी पाते हैं।
बेहतर होगी परफॉर्मेंस
डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनोइड्स मौजूद होते हैं, जो नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं। ऐसे में रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है और जननांग क्षेत्र सहित पूरे शरीर के रक्त प्रवाह में सुधार होता है। इसके असर से सेक्सुअल फंक्शन बढ़ता है और ज्यादा उत्तेजना महसूस होने में मदद मिलती है।
बढ़ सकता है प्लेजर
इस हल्की सी कड़वी डार्क चॉकलेट में ऐसे तत्व होते हैं, जिससे दिमाग में एंडोर्फिन हार्मोन बढ़ता है। इससे आपको ज्यादा खुशी महसूस होती है। डार्क चॉकलेट एक छोटा सा बाइट मूड को कंट्रोल करने वाले हार्मोन सेरोटोनिन को भी बूस्ट करता है। ऐसे में तनाव मुक्त होकर सेक्स को बेहतर तरीके से एंजॉय कर पाते हैं।
महिलाओं के लिए ‘लव कंपाउंड’
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के एक शोध के अनुसार डार्क चॉकलेट महिलाओं के लिए कामोत्तेजक का काम करती है। डॉर्क चॉकलेट में फेनिलएथिलामाइन नामक कंपाउंड होता है, जिसे ‘लव कंपाउंड’ कहा जाता है। यह महिलाओं की उत्तेजना को बढ़ाने के साथ ही सेक्सुअल प्लेजर में इजाफा करने में मददगार होता है। डॉर्क चॉकलेट में मौजूद तत्वों के कारण महिलाएं अपने इंटिमेट पलों को ज्यादा एंजॉय कर पाती हैं।
स्पर्म काउंट बढ़ाने में मददगार
डार्क चॉकलेट स्पर्म काउंट बढ़ाने में भी काफी मददगार हो सकती है। डार्क चॉकलेट में एल-आर्जिनिन नामक एंजाइम होता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है, जिससे शुक्राणुओं की संख्या बढ़ सकती है। अध्ययन बताते हैं कि डार्क चॉकलेट में मौजूद अमीनो एसिड शुक्राणुओं की संख्या के साथ ही उनकी गतिशीलता में भी सुधार करता है। हालांकि इसका सेवन भी लिमिट में करना चाहिए। दिनभर में 30 ग्राम डार्क चॉकलेट खाना अच्छा रहता है। यह एक संतुलित मात्रा है।
अच्छी होती है एग्स की क्वालिटी
फर्टिलिटी इंस्टीट्यूट ऑफ सैन डिएगो के अनुसार डार्क चॉकलेट में मौजूद एंजाइम सिर्फ शुक्राणु ही नहीं अंडों की संख्या पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे गर्भाशय की परत हेल्दी रहती है, जो गर्भधारण में मददगार होता है। इतना ही नहीं जब अंडाशय में रक्त का प्रवाह अच्छा होता है तो अंडे अच्छे तरीके से विकसित होते हैं।
