प्रोजेक्ट कंसेन्ट का पंच लाइन है, ‘सहमति बहुत ही सरल है। अगर हां नहीं है, तो इसका मतलब ना होता है।’ इन वीडियोज़ के जरिए पुरुषों को ये संदेश दिया गया है कि किसी भी तरह कि शारीरिक नज़दीकियों के लिए एक महिला की सहमति जरूरी है। 

 

इन सभी वीडियो की खासियत ये है कि इसमें किसी तरह का ज्ञान या भाषण देने की कोशिश नहीं की गई है, बल्कि इसमें बॉडी पार्ट्स खुद आपस में बात करते, छेड़-छाड़ करते, आगे बढ़ते और ना करने पर संभलते दिखाएं गए हैं। इन सभी वीडियो को सोशल मीडिया पर अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है।

देखें ये वीडियो-

 

 

 

 

प्रोजेक्ट कंसेन्ट की स्थापना साल 2014 में हुई थी और इसका उद्देश्य समाज में सेक्सुअल रिलेशनशिप के प्रति जागरुकता व सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है और रेप जैसी स्थिति को घटाना है। प्रोजेक्ट कंसेन्ट की कोशिश है कि सकारात्मक संवाद के जरिए सहमति के महत्व को समझाया जाए।