सुखी जीवन के लिए सेक्स जरूरी साधनों में से एक है, लेकिन हर उम्र में इसकी चाहत अलग होती है।

20 साल में

बीस साल की उम्र में सेक्सुअल इच्छा के कई मौके होते हैं, इस उम्र में सेक्सुअल संतु्ष्टि के लिए मन में बहुत-सा आवेग होता है, जिसके चलते टीनए्जर्स यह मान लेते हैं कि सेक्स एक खूबसूरत पड़ाव है और इसी के चलते वह कई तरह के सपनों में खो जाते हैं।

30 साल में

जब स्त्री-पुरुष 30 साल की उम्र तक पहुंचते हैं तब उनकी सेक्सुअल इच्छा परिवर्तित होती है। ये परिवर्तन शारीरिक स्तर से भावनात्मकता और समझदारी की ओर जाता है। डॉ. धीर कहते हैं कि दोनों की ही पहली जरुरत यह होती है की वह एक-दूसरे से भावनात्मक और बौद्धिक स्तर पर जुड़े। तभी वे एक-दूसरे की कामइच्छाओं को महसूस कर सकते हैं।

40 साल में

चालीस साल की उम्र तक आते-आते उनके जीवन में कुछ नया होता है। कामोत्तेजना कहीं गहराई में होती है, जो उनके पूरे व्यक्तित्व का एक हिस्सा बन जाती है। 

50 साल में

चालीस के बाद जब वह पचासवें पड़ाव में कदम रखते हैं तो इस उम्र में सेक्स की इच्छा में कमी आने लगती है। डॉ.  धीर कहते हैं, इस उम्र में कई लोग अपनी सेक्सुअल फिलिंग को कमतर अनुभव करते हैं, जिसके कारण वह सेक्स से मुंह मोड़ लेते हैं। उन्हें पता नहीं होता है कि उनमें कितना सामर्थ्य होता है। इस उम्र में स्त्री -पुरुष जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाते हैं, उन्हें लगता है, कि बस अब जो भी कुछ करना है, वह अपने बच्चों व नाती-पोतों के लिए करना है। डॉ. कहते हैं, इस उम्र में दोनों ही सेक्स के बारे में बात नहीं करते। शरीर में उतनी ऊर्जा, चुस्ती-फुर्ती न रहने और ठीक तरह से क्रिया न कर पाने के डर से वे सेक्स से कतराते हैं।

ये भी पढ़ें-

ऐसे बनाएं बेडरूम को रोमांस से भरपूर 

सेक्स पावर बढ़ाएं ये 5 चीजें

अपनाएं ये 7 टिप्स और रिचार्ज करें सेक्स लाइफ

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं।