fifty shades darker novel in Hindi
fifty shades darker novel in Hindi

fifty shades darker novel in Hindi: क्रिस्टियन प्लेरूम के बाहर ठिठक गया।

“क्या तुम यकीन से कह सकती हो?” उसने उत्सुकता से भरी निगाहों से पूछा।

“हां।” मैंने हौले से कहा।

“क्या कुछ ऐसा है, जो तुम नहीं करना चाहतीं?”

मैंने कुछ सोचकर कहा, “मैं नहीं चाहती कि तुम उस हाल में मेरी तस्वीरें लो।”

वह ठिठका और फिर सिर हिलाते हुए दरवाजा खोल दिया।

उसने वह बॉक्स दराज पर रखा और उसमें से आई-पॉड निकालकर चला दिया। पूरे कमरे में संगीत गूंज उठा। उसने उसे धीमे सुर में लगा दिया। कमरे में किसी महिला गायिका का बहुत ही मधुर स्वर सुनाई देने लगा।

क्रिस्टियन ने पास आकर मेरे होंठ को दांतों की कैद से आज़ाद कर दिया।

“एना! तुम क्या करना चाहती हो?” उसने मेरे मुंह के कोने को चूम लिया।

“आज तुम्हारा जन्मदिन है। जो तुम कहो।” उसने अपने अंगूठे को मेरे निचले होंठ पर फिराया।

“हम यहां इसलिए हैं क्योंकि तुम्हें लगता है कि मैं यहां आना चाहता था।” उसने कहा।

“नहीं, मैं भी यहां आना चाहती थी।”

“मिस स्टील! फिर तो बहुत सी संभावनाएं हैं।” पहले आपके कपड़े उतारने से शुरूआत करते हैं। उसने मेरा चोगा उतारा तो सिल्क की नाईट पोशाक दिखने लगी।

“तुम धीरे-धीरे अपने कपड़े उतार दो।” उसने हुक्म दियाा।

मैं तो अभी से पिघली जा रही हूं। भीतर बैठी लड़की का मन कुलांचे भर रहा है। मैंने अपनी पोशाक को उसकी आंखों के आगे खुल कर नीचे गिरने दिया। मेरी पोशाक पैरों के पास ढेर हो गई। मैं उसके सामने निर्वस्त्र खड़ी हांफ रही हूं।

क्रिस्टियन आगे गया और दराज से अपनी टाई उठा लाया। उसने टाई को मेरी ओर लहराया। मेरे चेहरे पर मुस्कान खेल गई।

मुझे लगा कि वह टाई से मेरे हाथ बांधेगा पर जब उसने उसे मुझे गले में पहना दी तो मुझे हैरानी हुई। वह बोला

“मिस स्टील! अब आप अच्छी लग रही हैं।” उसने होठों पर छोटा-सा चुंबन दिया पर मैं तो और चाहती हूं।

“अब हम तुम्हारा क्या करें?” उसने टाई पकड़कर ऐसे खींची कि मैं उसकी बांहों में जा गिरी। उसने मेरे बाल अपने हाथों में भरे और मुझे गहरा चुंबन दिया। दूसरा हाथ मेरे बदन से बेहिचक खेलता रहा। उसके इस चुंबन ने मेरे होंठ सुजा दिए थे।

फिर वह प्यार से बोला, “घूम जाओ।” उसने मेरी चोटी गूंथ कर बालों को ऊंचा कर दिया।

“एना! तुम्हारे बाल बहुत प्यारे हैं।” उसने मेरे गले को चूम लिया।

“बस तुम्हें स्टॉप कहना है। याद है न?”

“हां।”

वह मुझे बड़े दराज के पास ले गया।

“एना! ये बट्ट प्लग साइज़ में बड़ा है और तुम पहली बार ऐसा करने जा रही हो इसलिए ये काम नहीं आएगा। हम इससे शुरूआत करेंगे।” उसने अपनी अंगुली दिखाई।

ओह! उसकी अंगुली!! मेरे दिमाग में अनुबंध में लिखी बात घूम गई। मुट्ठी का प्रयोग पर शायद उसने मेरे मन की बात पढ़ ली और बोला।

“बस एक अंगुली।”

“और ये क्लैंप नहीं, हम इनका इस्तेमाल करेंगे।” वे दिखने में बड़े काले हेयर पिन जैसे लगे। उसने बताया कि उन्हें एडजस्ट किया जा सकता था।

ओह मेरा सेक्सुअल मेंटर!! वह तो मुझसे बहुत सी बातें ज्यादा जानता है।

“ठीक है।” उसने पूछा।

“हां।” मेरा गला सूख गया। क्या तुम मुझे बताने जा रहे हो कि तुम क्या करना चाहते हो?”

“नहीं। एना, ये कोई सीन नहीं है। पहले से तय नहीं किया है।”

“मुझे कैसे पेश आना चाहिए?”

“जैसे तुम्हारा मन चाहे।”

“एना! क्या तुम्हें मेरा बदला रूप पसंद आया।”

“हां! मुझे यह अच्छा लगा।”

“एना! मैं तुम्हारा डॉमीनेंट नहीं, प्रेमी हूं। मैं तुम्हारी हंसी और खिलखिलाहट सुनना चाहता हूं। मैं तुम्हें खुश और निश्चिंत देखना चाहता हूं। वही लड़की जो जोंस की तस्वीरों में है। वही लड़की जो मेरे ऑफिस में आई थी। वही लड़की, जिसे देखते ही मुझे प्यार हो गया था।”

मेरा मुह खुला रह गया। ओह! मैं खुशी से मर न जाऊं।

वह दराज से कुछ निकाल कर मेरे आगे आ गया।

“आओ।” वह मुझे मेज के पास ले गया। मैं काउच के पास से निकली तो देखा कि छड़ियां गायब थीं। क्या कल वे यहां थीं? क्या क्रिस्टियन ने हटाईं? मिसेज जोंस ने? उसने मेरी सोच में बाधा दी।

“मैं चाहता हूं कि तुम मेज पर घुटनों के बल बैठ जाओ।” उसने कहा।

ओह अच्छा। ये करना क्या चाहता है? मेरे भीतर बैठी लड़की तो सब कुछ करने को तैयार है। उसे कोई दिक्कत नहीं है।

“अपने हाथ पीछे। मैं उन्हें बांधने लगा हूं।”

उसने जेब से चमड़े ही हथकड़ियां जेब से निकाल लीं। ओह! इस बार वह मुझे कहां ले जाएगा।

उसके साथ कितना मदमस्त है। ये बंदा मेरा पति होने वाला है। ऐसे पति का साथ…? मैंने अपनी जीभ से उसके चेहरे की दाढ़ी और मुलायम त्वचा को एक साथ महसूस किया।

उसने आंखें बंद कीं और फिर बोला।

“ऐसे मत करो वरना सब कुछ हमारी उम्मीद से जल्दी खत्म हो जाएगा।”

“ओह! तुम्हें देखकर रहा नहीं जाता।”

“तुम मुझे तंग मत करो। वरना मुंह भी बंद कर दूंगा।”

“मुझे ऐसा करना अच्छा लगता है।”

“मैं तुम्हारी पिटाई लगा दूंगा।”

“ओह! अच्छा जी।” कुछ समय पहले तक मैं उसकी इस धमकी से डर जाया करती थी। अब उसे पता है कि मैं नहीं डरती। मैंने शरारती सी मुस्कान दी।

“ठीक से पेश आओ।” उसने भी शरारत से कहा।

मैं क्रिस्टियन की गंध को महसूस करती रही। काश मैं उसकी सुगंध को बोतल में भर सकती।

मैंने सोचा कि वह मेरी कलाइयों में हथकड़ियां लगाएगा पर उसने उन्हें मेरी कोहनी से ऊपर जकड़ दिया। इस तरह मेरी पीठ मुड़ गई और छातियां आगे की ओर आ गईं। फिर वह मुझे देखने लगा ।

“आरामदेह महसूस कर रही हो?”

फिर उसने पिछली जेब से एक मास्क निकाला।

उसने मेरी आंखों पर मास्क लगाते हुए कहा। “बस अब तुमने बहुत देख लिया।”

वाह! मैं यहां घुटनों के बल, मेज पर बंधी बैठी हूं। पर फिर भी ये सब इतना कामोत्तेजक क्यों लग रहा है?

उसके संगीत की धुन मेरे शरीर में भी थिरक रही है।।

क्रिस्टियन पीछे हट गया। वह क्या लेने गया होगा। वह दराज से कुछ निकाल कर लाया। चीज़ तो नहीं दिखी पर उसकी भीनी महक पूरे कमरे में फैल गई है।

“मैं अपनी मनपसंद टाई खराब नहीं करना चाहता।” उसने उसे धीरे-धीरे खोल दिया।

उसकी टाई खराब कैसे हो जाएगी? मैं समझी नहीं।

ओह! अचानक उसने अपने हाथों से मेरे शरीर को मलना शुरू कर दिया। अब समझ आया मेरी मालिश के लिए कोई तेल निकाला गया था। अब इसके बाद क्या उम्मीद की जा सकती है।

उसने धीरे-धीरे शरीर के हर अंग को उस भीनी महक वाले तेल और अपने हाथों के स्पर्श का जादू दिखाया। वह जानबूझकर मेरे वक्षस्थल को नहीं छू रहा। मैं चाहती हूं कि उसके हाथ वहां भी पहुंचें।

“ओह एना! तुम कितनी सुंदर हो।” उसने मेरे होंठ चूमे और मेरी गर्दन पर अपनी नाक से स्पर्श किया।

“और जल्द ही तुम मेरी पत्नी बन जाओगी।”

ओह!

“मैं तुम्हें जी भर कर प्यार और खुशियां दूंगा।”

जीसस!

“अपने शरीर से तुम्हारी पूजा करूंगा।”

मैंने अपना सिर उठाकर सिसकारी भरी। उसकी अंगुलियां शरीर के गुप्तांगों तक जा पहुंची हैं।

“मिसेज ग्रे।” उसने हौले से कहा।

मैंने आह भरी।

“हां।”

“अपना मुंह खोलो।”

उसने मेरे होंठों में एक धातुनुमा चीज़ डाल दी। वह किसी बच्चे के निप्पल जैसी महसूस हो रही है। इसके कोने में शायद एक चेन है। ये काफी बड़ी है।

“इसे चूसो। मैं इसे तुम्हारे अन्दर डालने जा रहा हूं।”

“मेरे अन्दर? कहां?

“नहीं, रुको मत।” मैं चिल्लाना चाहती हूं पर मेरा मुंह बंद है। उसने अब तेल लिया और मेरे वक्षस्थलों पर मलने लगा।

“एना! तुम्हारा एक-एक अंग कितना सुडौल है।” ओह अचानक मुझे अपने निप्पल पर हल्के दबाव का एहसास हुआ। उसने क्लैंप लगा दिया।

आह! मैं अभी इसी एहसास में मग्न थी कि उसने दूसरा क्लैंप भी लगा दिया।

“इसे महसूस करो।”

मैं कर रही हूं। मैं कर रही हूं।

“मुझे इसे वापिस दे दो।” मैंने मुंह से उस चीज़ को निकाल दिया।

उसने अपने हाथों को मेरे पूरे शरीर पर फिराया और बोला, “मैं इसे तुम्हारे शरीर के पिछले हिस्से में डालना चाहता हूं।” उसके हाथ मेरे नितंबों के आसपास तेल से मालिश करने लगे।

ओह!

“चुप!” उसने उस चीज़ को भीतर धकेल दिया और मुझे गहरा चुंबन दिया। मैंने हल्की-सी आवाज़ सुनी और वह वस्तु मेरे भीतर हौले से घूमने लगी। मैं इस अनूठे एहसास को बयां नहीं कर सकती।

“क्रिस्टियन!”

ओह यह क्या! मेरा पूरा शरीर झूम रहा है। मैं उस एहसास को दबा नहीं पा रही। ये मुझ पर छाता जा रहा है। …क्या मैं इसे संभाल सकूंगी।

“एना! डरो मत। इसे महसूस करो।” उसके हाथ अब मेरी कमर पर हैं। मेरा पूरा शरीर चरम सुख की सीमाओं की ओर जा रहा है। उस वाईब्रेशन और निप्पलों पर क्लैंप्स के दबाव के कारण, बहुत ही अलग सा एहसास मिल रहा है। वह अब भी तेल से मेरे शरीर की मालिश कर रहा है।

“कितनी सुंदर।” उसने एक और अंगुली मेरे शरीर के पिछले हिस्से में डाल दी। ओह! ये क्या? उसके होंठ मेरे चेहरे को चूम रहे हैं। वह दांतों से मेरी त्वचा को हल्का-हल्का काट रहा है।

मैं एक अनजाने से रहस्य लोक में पहुंच गई हूं। मैं अब सह नहीं सकती। मैं चिल्लाई और चरम सुख को अनुभव किया। मेरे पूरे शरीर में गहरी सनसनाहट फैली हुई है। उसने वे क्लैंप उतारे और मेरे वक्षस्थल एक मीठे से दर्द के एहसास से घिर गए। उसकी अंगुली अपना काम करती रही। ओह! मेरा पूरा शरीर थरथराने लगा तो उसने मुझे कसकर बांहों में जकड़ लिया।

“नहीं… !” जैसे ही उसने उस वाईब्रेटर को मेरे भीतर से निकाला तो एक हथकड़ी भी खोल दी। मैं उसके कंधे पर सिर रख कर लुढ़क गई। मैं पूरी तरह से बेदम हूं और अपनी ही दुनिया में खोई हूं। उसने मास्क उतार दिया पर मेरी आंखें खोलने की हिम्मत नहीं हो रही। उसने मेरे बालों की चोटी खोली और आगे आकर होंठ चूम लिए। पूरे कमरे में मेरी उखड़ी सांसें गूंज रही हैं।

उसने मुझे उठाया और पलंग पर पड़ी साटिन की चादर पर लिटा दिया। कुछ ही देर में वह तेल से मेरी जांघों, घुटनों और कंधों की मालिश करने लगा। जब मैंने आंखें खोलीं तो पाया कि वह मुझे ही देख रहा था।

“हाय! कैसा रहा?”

मैंने उसे देखकर मीठी-सी मुस्कान दी।

हाय जीसस!

“हां, मुझे लगा कि आज तो तुम मुझे इतना आनंद देने वाले हो कि मैं मर ही जाउंगी।”

“हां, क्यों नहीं। वैसे तो और भी बहुत से तरीके हैं। पर तुम जो कहोगी, वही होगा।”

मैंने अपने दोनों हाथों में उसका चेहरा थाम लिया। “तुम मुझे इस तरह कभी भी मार सकते हो।”

मैंने देखा कि वह भी अपने कपड़े उतार चुका था और मेरे पास आने के लिए तैयार था उसने मुझे चूमा और बोला, “मैं यह करना चाहता हूं।”

उसने संगीत ऑन करने के लिए रिमोट उठाया और कमरे में गिटार की धुन गूंज उठी।

मैंने उसके साथ एक बार फिर उस आनंद लोक की यात्रा की। मैंने उन पलों में उसके साथ गहरा भावात्मक लगाव महसूस किया। मैं पूरी तरह से उसकी हो गई हूं। उसमें ही खो गई हूं। पहली बार मुझे एहसास हुआ कि उसे मेरी कितनी परवाह रहती है। वह मुझे हर हाल में सलामत रखना चाहता है। यही तो उसका प्यार है।

चार्ली टैंगो की बात याद आते ही मेरी रूह कांप उठी। अगर उसे कुछ हो जाता तो-मैं उससे कितना प्यार करती हूं। मेरे आंसू बहने लगे। मैं उसे हर रूप में चाहती हूं। वह हर रंग में मेरा है। मैं जानती हूं कि हम एक-दूसरे को अच्छी तरह नहीं जानते, बहुत से मुद्दे अभी सुलझाने हैं पर एक दूसरे को जानने के लिए पूरी जिंदगी पड़ी है।

“हे!” उसने अपनी सांसें संभालने के बाद कहा।

“तुम रो क्यों रो रही हो?”

“क्योंकि मैं तुम्हें बहुत प्यार करती हूं।” उसने अधमुंदी आंखों से मेरी शब्दों को सुना और वे प्यार से दमक उठीं।

“एना! मैं तुमसे प्यार करता हूं। तुम मेरी अधूरी जिंदगी को पूरा बना देती हो।” उसने मुझे प्यार से चूम लिया।

हम लाल साटिन की चादर में लिपटे, जाने कब तक बतियाते रहे।

हम केट को लेकर मज़ाक करने लगे। उसने हंसते हुए कहा, “शुक्र है कि उस दिन केट मेरा इंटरव्यू लेने नहीं आ सकी वरना तुम मुझे कैसे मिलतीं।”

“हां, उसे फ्लू हो गया था। तुम्हें उसका एहसानमंद होना चाहिए।” मैं भी हंस दी।

“आज सब कैसा लगा?” उसने पूछा।

“बहुत अच्छा। बस मैं वे कोड़े और छड़ियां नहीं सह सकती।”

“मैं जानता हूं कि वे तुम्हारे लिए कठोर सीमा रहेंगी। क्या तुम चाहती हो कि मैं भी उन चीज़ों को भुला दूं।”

“हां, पर तुम्हारे अ लॉगर और वाईब्रेटर चल सकते हैं।”

वह सुनकर मुस्कुराने लगा।

“अच्छा मिस स्टील! जैसा आप कहें।”

“मुझे तुम्हारी यही बात तो प्यारी लगती है। तुम आसानी से सब कुछ मान जाते हो।”

“मेरी और कौन-सी बात प्यारी लगती है।” उसके मुंह से ये वाक्य सुनकर मैं चकित रह गई।

मैं जानती हूं कि उसके लिए ऐसी बात पूछना बहुत बड़ी बात रही होगी। मैं तो उसकी हर चीज़ को चाहती हूं। उसके फिफ्टी शेड्स भी मुझे पसंद हैं। उसकी जीवनशैली भी पसंद है। क्रिस्टियन के साथ जिंदगी का हर रंग निराला और प्यारा है।

मैंने उसके होठों पर अंगुली रखी, “इसे प्यार करती हूं। तुम जो भी बोलते हो, करते हो।” फिर माथे पर हाथ रखकर बोली, “इसे प्यार करती हूं। तुम कितने समझदार, हुनरमंद और तेज़ दिमाग वाले हो।” फिर मैंने उसकी छाती पर हाथ रखा, “मैं इसे प्यार करती हूं। इसमें रहने वाले प्यारे से दयालु दिल को चाहती हूं, जो सबकी खैर चाहता है। जो दूसरों के लिए सोचता है। तुम दूसरों के लिए जो भी करते हो। उसे देखकर मैं विस्मित हो उठती हूं।”

वह मेरे शब्द सुनकर पहले तो हल्का सा चौंका और फिर उसके चेहरे पर लजीली सी मुस्कान आ गई। मेरे दिल में आया कि उसे कस कर जकड़ लूं और मैंने वही किया।

मैं साटिन और ग्रे में लिपटी ऊंघ रही हूं। क्रिस्टियन ने मुझे नींद से जगाया।

“भूख लगी है?”

“हां, जान निकल रही है।”

“मेरी भी”

“मि. ग्रे! आज आपका जन्मदिन है। आज मैं आपके लिए कुछ पकाऊंगी। आप क्या खाना चाहेंगे।”

“तुम जो भी खिलाना चाहो।”

“मैं ज़रा फोन पर कल वाले मैसेज देख लेता हूं।” वह उठ गया।

“चलो नहा लें।” उसने कहा।

मैं बर्थ डे ब्वाय की बात टालने वाली कौन होती हूं।

क्रिस्टियन स्टडी में अपने फोन पर है। टेलर उसके साथ है, वह गंभीर दिख रहा है। आज वह जींस और काली टी-शर्ट में है। मैंने खुद को रसोई में लंच बनाने में व्यस्त कर लिया। मुझे फ्रिज में थोड़े सालमन स्टीक मिल गए और मैं उन्हें नींबू लगा कर सलाद बना रही हूं। साथ ही थोड़े से छोटे आलू भी उबाल लिए हैं। मैं आज बहुत खुश हूं। मैंने खिड़की से बाहर देखा तो नीला आकाश दिखाई दिया। ओह… वह सेक्स… उसकी वे बातें!। एक लड़की इन चीज़ों की आदी हो सकती है।

टेलर स्टडी से निकला तो मेरा ध्यान टूटा। मैंने अपने कानों से ईयरबड निकाल दिए।

“हाय टेलर।”

“एना।” उसने गर्दन हिलाई।

“तुम्हारी बेटी ठीक है?”

“हां, थैंक्स। मेरी पिछली पत्नी को लगा कि उसे एपेंडिसाइटिस है पर वह कुछ ज्यादा ही चिंता कर रही थी।” टेलर ने आंखें नचाकर मुझे हैरान कर दिया।

“सोफी ठीक है। बस पेट में थोड़ा इंफेक्शन था।”

“सॉरी!”

वह मुस्कुराया।

“क्या चार्ली टैंगो मिल गया?”

“हां। रिकवरी टीम आज रात तक लौट आएगी।”

“अच्छा।”

“ओ के मैम!”

वह चला गया। मुझे मैम शब्द सुनने की भी आदत डाल ही लेनी चाहिए।

मैं आलू उबलने के इंतज़ार में थी। मैंने पर्स से फोन निकाला। केट का मैसेज था।

आज शाम मिलते हैं। लंबी गप्पें लगानी हैं।

मैंने मैसेज किया

हां, मुझे भी बहुत सी बातें करनी हैं।

केट से बात करना अच्छा रहेगा।

मैंने जल्दी से अपने क्रिस्टियन को ई-मेल टाइप किया।

फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील

सब्जेक्ट: लंच

डेट: जून 18 2011 13:12

टू: क्रिस्टियन ग्रे

डियर मि. ग्रे!

मैं आपको ई-मेल करके बताना चाहती हूं कि लंच लगभग तैयार है।

और मैंने आज बड़े ही निराले तरीके का अनूठा सेक्स किया।

जन्मदिन के लिए ऐसा सेक्स किया जा सकता है।

एक और बात-आई लव यू

आपकी मंगेतर

मैं उसकी प्रतिक्रिया जानना चाहती थी पर शायद वह फोन पर है। तभी उसका जवाब आया।

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: अनूठा सेक्स

डेट: जून 18 2011 13:15

टू: एनेस्टेसिया स्टील

सेक्स का कौन सा अंश सबसे जबर्दस्त लगा?

मैं नोट्स ले रहा हूं।

क्रिस्टियन ग्रे

सुबह की थकान से पस्त और भूख से अधमरा

सीईओ, क्रिस्टियन ग्रे

पी एस: मुझे तुम्हारा नाम अच्छा लगा।

पी पी एस: बातचीत की कला को क्या हुआ?

फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील

सब्जेक्ट: भूख से अधमरा?

डेट: जून 18 2011 13:18

टू: क्रिस्टियन ग्रे

डियर मि. ग्रे

क्या मैं आपको अपने ई-मेल की पहली पंक्ति के बारे में याद दिला सकती हूं। लंच तैयार है इसलिए भूख से अधमरा होने की जरूरत नहीं है। …अनूठे और निराले सेक्स की बात करें तो यह पूरा ही शानदार रहा। मुझे तुम्हारे नोट्स पढ़ना अच्छा लगेगा। मुझे भी अपने साइन पसंद आए।

आपकी मंगेतर

पी एस: आप इतने बातूनी कब से हो गए। पता नहीं कब से फोन पर लगे हैं!

मैंने मेल भेजा तो देखा कि वह सामने ही खड़ा था। इससे पहले कि मैं कुछ कहती। वह रसोई में आया और मुझे चूम लिया।

“मिस स्टील!” नंगे पांव, बिखरे बाल, जींस और सफेद कमीज़। वह मुझे बेदम कर ऑफिस में वापिस लौट गया।

मैंने जलकुंभी, धनिए और क्रीम की डिप भी बनाई और नाश्ता लगा दिया। मुझे उसे काम के दौरान तंग करना पसंद नहीं है। पर अब मैं उसके ऑफिस के दरवाजे पर हूं। वह अब भी फोन पर है। वह मुझे लगातार ताकने लगा।

“उन्हें आने दो और अकेला छोड़ दो। ईया, समझीं?” उसने आंखें नचाईं।

मैंने आने का इशारा किया तो उसने गर्दन हिला दी।

“मैं बाद में मिलता हूं। एक और फोन!”

“क्यों नहीं?”

“ये ड्रिंक्स बहुत छोटी है।”

“तुम्हें पसंद आई। ये हल्की फिरोजी पोशाक सागरतट के लिए उपयुक्त है।”

“एना! तुम इसमें प्यारी दिख रही हो। मैं नहीं चाहता कि कोई तुम्हारी ऐसी सुंदरता देखे।”

“ओह! हम तो घर में हैं। आज तो कोई भी नहीं है।”

उसने कुछ सोचकर गर्दन हिलाई और मैं रसोई में आ गई।

पांच मिनट बाद, वह हाथों में फोन लिए आ गया।

“फोन पर रे से बात करो।” उसने मुझे फोन दे दिया।

मेरे तो होश ही गुल हो गए।

“क्या तुम्हें उन्हें बता दिया?”

शिट! “हाय डैड!”

“क्रिस्टियन ने अभी मुझे बताया कि तुमने उसे शादी के लिए हामी दे दी है।”

रे बोलकर चुप हो गए।

“आपने क्या जवाब दिया?” मैंने पूछा।

“मैंने कहा कि मैं पहले तुमसे बात करना चाहता हूं। तुम्हें नहीं लगता कि ये अचानक हो गया। तुम अभी उसे जानती ही कितना हो। वह अच्छा लड़का है… पर इतनी जल्दी शादी?” वे शांत सुर में बोले।

“हां। ये अचानक ही हो गया…” मैं क्रिस्टियन से थोड़ा परे आ गई।

हां, अचानक हो गया पर मैं उससे प्यार करती हूं। वह मुझे प्यार करता है और शादी करना चाहता है। हाय! मैंने आज तक अपने डैड से ऐसी अंतरंग बातें कभी नहीं कीं।

रे चुप ही रहे और फिर बोले, “अपनी मॉम से बात की?”

“नहीं”

“एनी! …बेशक वह लायक और पैसे वाला है पर शादी एक बड़ा कदम है। तुम्हें मॉम से बात करनी चाहिए।”

“डैड! मुझे वह बहुत पसंद है। वह मेरे लिए सब कुछ है।”

“एनी! एनी! एनी। तुम जो भी करना, सोच-समझ कर करना। जरा उसे फोन देना।”

“जी डैड! क्या आप शादी में आएंगे?”

“हनी। मेरे लिए इससे बड़ा खुशी का दिन क्या होगा।” वे भावुक हो गए।

ओ रे! आई लव यू सो मच… मैंने अपने आंसुओं पर काबू पाया।

“थैंक्स डैड! मैं क्रिस्टियन को फोन देती हूं। उससे आराम से बात करना।”

ऐसा लगा कि वे हंस रहे थे।

“हां एनी। क्रिस्टियन के साथ इस बूढ़े से मिलने आना।”

मैंने क्रिस्टियन को फोन दे दिया। अहमक ने मुझे बताए बिना ही फोन कर दिया। मैंने अपना गुस्सा दिखाया तो वह हंसने लगा।

“दो मिनट में आया।” वह अन्दर चला गया।

फिर उसने आकर हंसते हुए बताया कि वह मेरे पिता से आशीर्वाद लेने में सफल रहा। मैं भी गुस्सा भुला कर हंसने लगी।

“हद है! एना! तू तो बहुत अच्छी कुक है।”

क्रिस्टियन ने अपना आखिरी निवाला खत्म किया और अपना वाइन का गिलास मेरी ओर बढ़ा दिया। मैं उसकी तारीफ से खिल उठी। शायद मुझे इसके जन्मदिन के लिए केक भी बनाना चाहिए। मैंने घड़ी देखी। मेरे पास अभी वक्त है।

“एना? उसने मेरी सोच में बाधा दी। तुमने मुझे अपनी तस्वीर क्यों नहीं लेने दी?” उसने हौले से कहा

ओह शिट! फोटो। मैंने खाली प्लेटो को ताका और फिर मुंह नीचे कर लिया। मैं क्या कह सकती हूं? मैंने अपने-आप से वादा किया था कि उससे अलमारी में देखे गए फोटो के बारे में कोई बात नहीं करूंगी।

“एना! क्या बात है?” उसने मुझे अपनी आवाज़ से बुरी तरह से चौंका दिया। इसे तो मुझे डराने में बिल्कुल देर नहीं लगती।

“मुझे तुम्हारे वे फोटो मिले थे।” मैंने कहा।

उसकी आंखें फटी रह गईं। “तुमने सेफ में रखी देखी थीं?” उसने हैरानी से पूछा

“सेफ? मुझे तो पता भी नहीं कि तुम्हारे पास कोई तिजोरी भी है।”

मैं कुछ समझा नहीं।

“मैंने उन्हें तुम्हारी अलमारी में एक बॉक्स में देखा, जब मैं तुम्हारी वह टाई खोज रही थी… वही जो तुम प्लेरूम में पहनते हो।” मैं खिसिया गई।

उसने मुझे घबराहट से देखते हुए, बालों में हाथ फिराए। उसने अपनी ठोडी मली पर चेहरे की उलझन को दूर नहीं कर सका। तभी उसके चेहरे के कोने पर प्यारी सी मुस्कान खेल गई।

“ऐसा कुछ नहीं है जो तुम सोच रही हो। दरअसल मैं तो उन्हें वहां से हटा चुका था। वे मेरी तिजोरी में रखी थीं।”

“तो वे अलमारी में कैसे आईं?”

“केवल एक ही इंसान ऐसा है, जो ये कर सकता था?”

“कौन?”

उसने आह भरी और अपना सिर एक ओर झुका दिया

“अच्छा! तो वही, जो मैं भी सोच रही हूं।”

“सुनने में तुम्हें अजीब लग सकता है पर वे इंश्योरेंस पॉलिसी हैं।”

“मतलब।”

“हां, प्रदर्शन के विरुद्ध।”

मेरे दिमाग में उसके कहे शब्द हथौड़े की तरह गूंजने लगे।

“ओह!” इसके अलावा मुंह से कुछ निकला ही नहीं। मैंने आंखें मूंद लीं। ये ऐसा ही है।

“हां, तुमने ठीक कहा। वे जो भी हैं, सही हैं। मैं अब इस बारे में और नहीं जानना चाहती।” मैंने कहा और खाली प्लेटें उठाने लगी।

“एना?”

“क्या वे लड़कियां, वे सेक्स गुलाम इस बारे में जानती हैं?”

“बेशक, वे सब जानती हैं।”

“ओह!” उसने अचानक ही मुझे अपनी ओर खींच लिया।

“वे तस्वीरें तिजोरी में होनी चाहिए थीं। वे मन बहलाव के लिए नहीं हैं। हो सकता है कि जब उन्हें मूल रूप से लिया गया था, तब वे दिल बहलाव के काम आई हों पर…अब उनका कोई मोल नहीं रहा।”

“उन्हें अलमारी में किसने रखा?”

“यह लीला ही हो सकती है।”

“उसे तुम्हारी तिजोरी के कोड पता हैं?”

उसने कंधे झटके। “कह नहीं सकता। बड़ा-सा कोड है और मैं खुद बहुत कम इस्तेमाल करता हूं। यह एक ही नंबर है, जो कहीं लिखा हुआ है और मैंने इसे कभी बदला नहीं है। मैं सोच रहा था कि वह और क्या-क्या जानती है और यहां से क्या-क्या ले गई होगी? फिर वह मुझसे मुखातिब हुआ, तुम बात को दिल से मत लगाना। मैं उन तस्वीरों को नष्ट कर दूंगा।”

“क्रिस्टियन! वे तुम्हारी तस्वीरें हैं। तुम्हें जो अच्छा लगे, वैसा करो।”

“मेरे साथ ऐसे पेश मत आओ। मैं वह जिंदगी नहीं चाहता। मैं तो ऐसा जीवन चाहता हूं जिसमें बस हम-तुम ही साथ हों।”

ओह! इसे कैसे पता चला कि तस्वीरों की चिंता के पीछे मेरे अपने मन की चिंता छिपी है।

“एना! मुझे लगता है कि हम आज सुबह, उन सब राक्षसों से लड़ चुके हैं। क्या तुम्हें ऐसा नहीं लगता?”

मैंने अपनी मनोरंजन व आनंद से भरी सुबह को याद करते हुए मुस्कान दी।

“हां, मुझे भी ऐसा ही लगता है।”

“गुड! मैं उन्हें नष्ट कर दूंगा। फिर मुझे थोड़ा जरूरी काम भी निपटाना है।”

“बढ़िया! मुझे भी मॉम से बात करनी है। फिर थोड़ी खरीददारी और तुम्हारे लिए केक बेक करना है।” उसकी आंखें एक छोटे बच्चे की तरह दमक उठीं।

“एक केक?”

मैंने हामी दी।

“एक चॉकलेट केक?”

“तुम्हें चॉकलेट केक चाहिए?”

उसने हामी दी।

“मैं देखती हूं कि क्या कर सकती हूं, मि. ग्रे”

उसने मुझे एक बार और चूम लिया।

कारला तो सुनकर सन्न ही रह गईं।

“मॉम! कुछ तो बोलो।”

“एना! कहीं तुम गर्भवती तो नहीं हो?” वे सदमे के साथ बोलीं।

“नहीं, नहीं! ऐसी कोई बात नहीं है।”

अचानक ही मन मायूस हो गया। वे मेरे बारे में ऐसी राय रखती हैं। पर फिर मुझे याद आया कि जब मेरे पापा से उनकी शादी हुई तो वे गर्भवती थीं, शायद वे उसी एहसास को याद करके मुझसे ये सवाल कर रही हैं।

“सॉरी डार्लिंग! ये सब अचानक हुआ और क्रिस्टियन में कोई कमी नहीं है पर अभी तो तुम छोटी हो। तुम्हें दुनिया देखनी चाहिए।”

“मॉम! क्या आप मेरे लिए खुश नहीं हो सकतीं? मैं उससे प्यार करती हूं।”

“डार्लिंग! जरा मुझे इस बात के लिए अपने मन को राजी तो करने दो। ये किसी सदमे से कम नहीं है। मैं जार्जिया में ही जान गई थी कि तुम दोनों के रिश्ते में कुछ खास था पर शादी… ?”

जार्जिया में वह मुझे अपनी सेक्स गुलाम बनाना चाहता था पर मैं यह बात मॉम को नहीं बता सकती।

“क्या तारीख तय कर ली?”

“नहीं।”

“काश तुम्हारे पिता जीवित होते।” अरे नहीं, अब ये सब दोबारा शुरू न हो जाए।

“मैं जानती हूं मॉम। मुझे भी उन्हें ये बात बताना बहुत अच्छा लगता।”

“उन्होंने तुझे एक बार ही गोद में लिया था और उन्हें लगा था कि तुम दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की हो।” ऐसा लगा कि मॉम बहुत पुराना पारिवारिक किस्सा सुना रही हों। अब उनके आंसू टपकने ही वाले थे।

“मैं जानती हूं मॉम।”

“और फिर वे इस दुनिया में नहीं रहे।”

“मॉम!” दिल कर रहा था कि उनके पास जाकर उन्हें थाम लूं।

“मैं एक मूर्ख बूढ़ी औरत हूं बेशक डार्लिंग! मैं तुम्हारे लिए बहुत खुश हूं। क्या रे जानता है?” लगता है कि उन्होंने खुद को संभाल लिया है।

“क्रिस्टियन ने अभी उनसे पूछा है।”

“ओह बहुत अच्छे।”

“डार्लिंग! मैं तुम्हारे लिए बहुत खुश हूं और तुमसे बहुत प्यार करती हूं। तुम दोनों मेरे पास जरूर आना।”

“हां मॉम! मैं भी आपको प्यार करती हूं।”

“बॉब बुला रहा है। मैं चलती हूं। हमें तारीख बताना। हम आने की योजना बनाएंगे। क्या तुम तामझाम से भरी शादी… ?”

“नहीं मॉम, अभी तो इन बातों के बारे में कुछ नहीं सोचा। नहीं, वैसे मैं सादी शादी ही चाहती हूं।”

“जैसे ही कुछ तय होगा, मैं आपको बता दूंगी।”

“अपना ख़याल रखना। अभी तुम दोनों जिंदगी के मज़े लेना। बच्चों के बारे में सोचने के लिए सारी जिंदगी पड़ी है।”

बच्चे! मॉम भी न अजीब ही हैं! शायद मैंने जल्दी जन्म लेकर अच्छा नहीं किया था।

“मॉम! मैंने आपका जीवन तबाह कर दिया न?”

“नहीं बच्ची। एना, ऐसा कभी मत सोचना। मेरे और तुम्हारे पिता की जिंदगी में, तुम्हारे आने से बहार आ गई थी। काश वे जीवित होते, वे तुम्हें बड़ा होते और शादी करते देखते।” वे फिर से अपने राग के पास पहुंच रही थीं।

“काश कि ऐसा होता।” मैंने भी अपने पौराणिक पिता के बारे में सोचते हुए गर्दन झटकी।

“मॉम! मैं जल्दी ही दोबारा फोन करूंगी।”

“लव यू डार्लिंग!”

“मैं भी मॉम! गुडबाय!”

क्रिस्टियन की रसोई में काम करना भी किसी सपने जैसा ही लगता है। ऐसा बंदा, जो खाना पकाने के बारे में कुछ नहीं जानता, उनकी रसोई में हर चीज़ मौजूद है।मुझे लगता है कि मिसेज जोंस भी खाना पकाने की शौकीन हैं। बस मुझे फ्रास्टिंग के लिए थोड़ी अच्छी चॉकलेट चाहिए। मैंने केक के टुकड़ों को वहीं रैक पर छोड़ा, पर्स उठाया और उसकी स्टडी में झांका। वह कंप्यूटर स्क्रीन पर व्यस्त है। उसने मुझे देखकर मुस्कान दी।

“मैं जरा स्टोर से थोड़ा-सामान लेकर आ रही हूं।”

“अच्छा।” उसने भवें सिकोड़ीं।

“क्या?”

“तुम जींस नहीं पहन रहीं?”

“ओह! छोड़ो भी, थोड़ी टांगें ही तो दिख रही हैं।”

उसने मुझे गुस्से से देखा। कहीं लड़ाई न हो जाए। मैंने किसी ढीठ किशोरी की तरह आंखें नचाईं।

“अगर हम किसी समुद्र तट पर होते।” मैंने बात बदली।

“हम सागर तट पर नहीं हैं।”

“अगर हम वहां होते, तब भी तुम आपत्ति करते?”

उसने एक पल के लिए सोचकर कहा, “नहीं!”

मैंने आंखें नचाईं और कहा, “ठीक है, तुम कल्पना कर लो कि हम वहीं हैं।”

इससे पहले कि वह कुछ कहता, मैं तीर की तरह बाहर निकल आई।

ओह! उसे धत्त बता कर अच्छा लगा पर घर से निकलते ही लगा कि मैंने कुछ गलत कर दिया।

मैंने सोए शेर को जगाया है। अब घर आकर मेरी खैर नहीं! वैसे मुझे मर्दों के साथ रहने का कोई खास अनुभव भी नहीं रहा है। रे के साथ रहती थी तो वे इन गिनती में नहीं आते, वे तो मेरे डैड थे।

और अब मैं क्रिस्टियन के साथ रह रही हूं, जो कभी किसी के साथ नहीं रहा। घर जाकर पूछना होगा कि वह मुझसे बात कर रहा है या नहीं।

पर मुझे यह भी लगता है कि मुझे वही पहनना चाहिए, जो मुझे अच्छा लगे। मुझे उसके नियम याद हैं। वैसे जब उसने खरीद कर दी है तो मैं क्यों न पहनूं। या तो उसे स्टोर वालों को पहले ही हिदायत दे देनी चाहिए थी कि वे ज्यादा छोटी पोशाकें न भेजें।

ये स्कर्ट इतनी छोटी तो नहीं है? है न? मैंने लॉबी के शीशे में देखा। हद हो गई, यह तो वाकई बहुत छोटी है। बेशक, मुझे घर आकर नतीजा भुगतना होगा। मैं यही सोचने लगी कि वह क्या करेगा पर पहले मुझे कुछ पैसे निकलवाने हैं।

मैंने एटीएम की रसीद पर नज़र मारी। 51, 689, 16 डॉलर हाय! यह तो पचास से भी ज्यादा हैं। एनेस्टेसिया! अगर तुमने हां कहा है तो तुम्हें अमीर होने की आदत डालनी होगी।

मैंने पचास डॉलर का सामान लिया और स्टोर से बाहर आ गई।

मैं घर आते ही सीधा रसोई की ओर चल दी। वह अब भी स्टडी में ही है। मैंने सारी दोपहर खुद को उसका सामना करने के लिए तैयार किया। उसके स्टडी में भी झांका पर वह बाहर देखते हुए, किसी से फोन पर बात कर रहा था।

“और यूरोकॉप्टर विशेषज्ञ सोमवार दोपहर आएगा…? ठीक है, मुझे बता देना। उन्हें बताना कि सोमवार या मंगलवार को मुझे रिपोर्ट चाहिए।” उसने फोन रखा और मुझे देखते ही उसके चेहरे के भाव बदल गए।

“हाय!” मैं उसकी स्टडी में चली गई। मैं उसके सामने खड़ी हूं और वह लगातार मुझे ही ताक रहा है।

“मैं आ गई। क्या तुम मुझसे नाराज़ हो?”

“सॉरी! पता नहीं मुझे क्या हो गया था?”

“पता नहीं, मुझे भी क्या हो गया था? तुम जो जी में आए, पहन सकती हो।” उसने मेरी नंगी जांघों पर हाथ फिराते हुए कहा, वैसे इस पोशाक के अपने ही फायदे भी हैं। वह मुझे चूमने झुका और इसके साथ ही हमारे शरीरों में वासना का ज्वार उमड़ पड़ा। उसने बहुत ही दीवानगी से मेरे होंठ, गाल, कान और गले को हौले-हौले कुतरना शुरू कर दिया। और इससे पहले कि मैं जान पाती, उसने पैंट की जिप खोली और हम उसकी स्टडी में ही…।

“मुझे सॉरी कहने का अंदाज अच्छा लगा।” उसने मेरे बालों को सूंघकर कहा।

“और मुझे तुम्हारा। क्या तुमने पूरी बाजी खेल ली?”

“एना! क्या तुम और चाहती हो?”

“नहीं! बाबा, तुम्हारा काम।”

“बस आधे घंटे का रह गया। मैंने वॉयस मेल पर तुम्हारा संदेश सुना।”

“कल वाला?”

“तुम चिंता में दिखी।”

मैंने उसे कस कर थाम लिया।

“हां, मुझे चिंता थी क्योंकि तुम कभी ऐसा नहीं करते।”

उसने मेरे बाल चूम लिए।

“तुम्हारा केक आधे घंटे में तैयार हो जाना चाहिए।” मैं मुस्करा कर उसकी गोद से निकल गई।

“हूं! बेकिंग के समय भी बड़ी प्यारी खुशबू आ रही है।”

“ओह!” मैंने आगे झुककर उसके मुंह के कोने को चूमा और रसोई की ओर चल दी।

जब वह स्टडी से लौटा तो मेरी सारी तैयारी हो गई थी और मैं केक पर इकलौती सुनहरी मोमबत्ती लगा रही थी मैंने उसके लिए बड़े ही प्यार से जन्मदिन का गीत गाया। फिर उसने मोमबअटाी बुझा कर आंखें मूंद लीं।

“मैंने अपनी विश मांग ली है।” उसने कहा।

“केक की फ्रास्टिंग अभी थोड़ी नरम है। उम्मीद करती हूं कि तुम्हें पसंद आएगा।”

“एनेस्टेसिया! मुझसे तो चखे बिना रहा नहीं जा रहा।” मैंने एक छोटा-सा स्लाइस काटा और हम कांटों से खाने लगे।

“मम्म! बहुत ही स्वादिष्ट! तभी तो मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं।”

और मैं सुकून की हंसी हंसने लगी। उसे केक पसंद आ गया था।

“मेरे परिवार से मिलने को तैयार?” क्रिस्टियन ने अपने घर की पार्किंग में गाड़ी लगाते हुए पूछा।

“हां, क्या तुम उन्हें कहने जा रहे हो?”

“बेशक! मैं देखना चाहता हूं कि वे क्या जवाब देंगे या सुनकर कैसे पेश आएंगे।” वह मुझे देखकर दुष्टता से मुस्कुराया।

मैंने आज हरे रंग की कॉकटेल पोशाक पहनी है। इसके साथ चौड़ी सी मेल खाती बेल्ट भी है। हम आगे बढ़े तो कैरिक ने दरवाजा खटखटाने से पहले ही खोल दिया।

“क्रिस्टियन हैलो! जन्मदिन मुबारक हो बेटा” उन्होंने बेटे से हाथ मिलाने से पहले, उसे गले से लगा कर चौंका दिया।

“ओह… थैंक्स डैड!”

“एना! तुम्हें देखकर कितना अच्छा लग रहा है।” उन्होंने मुझे भी गले से लगाया और हम अन्दर चले गए।

इससे पहले कि हम आगे बढ़ पाते। गलियारे एक कोने से केट दनदनाती हुई सामने आ गई। वह गुस्से में दिखी।

“ओह!”

“तुम दोनों से कोई बात करनी है।” उसकी आवाज़ में एक अलग ही पुट है। मैंने घबरा कर क्रिस्टियन को देखा, उसने कंधे झटक दिए और हम डाईनिंग रूम की ओर चल दिए। कैरिक वहीं हैरान खड़े रह गए। केट दरवाजा बंद करके मेरी ओर मुड़ी।

“ये सब क्या बकवास है?” वह गुस्से से बोली और कागज का एक टुकड़ा मेरे मुंह पर दे मारा। मैंने उसे उठा कर देखा तो हतप्रभ रह गई। हाय! ये क्या। मेरा मुंह सूख गया। ये तो मेरे ई-मेल का जवाब है, जो मैंने क्रिस्टियन से अनुबंध की चर्चा करते हुए लिखा था।