Flowers for Chaitra Navratri: इस वक्त देशभर में चैत्र नवरात्रि का त्यौहार मनाया जा रहा है। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 9 अप्रैल से हो चुकी है और इसका समापन 17 अप्रैल को होगा। वैसे तो साल भर में 4 बार नवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है। जिसमें से चैत्र माह में मनाई जाने वाली नवरात्रि और अश्विन माह में मनाई जाने वाली नवरात्रि का विशेष महत्व है। नवरात्रि के त्यौहार को लेकर लोगों में अलग ही उत्साह और उल्लास देखने को मिलता है।
सभी भक्तजन नवरात्रि के नौ दिनों तक माता रानी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। अगर आप भी जीवन की तमाम परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए माता रानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करना चाहते हैं तो आपको माता रानी को उनके पसंदीदा फूल जरूर अर्पित करना चाहिए। इसी के साथ चलिए जानते हैं कि अपनी सभी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए माता रानी को कौन-कौन से फूल जरूर अर्पित करने चाहिए।
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चैत्र नवरात्रि के दौरान कौन-कौन से फूल करें माता रानी को अर्पित
1)गुड़हल का फूल

नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा के लिए अनेक प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाता है, जिनमें गुड़हल का फूल विशेष महत्व रखता है। गुड़हल का लाल रंग शक्ति और साहस का प्रतीक है, जो देवी दुर्गा को अत्यंत प्रिय है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुड़हल के फूल के विभिन्न भागों में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। गुड़हल के फूल से मां बुध और केतु ग्रह से संबंधित दोषों को दूर करती हैं। मां दुर्गा को गुड़हल का फूल अर्पित करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अलावा गुड़हल के फूल के कई वैज्ञानिक महत्व भी है जैसे गुड़हल के फूल में एंथोसाइनिन और विटामिन सी जैसे कई गुणकारी तत्व होते हैं। गुड़हल का फूल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। गुड़हल का फूल रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। गुड़हल का फूल त्वचा के लिए भी लाभदायक होता है।
2)कमल का फूल

नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा के लिए अनेक प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाता है, जिनमें कमल का फूल विशेष महत्व रखता है। कमल का फूल पवित्रता, ज्ञान और सुंदरता का प्रतीक है।कमल का फूल देवी लक्ष्मी का आसन है, इसलिए मां दुर्गा को कमल का फूल चढ़ाने से धन-धान्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। कमल का फूल मोक्ष का मार्ग भी दर्शाता है।कमल का फूल कीचड़ में भी खिलता है, जो यह दर्शाता है कि मनुष्य को कितनी भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़े, उसे हार नहीं माननी चाहिए।
3)चमेली का फूल

नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा के लिए अनेक प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाता है, जिनमें चमेली का फूल विशेष महत्व रखता है। चमेली का फूल अपनी मधुर सुगंध के लिए जाना जाता है। चमेली का फूल पवित्रता और सौंदर्य का प्रतीक है। चमेली का फूल देवी लक्ष्मी का प्रिय फूल है, इसलिए मां दुर्गा को चमेली का फूल चढ़ाने से धन-धान्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। चमेली का फूल मन को शांति प्रदान करता है। चमेली फूल के कई वैज्ञानिक महत्व है जैसे चमेली के फूल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। चमेली का फूल मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। चमेली का फूल त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है।
4)गुलदाउदी का फूल

नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा के लिए अनेक प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाता है, जिनमें गुलदाउदी का फूल भी विशेष महत्व रखता है। गुलदाउदी का फूल सूर्यदेव का प्रिय फूल माना जाता है। गुलदाउदी का फूल पीले रंग का होता है, जो धन-समृद्धि का प्रतीक है। गुलदाउदी का फूल विजय का प्रतीक भी है। गुलदाउदी का फूल दीर्घायु का प्रतीक भी माना जाता है। गुलदाउदी फूल के कई वैज्ञानिक महत्व है जैसे गुलदाउदी के फूल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। गुलदाउदी का फूल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। गुलदाउदी का फूल त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है।
